IPO से पहले इस कंपनी का बड़ा दांव! BiteSpeed के साथ मिलकर लॉन्च किया AI प्लेटफॉर्म, यूजर्स को मिलेंगे ये फायदे
Razorpay इन दिनों अपने IPO को लेकर चर्चा में है. कंपनी ने हाल ही में करीब 600 मिलियन डॉलर के IPO के लिए गोपनीय रूप से दस्तावेज जमा किए हैं. इसी बीच कंपनी ने एक बड़ा कारोबारी कदम उठाया है. Razorpay ने ग्राहक जुड़ाव और मार्केटिंग टेक्नोलॉजी कंपनी BiteSpeed के साथ साझेदारी की है.
Razorpay IPO: भारतीय फिनटेक कंपनी Razorpay इन दिनों अपने IPO को लेकर चर्चा में है. कंपनी ने हाल ही में करीब 600 मिलियन डॉलर के IPO के लिए गोपनीय रूप से दस्तावेज जमा किए हैं. इसी बीच कंपनी ने एक बड़ा कारोबारी कदम उठाया है. Razorpay ने ग्राहक जुड़ाव और मार्केटिंग टेक्नोलॉजी कंपनी BiteSpeed के साथ साझेदारी की है. दोनों कंपनियां मिलकर D2C यानी सीधे ग्राहकों को सामान बेचने वाले ब्रांड्स के लिए एक नया AI आधारित प्लेटफॉर्म लेकर आई हैं.
इसका मकसद ऑनलाइन खरीदारी को आसान बनाना, ग्राहकों को दोबारा खरीदारी के लिए प्रेरित करना और कंपनियों की बिक्री बढ़ाना है. बाजार जानकारों का मानना है कि IPO से पहले Razorpay का यह कदम कंपनी की ग्रोथ रणनीति का अहम हिस्सा हो सकता है. इससे कंपनी अपने कारोबार को और मजबूत बनाने के साथ नए ग्राहकों को जोड़ने की कोशिश कर रही है.
क्या है Razorpay और BiteSpeed की नई साझेदारी?
- Razorpay और BiteSpeed ने मिलकर एक ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार किया है जो ऑनलाइन खरीदारी के पूरे अनुभव को आसान बनाएगा.
- इस प्लेटफॉर्म में BiteSpeed की AI आधारित ग्राहक जुड़ाव तकनीक और Razorpay का वन-क्लिक चेकआउट सिस्टम एक साथ काम करेंगे.
- इससे ग्राहक वेबसाइट, व्हाट्सऐप, एसएमएस, ईमेल और वॉइस जैसे कई माध्यमों पर आसानी से खरीदारी कर सकेंगे.
D2C कंपनियों को क्या होगा फायदा?
कई बार ग्राहक सामान चुनने के बाद भी भुगतान पूरा नहीं करते और खरीदारी बीच में छोड़ देते हैं. नई तकनीक ऐसे ग्राहकों को दोबारा जोड़ने में मदद करेगी. कंपनियों का दावा है कि इससे खोई हुई बिक्री में 15 फीसदी तक सुधार हो सकता है. साथ ही ग्राहक दोबारा खरीदारी करने के लिए भी प्रेरित होंगे, जिससे कंपनियों की कमाई बढ़ सकती है.
कई बड़े ब्रांड पहले से कर रहे इस्तेमाल
- Comet, Nish Hair और Safari Bags जैसे कई D2C ब्रांड पहले से इस तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं.
- कंपनियों के अनुसार इस सिस्टम से औसतन 10 फीसदी तक ज्यादा बिक्री देखने को मिली है.
- इसके अलावा पेमेंट प्रोसेस भी पहले की तुलना में आसान हुई है.
ग्राहक डेटा और सुरक्षा पर भी फोकस
Razorpay और BiteSpeed का कहना है कि यह प्लेटफॉर्म ग्राहकों की अनुमति और डेटा सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. यह भारत के डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) नियमों के अनुरूप काम करेगा. Razorpay की पेमेंट सिस्टम और सुरक्षा फीचर ग्राहकों का भरोसा बढ़ाने में मदद करेंगे.
IPO से पहले क्यों अहम है यह कदम?
- Razorpay ऐसे समय में यह साझेदारी कर रही है जब D2C कंपनियां अपने ग्राहकों को बनाए रखने और ऑनलाइन बिक्री बढ़ाने पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं.
- ग्राहकों को जोड़ने की लागत लगातार बढ़ रही है, ऐसे में कंपनियां नई तकनीकों की मदद ले रही हैं.
- BiteSpeed के साथ यह साझेदारी Razorpay को सिर्फ भुगतान कंपनी नहीं, बल्कि एक पूरी डिजिटल कॉमर्स सेवा देने वाली कंपनी के रूप में मजबूत पहचान दिला सकती है.
- यही वजह है कि IPO से पहले Razorpay का यह कदम निवेशकों और बाजार दोनों की नजर में काफी अहम माना जा रहा है.
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