इस सरकारी कंपनी के OFS को मिला जोरदार रिस्पांस, पहले दिन 3.72 गुना सब्सक्राइब; ग्रीन शू ऑप्शन यूज करेगी सरकार
सरकार की General Insurance Corporation of India (GIC) में 5 फीसदी तक हिस्सेदारी बिक्री को निवेशकों का शानदार समर्थन मिला है. OFS के पहले दिन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां लगाईं, जिससे यह इश्यू 3.72 गुना सब्सक्राइब हो गया. मजबूत मांग को देखते हुए सरकार ने पूरा ग्रीन शू ऑप्शन इस्तेमाल करने का फैसला किया है.
GIC OFS: सरकार की जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (GIC) में हिस्सेदारी बिक्री को निवेशकों का शानदार समर्थन मिला है. ऑफर फॉर सेल (OFS) के पहले दिन ही यह इश्यू 3.72 गुना सब्सक्राइब हो गया. इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने 4000 करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां लगाईं. मजबूत मांग को देखते हुए सरकार ने पूरा ग्रीन शू ऑप्शन इस्तेमाल करने का फैसला किया है. अब रिटेल निवेशकों के लिए दूसरे दिन बोली लगाने का मौका उपलब्ध है.
पहले दिन ही 3.72 गुना सब्सक्रिप्शन
BSE के आंकड़ों के अनुसार गैर-रिटेल यानी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने GIC के 11.73 करोड़ से अधिक शेयरों के लिए बोली लगाई. यह उनके लिए आरक्षित 3.16 करोड़ शेयरों के मुकाबले 3.72 गुना अधिक है. इससे साफ है कि बड़े निवेशकों ने इस हिस्सेदारी बिक्री में मजबूत रुचि दिखाई है.
4000 करोड़ रुपये से ज्यादा की लगी बोलियां
OFS के लिए फ्लोर प्राइस 352.92 रुपये प्रति शेयर रही. इस आधार पर पहले दिन प्राप्त बोलियों का टोटल वैल्यू 4000 करोड़ रुपये से अधिक रहा. निवेशकों की इस मजबूत भागीदारी ने सरकार के डिसइनवेस्टमेंट प्रोग्राम को भी मजबूती दी है.
सरकार ने पूरा ग्रीन शू ऑप्शन किया इस्तेमाल
निवेशकों की भारी मांग को देखते हुए निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) ने पूरा ग्रीन शू ऑप्शन इस्तेमाल करने का फैसला लिया है. DIPAM सचिव अरुणिश चावला ने बताया कि पहले दिन OFS को उत्साहजनक रिस्पांस मिली और यह 3.72 गुना सब्सक्राइब हुआ. इसके बाद सरकार ने अतिरिक्त हिस्सेदारी बिक्री का विकल्प भी सक्रिय कर दिया.
5 फीसदी तक हिस्सेदारी बेच रही है सरकार
सरकार दो दिन के OFS के जरिए GIC में 2 फीसदी हिस्सेदारी बेच रही है. इसके अलावा 3 फीसदी अतिरिक्त हिस्सेदारी ग्रीन शू ऑप्शन के तहत उपलब्ध कराई गई है. इस तरह कुल 5 फीसदी हिस्सेदारी बिक्री के लिए रखी गई है, जो करीब 8.77 करोड़ शेयरों के बराबर है.
सरकार को 3000 करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद
सरकार इस OFS के जरिए लगभग 3000 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है. 352 रुपये प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस सोमवार के बंद भाव के मुकाबले करीब 9.36 फीसदी कम रखा गया था, ताकि निवेशकों को आकर्षित किया जा सके.
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चालू वित्त वर्ष में जुटाए 13,389 करोड़ रुपये
सरकार चालू वित्त वर्ष में अब तक पब्लिक सेक्टर की कंपनियों में हिस्सेदारी बिक्री के जरिए 13,389 करोड़ रुपये जुटा चुकी है. इसमें Coal India से 5,542 करोड़ रुपये, NHPC से 4,357 करोड़ रुपये, Central Bank of India से 2,266 करोड़ रुपये और NLC India से 1,223 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं.
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