इन 3 म्यूचुअल फंड ने दिया 21% तक का रिटर्न, ₹10000 की SIP बनी ₹35 लाख; जानें पूरा कैलकुलेशन
मिड कैप फंड्स ने पिछले एक दशक में निवेशकों को शानदार रिटर्न देकर वेल्थ क्रिएशन का मजबूत उदाहरण पेश किया है. आंकड़ों के अनुसार, हर महीने 10,000 रुपये की एसआईपी करने वाले निवेशकों का 12 लाख रुपये का कुल निवेश 35 लाख रुपये से अधिक में बदल गया. इन फंड्स ने 20 फीसदी से अधिक एक्सआईआरआर दिया है.

SIP Investment: म्यूचुअल फंड निवेशकों के बीच मिड कैप फंड्स पिछले कुछ वर्षों में तेजी से लोकप्रिय हुए हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि ये फंड्स निवेशकों को लार्ज कैप फंड्स की तुलना में अधिक ग्रोथ की संभावना देते हैं, जबकि स्मॉल कैप फंड्स के मुकाबले अपेक्षाकृत कम जोखिम वाले माने जाते हैं. यही कारण है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मिड कैप फंड्स एक मजबूत माध्यम बनकर उभरे हैं.
विशेष रूप से सिस्टेमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के जरिए निवेश करने वाले निवेशकों को मिड कैप फंड्स ने शानदार रिटर्न दिया है. इसका ताजा उदाहरण तीन ऐसे मिड कैप फंड्स हैं, जिन्होंने पिछले 10 वर्षों में हर महीने 10,000 रुपये की एसआईपी को 35 लाख रुपये से अधिक की राशि में बदल दिया.
Edelweiss Mid Cap Fund ने दिया सबसे ज्यादा रिटर्न
इस सूची में पहला नाम Edelweiss Mid Cap Fund का है. दिसंबर 2007 में लॉन्च हुए इस फंड का निवेश दृष्टिकोण बॉटम-अप स्ट्रेटेजी पर आधारित है. फंड उन कंपनियों का चयन करता है, जिनमें लंबी अवधि की मजबूत ग्रोथ क्षमता दिखाई देती है. इक्विटीमास्टर की रिपोर्ट के मुताबिक, यदि किसी निवेशक ने पिछले 10 वर्षों तक हर महीने 10,000 रुपये की एसआईपी की होती, तो उसका कुल निवेश 12 लाख रुपये होता.
यह राशि अब बढ़कर लगभग 36.6 लाख रुपये हो जाती. फंड ने इस दौरान 21.1 फीसदी का XIRR दिया है. फंड की प्रमुख होल्डिंग्स में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया, द फेडरल बैंक, बीएसई, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक और मैरिको जैसी कंपनियां शामिल हैं.
Invesco India Midcap Fund भी नहीं रहा पीछे
दूसरे स्थान पर Invesco India Midcap Fund है. अप्रैल 2007 में लॉन्च हुए इस फंड का उद्देश्य मजबूत बिजनेस मॉडल वाली कंपनियों में निवेश करना है, जिनमें लंबी अवधि में बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता हो. इस फंड में 10 वर्षों तक 10,000 रुपये मासिक एसआईपी करने पर 12 लाख रुपये का कुल निवेश बढ़कर लगभग 36.3 लाख रुपये हो गया होता. इस दौरान फंड ने 20.9 फीसदी का XIRR दिया है. फंड की प्रमुख होल्डिंग्स में प्रेस्टीज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स, बीएसई, द फेडरल बैंक, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक और इटरनल शामिल हैं.
Nippon India Growth Mid Cap Fund ने भी किया कमाल
तीसरे स्थान पर Nippon India Growth Mid Cap Fund है, जो इस श्रेणी के सबसे पुराने फंड्स में से एक माना जाता है. अक्टूबर 1995 में शुरू हुए इस फंड का निवेश दर्शन “ग्रोथ एट रीजनबल प्राइस” स्ट्रेटेजी पर आधारित है. यदि किसी निवेशक ने इसमें 10 वर्षों तक हर महीने 10,000 रुपये की एसआईपी की होती, तो उसका 12 लाख रुपये का निवेश बढ़कर लगभग 35.5 लाख रुपये हो जाता. फंड ने इस अवधि में 20.5 फीसदी का XIRR दिया है. फंड के पोर्टफोलियो में बीएसई, फोर्टिस हेल्थकेयर, द फेडरल बैंक, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक और भारत फोर्ज जैसी कंपनियां शामिल हैं.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.