ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड ने लॉन्च किया Nifty Smallcap 250 ETF, जानिए NFO की तारीख और खास बातें
इस ETF का NFO 9 जून 2026 से 16 जून 2026 तक खुला रहेगा. योजना में कोई एग्जिट लोड नहीं है. निवेशक NFO अवधि के दौरान कम से कम 1,000 रुपये से निवेश शुरू कर सकते हैं. इसके बाद अतिरिक्त निवेश 1 रुपये के गुणकों में किया जा सकेगा. इस योजना का बेंचमार्क Nifty Smallcap 250 TRI होगा. फंड का प्रबंधन Nishit Patel, Ashwini Bharucha और Venus Ahuja करेंगे.
ICICI Prudential Mutual Fund ने निवेशकों के लिए एक नया एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) लॉन्च किया है. ICICI Prudential Nifty Smallcap 250 ETF नाम का यह फंड Nifty Smallcap 250 Index को ट्रैक करेगा और इसमें शामिल कंपनियों के शेयरों में निवेश करेगा. इस योजना का न्यू फंड ऑफर (NFO) 9 जून 2026 से खुल चुका है और 16 जून 2026 तक निवेश के लिए खुला रहेगा.
ETF करेगा Nifty Smallcap 250 Index को ट्रैक
यह ETF Nifty Smallcap 250 Index पर आधारित है. इस इंडेक्स में Nifty 500 यूनिवर्स के भीतर मार्केट कैपिटलाइजेशन के आधार पर 251वें से 500वें स्थान तक की कंपनियां शामिल होती हैं. इस ETF के जरिए निवेशकों को उभरती हुई स्मॉलकैप कंपनियों के डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो में निवेश का मौका मिलेगा. यह एक पैसिव निवेश उत्पाद है, जिसका उद्देश्य इंडेक्स के प्रदर्शन के अनुरूप रिटर्न देना है. फंड हाउस के मुताबिक इंडेक्स में शामिल कंपनियां मैन्युफैक्चरिंग विस्तार, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, डिजिटलीकरण और बढ़ती घरेलू खपत जैसे बड़े आर्थिक रुझानों का फायदा उठा रही हैं.
स्मॉलकैप सेगमेंट ने दिखाई तेज ग्रोथ
ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड के अनुसार, Nifty 500 की कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 2018 में करीब 138 लाख करोड़ रुपये थी, जो 2025 तक बढ़कर 422 लाख करोड़ रुपये हो गई. यानी इसमें लगभग 3.1 गुना वृद्धि हुई. वहीं इसी अवधि में स्मॉलकैप सेगमेंट का आकार 12 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 50 लाख करोड़ रुपये हो गया. इसका मतलब है कि स्मॉलकैप कंपनियों का बाजार मूल्य करीब 4.2 गुना बढ़ा, जो इस सेगमेंट की बढ़ती अहमियत को दर्शाता है.
करीब 20 सेक्टर्स में मिलेगा निवेश का मौका
Nifty Smallcap 250 Index निवेशकों को लगभग 20 अलग-अलग सेक्टर्स में एक्सपोजर देता है. इनमें फाइनेंशियल सर्विसेज, हेल्थकेयर, सूचना प्रौद्योगिकी (IT), कैपिटल गुड्स, केमिकल्स, कंज्यूमर सर्विसेज और ऑटो कंपोनेंट्स जैसे सेक्टर्स शामिल हैं. फंड हाउस का कहना है कि व्यापक सेक्टोरल विविधता के कारण निवेशक एक ही निवेश के जरिए अर्थव्यवस्था के कई ग्रोथ क्षेत्रों में भागीदारी कर सकते हैं.
ऐतिहासिक प्रदर्शन और वैल्यूएशन
31 मई 2026 तक Nifty Smallcap 250 Total Return Index (TRI) 4,422 अंक पर था, जबकि Nifty 500 TRI 3,929 अंक पर रहा. दोनों इंडेक्स को 1 अप्रैल 2016 को 1,000 के बेस लेवल से रीबेस किया गया था. फंड हाउस के अनुसार, लंबे समय में Nifty Smallcap 250 TRI ने Nifty 500 TRI से बेहतर प्रदर्शन किया है. हालांकि, स्मॉलकैप श्रेणी में उतार-चढ़ाव भी अपेक्षाकृत अधिक रहा है. वैल्यूएशन की बात करें तो Nifty Smallcap 250 Index फिलहाल 33.7 गुना PE पर कारोबार कर रहा है, जबकि इसका पांच साल का औसत PE 26.3 गुना रहा है. वहीं PB अनुपात 3.6 गुना है, जो इसके ऐतिहासिक औसत के करीब है.
NFO की प्रमुख जानकारी
इस ETF का NFO 9 जून 2026 से 16 जून 2026 तक खुला रहेगा. योजना में कोई एग्जिट लोड नहीं है. निवेशक NFO अवधि के दौरान कम से कम 1,000 रुपये से निवेश शुरू कर सकते हैं. इसके बाद अतिरिक्त निवेश 1 रुपये के गुणकों में किया जा सकेगा. इस योजना का बेंचमार्क Nifty Smallcap 250 TRI होगा.
क्या है ICICI Prudential Nifty Smallcap 250 ETF?
ICICI Prudential Nifty Smallcap 250 ETF एक ओपन-एंडेड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड है, जिसका उद्देश्य Nifty Smallcap 250 Index के अनुरूप रिटर्न प्रदान करना है. हालांकि, वास्तविक प्रदर्शन में ट्रैकिंग एरर के कारण कुछ अंतर हो सकता है. ऐसे निवेशक जो लंबी अवधि में स्मॉलकैप कंपनियों की संभावित वृद्धि का फायदा उठाना चाहते हैं और साथ ही डायवर्सिफाइड भी चाहते हैं, उनके लिए यह योजना एक विकल्प के रूप में देखी जा सकती है.
इसे भी पढ़ें- विदेशी निवेशकों पर RBI मेहरबान! NRI-OCI के लिए बढ़ाई निवेश की सीमा, क्या शेयर बाजार में लौटेगी रौनक?
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
Latest Stories
हर महीने सिर्फ ₹10000 की SIP… और बन जाएंगे ₹10 करोड़ के मालिक! जानिए कितना लंबा होगा सफर
Gold ETF का ट्रेंड पलटा, मई में निवेशकों ने निकाले करोड़ों डॉलर, जानें क्यों हुआ ऐसा?
2026 में स्मॉल कैप फंड्स का जलवा! 14% तक दिया रिटर्न; लार्ज-कैप फंड्स रह गए पीछे
