मेटल सेक्टर पर बड़ा दांव! इन 4 Mutual Funds ने बढ़ाया एक्सपोजर; स्टील और एल्युमिनियम पर सबसे ज्यादा फोकस
भारतीय शेयर बाजार में Nifty Metal Index की शानदार तेजी के बीच कई डाइवर्सिफाइड म्यूचुअल फंड्स ने स्टील और एल्यूमिनियम कंपनियों में अपना निवेश बढ़ाया है. Samco Large Cap Fund, ICICI Prudential Multicap Fund, Capitalmind Flexi Cap Fund और Samco Large & Mid Cap Fund ने मेटल सेक्टर में सबसे ज्यादा एक्सपोजर लिया है.
Mutual Funds: पिछले एक साल में जहां भारतीय शेयर बाजार का प्रमुख सूचकांक Nifty 50 करीब 4.10 फीसदी गिरा है. वहीं Nifty Metal Index में इस दौरान करीब 31 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है. ऐसे में मेटल सेक्टर एक बार फिर निवेशकों और फंड मैनेजर्स की पसंद बनकर उभरा है. खास बात यह है कि मेटल सेक्टर पर सबसे बड़ा दांव मेटल सेक्टर फंड्स नहीं, बल्कि कई डाइवर्सिफाइड म्यूचुअल फंड्स लगा रहे हैं. आमतौर पर निवेशक किसी सेक्टर में निवेश के लिए सेक्टोरल फंड का विकल्प चुनते हैं. लेकिन इस बार तस्वीर कुछ अलग है. कई लार्ज कैप, फ्लेक्सी कैप और मल्टीकैप फंड्स ने अपने पोर्टफोलियो में स्टील, एल्युमिनियम और माइनिंग कंपनियों की हिस्सेदारी सामान्य स्तर से कहीं अधिक बढ़ा दी है. इससे साफ संकेत मिलता है कि फंड मैनेजर्स आने वाले समय में मेटल सेक्टर की संभावनाओं को लेकर काफी आशावादी हैं.
किन Mutual Funds ने लगाया सबसे बड़ा दांव?
इक्विटीमास्टर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जून में Samco Large Cap Fund ने अपने पोर्टफोलियो का 21.35 फीसदी हिस्सा मेटल कंपनियों में निवेश किया, जो इस सूची में सबसे अधिक है. इसके बाद ICICI Prudentia में मेटल सेक्टर की हिस्सेदारी 17.90 फीसदी, Capitalmind Flexi Cap Fund में 17.48 फीसदी और Samco Large & Mid Cap Fund में 16.38 फीसदी है.
आमतौर पर डाइवर्सिफाइड इक्विटी फंड्स अपने पोर्टफोलियो का केवल 5 से 10 फीसदी हिस्सा मेटल सेक्टर में रखते हैं. ऐसे में इन फंड्स का दोगुना या उससे भी अधिक निवेश यह दिखाता है कि उन्होंने मेटल सेक्टर पर सोची-समझी रणनीति के तहत बड़ा दांव लगाया है.
आखिर मेटल सेक्टर पर इतना भरोसा क्यों?
फंड मैनेजर्स की इस रणनीति के पीछे कई मजबूत वजहें हैं. सबसे पहला कारण मेटल की कीमतों में तेजी है. वर्ष 2025 के दौरान एल्युमिनियम की कीमतों में करीब 22 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. ऑटोमोटिव और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर से बढ़ती मांग के कारण एल्युमिनियम की मांग मजबूत बनी रही. वहीं कॉपर समेत अन्य बेस मेटल्स को भी वैश्विक सप्लाई बाधाओं और पश्चिम एशिया में तनाव का लाभ मिला.
दूसरा बड़ा कारण भारत में बढ़ती घरेलू मांग है. वर्ष 2025 में भारत ने 106.5 मिलियन टन स्टील का उत्पादन किया. नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन और पीएम गति शक्ति जैसी सरकारी परियोजनाओं के चलते कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर गतिविधियों में तेजी बनी हुई है, जिससे स्टील की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है.
तीसरा कारण सरकार की नीतियां हैं. सरकार ने घरेलू स्टील उत्पादकों को सस्ते आयात से बचाने के लिए सेफगार्ड ड्यूटी लागू की है. वहीं PLI योजना के जरिए भी मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र को प्रोत्साहन मिल रहा है. इन सभी कारणों से मेटल कंपनियों के मुनाफे और मार्जिन में वित्त वर्ष 2026 के दौरान उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है.
Samco Funds की रणनीति अलग
Samco Large Cap Fund और Samco Large & Mid Cap Fund की निवेश रणनीति पारंपरिक नहीं है. दोनों फंड्स C.A.R.E मोमेंटम स्ट्रैटेजी का इस्तेमाल करते हैं. इसमें क्रॉस-सेक्शनल मोमेंटम, एब्सोल्यूट मोमेंटम, रेवेन्यू मोमेंटम और अर्निंग्स मोमेंटम जैसे संकेतकों के आधार पर शेयर चुने जाते हैं. मेटल कंपनियों ने पिछले 18 महीनों में कीमतों और मुनाफे, दोनों मोर्चों पर शानदार प्रदर्शन किया है. यही वजह है कि इस रणनीति के तहत मेटल कंपनियों का वजन अपने आप बढ़ गया. हालांकि, मोमेंटम आधारित रणनीति में सेक्टर की रफ्तार कमजोर पड़ते ही निवेश भी तेजी से कम किया जा सकता है.
ICICI Prudentia और Capitalmind का नजरिया
करीब तीन दशक पुराने ICICI Prudentia ने भी मेटल सेक्टर में लगभग 18 फीसदी निवेश किया है. फंड के प्रमुख निवेशों में जिंदल स्टील और वेदांता जैसी कंपनियां शामिल हैं. दूसरी ओर, 2025 में शुरू हुआ Capitalmind Flexi Cap Fund भी मेटल और बेसिक मैटेरियल्स सेक्टर में आक्रामक निवेश कर रहा है. फ्लेक्सी कैप होने के कारण इस फंड को लार्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप कंपनियों में निवेश की पूरी स्वतंत्रता है.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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