डेली मिल सकता है ₹100 से ₹5000 तक का मुआवजा! इन 5 सूरतों में बैंक को देना होगा आपको पैसा
क्रेडिट कार्ड बंद करने की अटकी हुई रिक्वेस्ट से लेकर प्रॉपर्टी के कागज खोने तक, RBI के नियमों के मुताबिक बैंकों को हर दिन का पेमेंट करना होता है. हम आज आपको 5 ऐसी कंडीशन बताने वाले हैं जिसमें आपको डेली 100 रुपए से 5000 रुपए तक देरी होने पर मिल सकते हैं.
Highlights
- बैंक की देरी पर मिलेगा मुआवजा.
- काम में लेट-लतीफी पड़ेगी बैंक पर भारी.
- रोज 100 रुपए से 5000 रुपए तक का मुआवजा.
अगर आप अपने बैंक में क्रेडिट कार्ड बंद करने के लिए अप्लाई करते हैं और इसमें तय समय से ज्यादा समय लगता है तो क्या होगा? बैंक आपको हर दिन की देरी के लिए हर्जाना देगा और यह सिर्फ कार्ड बंद करने की रिक्वेस्ट को प्रोसेस करने में देरी तक ही सीमित नहीं है. बैंकों पर क्रेडिट रिपोर्ट करेक्शन में देरी, डिजिटल पेमेंट फेल होने और भी बहुत कुछ के लिए पेनल्टी लगती है. अगर तय समय में आपकी रिक्वेस्ट को प्रोसेस करने में कमी या देरी होती है, तो आपका बैंक आपको हर दिन Rs 100 से Rs 5000 तक की लेट फीस देगा.
SKV लॉ ऑफिस के पार्टनर अंशुल वर्मा ने ईटी वेल्थ ऑनलाइन को बताया कि कस्टमर को हर्जाने के लिए RBI का तरीका असल में डेडलाइन पर आधारित है, यह किसी सर्विस के लिए एक टर्नअराउंड टाइम तय करता है और अगर बैंक समय से ज्यादा लेता है तो हर दिन के हिसाब से एक रकम लागू होती है, आमतौर पर कस्टमर को पूछने की जरूरत नहीं होती. हम आज आपको 5 ऐसी ही कंडीशन बताने वाले हैं जिनमें आपको बैंक से हर्जाने के रूप में पैसे मिल सकते हैं.
डिजिटल पेमेंट का फेल होना
RBI के नियमों के अनुसार, कार्ड, एटीएम, डिजिटल ट्रांज़ैक्शन फेल होने पर कस्टमर मुआवजे के हकदार हैं. क्या UPI पेमेंट या ATM से पैसे निकालना फेल हो गया, लेकिन फिर भी आपके पैसे कट गए? अगर बैंक इसे RBI की तय टाइमलाइन (TAT) के अंदर वापस नहीं करता है, जो ज्यादातर मामलों में T+1 या T+5 होती है, तो इस स्थिति में देरी होने पर बैंक को हर दिन के 100 रुपए के हिसाब से देने होंगे.
Rupyaapaisa डॉट कॉम के फाउंडर और MD मुकेश पांडे ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक तरीके से हुए बिना इजाजत वाले ट्रांजैक्शन के लिए, कुछ बातों के आधार पर कस्टमर को बरी किया जा सकता है या पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराया जा सकता है. इसलिए, मुआवजा इस्तेमाल किए गए RBI के खास रेगुलेशन पर निर्भर करता है.
प्रॉपर्टी डॉक्यूमेंट्स वापस करने में देरी
अगर आपने लोन लिया था और अब उसे पूरी तरह से चुका दिया है या सेटल कर दिया है, तो आपके बैंक या लेंडर के पास आपके ओरिजिनल प्रॉपर्टी डॉक्यूमेंट्स वापस करने के लिए 30 दिन का समय है. AP एंड पार्टनर्स के पार्टनर एन.एल. गणपति ने बताया कि RBI की 13 सितंबर 2023 की गाइडलाइंस के मुताबिक, अगर पेपर्स वापस करने में देरी बैंक की वजह से हुई है, तो बैंक को हर दिन की देरी के लिए कर्ज लेने वाले को 5000 रुपए प्रति दिन के हिसाब से हर्जाना देना होगा. पेपर्स के खोने/डैमेज होने पर, बैंक आपको डुप्लीकेट/सर्टिफाइड कॉपी दिलाने में मदद करेगा और 5000 रुपए प्रतिदिन के हर्जाने के अलावा उससे जुड़े खर्च भी उठाएगा.
क्रेडिट कार्ड क्लोजर
भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के मुताबिक, बैंकों/कार्ड जारी करने वालों को क्रेडिट कार्ड बंद करने की रिक्वेस्ट को 7 वर्किंग डेज के अंदर प्रोसेस करना होगा. देरी होने पर उन्हें अकाउंट बंद होने तक, कार्ड होल्डर को हर कैलेंडर दिन के हिसाब से 500 रुपए देने होंगे.
बैंक लॉकर लॉस
RBI के नियमों के तहत, लापरवाही, आग, चोरी या फ्रॉड से लॉकर के नुकसान के मामले में बैंक की लायबिलिटी सालाना किराए के 100 गुना तक सीमित है, साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि चेक कलेक्शन में देरी पर पॉलिसी के हिसाब से ब्याज लगता है. अगर आपके लॉकर का सालाना किराया 3000 रुपए है तो RBI फ्रेमवर्क के तहत आपको ज्यादा से ज्यादा 3 लाख रुपए तक मिल सकते हैं.
क्रेडिट रिपोर्ट में गलती या करेक्शन
किसी की क्रेडिट रिपोर्ट से जुड़े किसी भी झगड़े को 30 दिनों के अंदर सुलझाना होगा. अगर बैंक फेल हो जाता है, तो कंज्यूमर को हर कैलेंडर दिन के हिसाब से 100 रुपए प्रतिदिन हर्जाने का हक है, अगर उनकी कंप्लेंट का हल नहीं होता है.
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