होम लोन लेते समय सैलरी से ज्यादा जरूरी है क्रेडिट स्कोर, जानिए कैसे तय होता है आपका लोन
होम लोन लेते समय केवल सैलरी नहीं, बल्कि Credit Score ज्यादा महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. बैंक आपकी पुरानी EMI, Credit Card भुगतान और Loan व्यवहार देखकर तय करते हैं कि आपको लोन किस शर्त पर मिलेगा. अच्छा Credit Score होने पर कम ब्याज दर और आसान मंजूरी मिलती है, जबकि कमजोर रिकॉर्ड पर लोन महंगा पड़ सकता है.
Credit Score: अगर आप होम लोन लेने की तैयारी कर रहे हैं तो सिर्फ अच्छी सैलरी होना काफी नहीं है. आज के समय में बैंक आपके क्रेडिट स्कोर को ज्यादा महत्व देते हैं. कई बार समान सैलरी और नौकरी होने के बाद भी एक व्यक्ति को आसानी से लोन मिल जाता है जबकि दूसरे को मना कर दिया जाता है. इसका मुख्य कारण क्रेडिट हिस्ट्री होता है. बैंक यह देखते हैं कि आपने पहले लोन और क्रेडिट कॉर्ड का पेमेंट कितनी जिम्मेदारी से किया है. यही रिकॉर्ड तय करता है कि आपको लोन मिलेगा या नहीं और किस ब्याज दर पर मिलेगा.
क्रेडिट स्कोर से तय होती है आपकी भरोसेमंदी
क्रेडिट स्कोर आपके पिछले फाइनेंशियल बिहेवियर का रिकॉर्ड होता है. इसमें यह जानकारी होती है कि आपने EMI और क्रेडिट कॉर्ड बिल समय पर भरे या नहीं. बैंक इसी आधार पर यह तय करते हैं कि आप भविष्य में लोन चुकाने में कितने भरोसेमंद हैं. अच्छा क्रेडिट स्कोर होने पर बैंक को रिस्क कम लगता है. इसी कारण ऐसे ग्राहकों को लोन मिलने की संभावना ज्यादा रहती है और प्रक्रिया भी आसान होती है.
सैलरी से ज्यादा महत्वपूर्ण है रिपेमेंट हिस्ट्री
सैलरी यह दिखाती है कि आप अभी कितना कमा रहे हैं, लेकिन क्रेडिट स्कोर यह दिखाता है कि आपने पहले अपने कर्ज को कैसे संभाला. अगर आपने पहले EMI या क्रेडिट कॉर्ड का पेमेंट देर से किया है, तो बैंक इसे जोखिम के रूप में देखते हैं. कई बार पुरानी गलती भी क्रेडिट रिपोर्ट में सालों तक दिखती रहती है. यही कारण है कि अच्छा क्रेडिट स्कोर सैलरी से ज्यादा प्रभाव डालता है.
ब्याज दर और लोन की शर्तों पर भी पड़ता है असर
अच्छा क्रेडिट स्कोर होने पर बैंक कम ब्याज दर पर लोन देते हैं. इसके साथ ही लोन जल्दी मंजूर होता है और रिपेमेंट के लिए बेहतर विकल्प मिलते हैं. वहीं कमजोर क्रेडिट स्कोर होने पर ब्याज दर ज्यादा हो सकती है. इससे पूरे लोन की कुल लागत बढ़ जाती है. लंबे समय के लोन में छोटी ब्याज दर का अंतर भी लाखों रुपये का फर्क पैदा कर सकता है.
क्रेडिट कॉर्ड उपयोग का तरीका भी होता है महत्वपूर्ण
अगर आप बार बार क्रेडिट कॉर्ड की पूरी limit इस्तेमाल करते हैं, तो बैंक इसे वित्तीय दबाव का संकेत मान सकते हैं. बेहतर है कि क्रेडिट कॉर्ड limit का कम उपयोग करें और समय पर पेमेंट करें. नियमित और संतुलित उपयोग से बैंक के सामने आपकी विश्वसनीयता बढ़ती है. इससे आपका Credit Profile मजबूत होता है और लोन मिलने की संभावना बढ़ जाती है.
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होम लोन से पहले Credit Profile सुधारना जरूरी
होम लोन के लिए अप्लाई करने से पहले अपनी क्रेडिट कॉर्ड जरूर जांचें. अगर कोई गलती है तो उसे ठीक कराएं. सभी EMI और बिल समय पर भरें और नए लोन के लिए बार- बार आवेदन करने से बचें. पुराना क्रेडिट अकाउंट चालू रखना भी फायदेमंद होता है. मजबूत क्रेडिट स्कोर आपको आसानी से और सस्ते ब्याज पर होम लोन दिलाने में मदद करता है.
