PNB 15 अप्रैल के बाद बंद कर देगा ऐसे अकाउंट, कहीं इसमें आपका खाता तो नहीं है शामिल?

PSU बैंक ने खाताधारकों को सलाह दी है कि वे अपने डीएक्टिवेट खाते को फिर से चालू करने के लिए 15 अप्रैल, 2026 तक अपनी KYC पूरी कर लें. बंद पड़े अकाउंट को फिर से चालू करने के लिए ग्राहकों को बैंक की उस बेस ब्रांच में जाना होगा.

पंजाब नेशलन बैंक. Image Credit: Getty image

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने उन अकाउंट होल्डर्स को चेतावनी दी है, जिनके खाते इनऑपरेटिव हैं. बैंक ने कहा है कि जिन ग्राहकों के इनऑपरेटिव अकाउंट हैं, वे जल्द से जल्द अपनी ‘नो योर कस्टमर’ (KYC) प्रोसेस को पूरी कर लें. ऐसा नहीं करने पर बैंक एक महीने के भीतर ऐसे खाते बंद कर देगा. X (पहले Twitter) पर एक सोशल मीडिया पोस्ट में, इस PSU बैंक ने ऐसे खाताधारकों को सलाह दी है कि वे अपने डीएक्टिवेट खाते को फिर से चालू करने के लिए 15 अप्रैल, 2026 तक अपनी KYC पूरी कर लें. अन्यथा, PSU बैंक 16 अप्रैल, 2026 को या उसके बाद बिना उन्हें सूचित किए उनका खाता बंद कर देगा.

इनऑपरेटिव बैंक अकाउंट क्या होता है?

RBI की वेबसाइट के अनुसार, इनऑपरेटिव अकाउंट एक सेविंग्स या करंट अकाउंट होता है, जिसमें दो साल से ज्यादा समय से कोई भी ‘कस्टमर-इंड्यूस्ड ट्रांजेक्शन’ (ग्राहक द्वारा किया गया लेन-देन) नहीं हुआ है.

बंद पड़े अकाउंट को फिर से चालू करने का क्या तरीका है?

बंद पड़े अकाउंट को चालू करने के लिए, ग्राहक अपनी KYC जानकारी/डेटा घर बैठे, अपनी होम ब्रांच के अलावा किसी दूसरी ब्रांच में, और V-CIP के जरिए भी अपडेट कर सकते हैं, बशर्ते बैंक ने V-CIP की सुविधा दी हो. बैंक, KYC गाइडलाइंस का पालन करने के बाद ही बंद पड़े अकाउंट को चालू करेंगे.

इनऑपरेटिव अकाउंट को कैसे एक्टिव करें

KYC अपडेट, जो आमने-सामने (face-to-face) फिजिकल रूप से, या बैंक की इंटरनेट बैंकिंग अथवा मोबाइल बैंकिंग एप्लिकेशन जैसे डिजिटल माध्यमों से किया गया हो.

वित्तीय लेन-देन

बैंक में ग्राहक के बचत खाते में किया गया कोई भी मॉनिटरी लेन-देन, चाहे वह क्रेडिट के रूप में हो या डेबिट के रूप में.

गैर-वित्तीय लेन-देन

किसी भी प्रोडक्ट/सर्विस के लिए अकाउंट होल्डर द्वारा किसी भी ATM, इंटरनेट बैंकिंग, बैंक के मोबाइल बैंकिंग ऐप या किसी थर्ड-पार्टी ऐप प्रोवाइडर के जरिए की गई पूछताछ या रिक्वेस्ट, जिसमें टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) की जरूरत होती है और जो ऑडिट के मकसद से एक रिकॉर्ड छोड़ता है.

उदाहरण के लिए, लेन-देन की सीमा में बदलाव, चेक बुक/क्रेडिट कार्ड जारी करने का अनुरोध, नॉमिनेशन की सुविधा, बैलेंस की जानकारी, आदि जैसे लेन-देन.

कैसे शुरू करें बंद पड़ा अकाउंट?

बंद पड़े अकाउंट को फिर से चालू करने के लिए ग्राहकों को बैंक की उस बेस ब्रांच में जाना होगा, जहां उनका अकाउंट है. वहां उन्हें बंद पड़े अकाउंट को फिर से चालू करने के लिए एक रिक्वेस्ट लेटर देना होगा और नए KYC डॉक्यूमेंट जमा करने होंगे.

नॉन-बेस ब्रांच के जरिए एक्टिवेशन

कोई भी ग्राहक किसी भी नॉन-बेस ब्रांच में जाकर, अपने इनऑपरेटिव अकाउंट को एक्टिवेट करवाने के लिए एक रिक्वेस्ट लेटर जमा कर सकता है. इसके साथ उसे अपने आधार की जानकारी भी देनी होगी, बशर्ते कि उसका री-KYC बायोमेट्रिक चैनल के जरिए पूरा हो चुका हो. ब्रांच ऐसे अकाउंट्स को ‘ऑपरेटिव’ कैटेगरी में बदल देगी और वेरिफिकेशन के बाद उन अकाउंट्स में लेन-देन की अनुमति दे देगा.

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