PPF में हर साल कितना जमा कर बनाएं 1 करोड़ रुपये का फंड; जानें कितने साल में पूरा होगा फंड
PPF यानी पब्लिक प्रोविडेंट फंड लंबे समय के निवेश और रिटायरमेंट प्लानिंग का सुरक्षित विकल्प माना जाता है. मौजूदा 7.1 फीसदी ब्याज दर पर हर साल 1.5 लाख रुपये निवेश करने से 25 साल में करीब 1.03 करोड़ रुपये का फंड तैयार हो सकता है. इसमें मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी राशि पूरी तरह टैक्स फ्री रहती है.

PPF Investment: पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) को लंबे समय के निवेश और रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए सेफ ऑप्शन माना जाता है. इसमें मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी अमाउंट पूरी तरह टैक्स फ्री होता है. अगर कोई निवेशक हर साल तय लिमिट तक निवेश करता है तो वह लंबी अवधि में बड़ा फंड तैयार कर सकता है. मौजूदा 7.1 फीसदी ब्याज दर के हिसाब से 25 साल में एक करोड़ रुपये से ज्यादा का फंड बनाया जा सकता है.
जानकारों का मानना है कि PPF सुरक्षित निवेश है, लेकिन केवल इसी पर निर्भर रहना सही नहीं होगा. महंगाई की वजह से लंबे समय में इसकी वैल्यू प्रभावित हो सकती है. इसलिए रिटायरमेंट प्लानिंग में दूसरे निवेश विकल्प भी जरूरी माने जाते हैं.
1 करोड़ रुपये का फंड
अगर कोई व्यक्ति हर वित्त वर्ष की शुरुआत में 1.5 लाख रुपये PPF खाते में जमा करता है तो 25 साल में उसका फंड करीब 1.03 करोड़ रुपये हो सकता है. इसमें लगभग 65 लाख रुपये केवल ब्याज से मिलेंगे. मौजूदा 7.1 फीसदी ब्याज दर के आधार पर यह कैलकुलेशन की गई है. 15 साल में निवेश करीब 40 लाख रुपये तक पहुंच सकता है. वहीं 20 साल में यह राशि लगभग 66 लाख रुपये हो सकती है. लंबी अवधि का निवेश कंपाउंडिंग का फायदा देता है.
अप्रैल में ज्यादा फायदा
जानकारों के मुताबिक, अगर निवेशक हर साल 5 अप्रैल तक पूरी 1.5 लाख रुपये की राशि जमा कर देता है तो उसे पूरे साल का ब्याज मिलता है. इससे निवेश तेजी से बढ़ता है. PPF की ब्याज दर हर तिमाही में समीक्षा के आधार पर तय होती है. हालांकि भविष्य में ब्याज दर घटने का जोखिम भी बना रहता है. अगर ब्याज दर कम होती है तो मैच्योरिटी पर मिलने वाला कुल फंड भी कम हो सकता है.
हर महीने हो सकती है कमाई
अगर 25 साल बाद खाते में 1.03 करोड़ रुपये जमा हो जाते हैं और निवेशक केवल ब्याज की राशि निकालता है तो सालाना करीब 7.32 लाख रुपये मिल सकते हैं. इसका मतलब हर महीने लगभग 61 हजार रुपये की इनकम हो सकती है. PPF खाते को 15 साल बाद 5-5 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ाया जा सकता है. एक्सटेंशन के दौरान भी ब्याज और मैच्योरिटी राशि टैक्स फ्री रहती है. जरूरत पड़ने पर निवेशक पूरा पैसा निकालकर खाता बंद भी कर सकता है.
महंगाई से कम हो सकती है वैल्यू
जानकारों का कहना है कि PPF सुरक्षित निवेश जरूर है लेकिन महंगाई इसकी असली वैल्यू को कम कर सकती है. 20 से 30 साल की अवधि में खर्च काफी बढ़ जाते हैं. ऐसे में केवल PPF पर निर्भर रहना सही रणनीति नहीं मानी जाती. वित्त सलाहकारों का मानना है कि निवेशकों को इक्विटी और दूसरे निवेश विकल्पों में भी पैसा लगाना चाहिए. इससे लंबे समय में बेहतर रिटर्न और महंगाई से सुरक्षा मिल सकती है.
कितना होना चाहिए PPF
जानकारों के मुताबिक, PPF को रिटायरमेंट पोर्टफोलियो का एक हिस्सा बनाना चाहिए. कुछ जानकार 15 से 20 फीसदी तक निवेश PPF में रखने की सलाह देते हैं. वहीं उम्र बढ़ने के साथ PPF में निवेश का हिस्सा बढ़ाया जा सकता है. 20 की उम्र में 10 फीसदी, 30 की उम्र में 15 फीसदी और 50 की उम्र में 30 फीसदी तक हिस्सा रखने की सलाह दी गई है. जल्दी निवेश शुरू करने पर कंपाउंडिंग का फायदा ज्यादा मिलता है.
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PPF के फायदे
PPF का सबसे बड़ा फायदा इसका टैक्स फ्री होना और मार्केट से दूर रहना है. इसमें जमा राशि अदालत के अटैचमेंट से भी सुरक्षित रहती है. यही वजह है कि कारोबारी और स्वरोजगार से जुड़े लोग इसे पसंद करते हैं. हालांकि इसकी कुछ लिमिट भी हैं. इसमें लॉक इन अवधि लंबी होती है और सालाना निवेश की सीमा तय है. इसलिए केवल PPF के भरोसे बहुत बड़ा रिटायरमेंट फंड बनाना आसान नहीं माना जाता.