दोस्तों और रिश्तेदारों को क्रेडिट कार्ड देना पड़ सकता है भारी, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट भेज सकता है नोटिस
क्रेडिट कार्ड को दोस्तों या परिवार के साथ शेयर करना कई बार इनकम टैक्स विभाग की नजर में ला सकता है. अगर कार्ड पर खर्च आपकी घोषित इनकम से ज्यादा दिखता है तो विभाग नोटिस भेज सकता है. AIS और Form 26AS के जरिए टैक्स विभाग आपकी वित्तीय गतिविधियों पर नजर रखता है. सभी ट्रांजैक्शन और पेमेंट का सही रिकॉर्ड रखना जरूरी है.
Credit Card Sharing: आज के समय में क्रेडिट कार्ड लोगों की रोजमर्रा की जरूरत बन चुका है. इससे पेमेंट आसान हो जाता है और खर्च का रिकॉर्ड भी आसानी से रखा जा सकता है. कई लोग रिवार्ड प्वाइंट, कैशबैक और बेहतर क्रेडिट स्टोर के लिए अपने दोस्तों या परिवार वालों को भी कार्ड इस्तेमाल करने देते हैं. लेकिन ऐसा करना कई बार मुश्किल खड़ी कर सकता है. इनकम टैक्स विभाग आपके खर्च और इनकम का मिलान करता है. अगर कार्ड पर खर्च आपकी घोषित इनकम से ज्यादा दिखता है तो विभाग को शक हो सकता है. ऐसी स्थिति में टैक्स विभाग नोटिस भी भेज सकता है.
क्यों बन सकता है परेशानी का कारण
कई लोग अपने क्रेडिट कार्ड को परिवार या दोस्तों के साथ शेयर करते हैं. इसका मकसद अधिक रिवार्ड प्वाइंट कमाना या किसी खास ऑफर का फायदा लेना होता है. लेकिन कार्ड पर होने वाला पूरा खर्च कार्ड धारक के नाम पर दर्ज होता है. अगर खर्च आपकी इनकम से काफी ज्यादा नजर आता है तो इनकम टैक्स विभाग इसे संदेह की नजर से देख सकता है. इससे टैक्स जांच शुरू हो सकती है और नोटिस आने की संभावना बढ़ जाती है.
AIS और Form 26AS से होती है निगरानी
हर टैक्स वर्ष में टैक्सपेयर्स का AIS और Form 26AS तैयार किया जाता है. इसमें आपकी इनकम, TDS, बैंकिंग ट्रांजेक्शन और अन्य वित्तीय गतिविधियों की जानकारी होती है. बैंक और क्रेडिट कार्ड कंपनियां भी हाई वैल्यू ट्रांजैक्शन की जानकारी सरकार को देती हैं. जब आप इनकम टैक्स रिटर्न भरते हैं तो विभाग आपकी इनकम और खर्च का मिलान करता है. अगर दोनों में बड़ा अंतर दिखता है तो मामला जांच के दायरे में आ सकता है.
ज्यादा खर्च बनने पर उठ सकता है सवाल
अगर एक ही क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कई लोग कर रहे हैं तो कुल खर्च काफी ज्यादा दिखाई दे सकता है. इससे ऐसा लग सकता है कि कार्ड धारक अपनी इनकम से अधिक खर्च कर रहा है. खासकर महंगे खरीदारी, बिजनेस खर्च या हाई वैल्यू ट्रांजैक्शन पर विभाग की नजर रहती है. अगर खर्च का सही रिकॉर्ड और पेमेंट का सोर्स नहीं बताया गया तो इसे अघोषित इनकम माना जा सकता है. ऐसी स्थिति में टैक्स और जुर्माना दोनों लग सकते हैं.
बिजनेस खर्च में रखना होगा पूरा हिसाब
अगर क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल बिजनेस या ऑफिस के काम के लिए किया जा रहा है तो खर्च का पूरा रिकॉर्ड रखना जरूरी है. इनकम टैक्स रिटर्न में बिजनेस खर्च, लाभ और पेमेंट के सोर्स की जानकारी देनी होती है. अगर डॉक्यूमेंट सही नहीं हुए या जानकारी में अंतर मिला तो विभाग नोटिस भेज सकता है. इसलिए हर पेमेंट और बिल का रिकॉर्ड सुरक्षित रखना बेहद जरूरी माना जाता है.
किन डॉक्यूमेंटों को संभालकर रखना जरूरी
अगर क्रेडिट कार्ड का बिल परिवार या दोस्तों के पैसे से भरा गया है तो उसका रिकॉर्ड जरूर रखें. बैंक ट्रांसफर, गिफ्ट, प्रॉपर्टी बिक्री, गोल्ड बिक्री या रिटायरमेंट फंड जैसे स्रोतों के डॉक्यूमेंट संभालकर रखना जरूरी है. इससे जरूरत पड़ने पर आप पेमेंट का सही सोर्स बता सकते हैं.
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टैक्स नोटिस से बचने के लिए क्या करें
जानकारों के मुताबिक, टैक्सपेयर्स को अपना AIS, TIS और Form 26AS समय समय पर जांचना चाहिए. सभी जानकारी सही है या नहीं, इसकी पुष्टि करना जरूरी है. इनकम टैक्स रिटर्न हमेशा सही और पूरी जानकारी के साथ भरना चाहिए. बिना जरूरत के हाई वैल्यू ट्रांजैक्शन से बचना बेहतर माना जाता है. साथ ही क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल सोच समझकर करना चाहिए ताकि भविष्य में किसी तरह की टैक्स परेशानी का सामना न करना पडे़.
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