अब 90 नहीं 75 फीसदी तक ही मिलेगा गोल्ड की कीमत पर लोन! RBI ला रहा सख्त नियम
भारतीय रिजर्व बैंक ने गोल्ड लोन के नियमों में बदलाव का प्रस्ताव दिया है. अब गिरवी सोने के मूल्य का केवल 75 फीसदी तक ही लोन मिल सकेगा. साथ ही, लोन देने से पहले लोन लेने वाले की क्रेडिट योग्यता और लोन की वास्तविक जरूरत को प्राथमिकता दी जाएगी. यह नियम बैंकों और NBFCs दोनों पर समान रूप से लागू होंगे.
RBI gold loan guidelines: RBI ने गोल्ड लोन से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करने का प्रस्ताव रखा है. अब गिरवी रखे गए सोने की कीमत के केवल 75 फीसदी तक ही लोन दिया जा सकेगा. इसे लोन-टू-वैल्यू (LTV) रेशियो कहते हैं. यह सीमा बैंक और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) दोनों पर समान रूप से लागू होगी. गौरतलब है कि कोविड काल में RBI ने इस सीमा को बढ़ाकर 90 फीसदी कर दिया था ताकि लोगों को राहत मिल सके, लेकिन अब स्थितियां सामान्य होने पर फिर से सख्ती की जा रही है.
रिस्क के आधार पर तय होगी LTV सीमा
RBI ने NBFCs और बैंकों से कहा है कि वे अपने आंतरिक जोखिम मूल्यांकन (risk assessment) के आधार पर LTV तय करें. इसके साथ ही एक स्टैंडर्ड वैल्यूएशन फ्रेमवर्क अपनाने की बात कही गई है, जिसमें सोने की शुद्धता, वजन और रेफरेंस प्राइस को ट्रांसपेरेंसी के साथ पूरे देश में एक समान तरीके से लागू करना होगा. यह जानकारी संस्थाओं की वेबसाइट पर भी उपलब्ध करानी होगी.
सभी के लिए एक जैसे होंगे नियम
टाइम्स ऑफ इंडिया के रिपोर्ट के मुताबिक, RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि बैंकों और NBFCs जैसी सभी वित्तीय संस्थाओं के लिए गोल्ड लोन के नियमों को एक जैसा बनाना जरूरी है. हर संस्था की जोखिम झेलने की क्षमता अलग होती है, इसलिए नियम ऐसे होने चाहिए जो सभी पर समान रूप से लागू हों, लेकिन उनकी जोखिम क्षमता का भी ध्यान रखें.
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लोन देने के लिए सख्त होंगे नियम
RBI का कहना है कि अब गोल्ड लोन देने का तरीका और नियम और सख्त होंगे. पहले कई बार ऐसा होता था कि अगर किसी ने सोना गिरवी रखा, तो उसी के हिसाब से लोन दे दिया जाता था, भले ही उसे लोन की सही जरूरत है या नहीं. अब RBI चाहता है कि लोन देते समय सिर्फ सोने की कीमत ना देखी जाए, बल्कि यह भी देखा जाए कि उधार लेने वाले की वापस चुकाने की क्षमता (क्रेडिट योग्यता) क्या है, और उसे वाकई में पैसे की जरूरत है या नहीं.
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