फिक्स्ड डिपॉजिट के लिए क्यों मची भगदड़? जानें RBI के आंकड़े क्या कहानी बता रहे?
आरबीआई द्वारा फरवरी 2025 से अब तक 125 बेसिस पॉइंट की ब्याज दर कटौती के बावजूद लोगों का भरोसा फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर लगातार बढ़ रहा है. इसकी सबसे बड़ी वजह बाजार और वैश्विक परिस्थितियों में बनी अनिश्चितता है, जिसके कारण निवेशक सुरक्षित रिटर्न को प्राथमिकता दे रहे हैं. मार्च 2022 में कुल बैंक जमा में FD की हिस्सेदारी 55% थी, जो मार्च 2026 में बढ़कर 61.6% हो गई. लोग अब बचत खाते में पैसा रखने के बजाय 1 से 3 साल की लंबी अवधि वाली FD में निवेश कर रहे हैं ताकि मौजूदा ब्याज दरों को लंबे समय तक लॉक किया जा सके. सरकारी बैंकों में बढ़ते भरोसे और सुरक्षित निवेश की चाह ने भी FD निवेश को मजबूती दी है. हालांकि भविष्य में ब्याज दरों और महंगाई की दिशा FD निवेशकों के लिए अवसर और चुनौतियां दोनों तय करेगी.
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