6 घंटे में पूरा होगा दिल्ली से कटरा तक का सफर! अगले साल से NE5 एक्सप्रेसवे पर फर्राटा भरेंगी गाड़ियां
दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे सिर्फ एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि उत्तर भारत की कनेक्टिविटी, धार्मिक पर्यटन और सामरिक ढांचे में बड़ा बदलाव लाने वाला कदम माना जा रहा है. एक्सप्रेसवे के पूरा होने के बाद दिल्ली से कटरा की दूरी 727 किलोमीटर से घटकर करीब 588 किलोमीटर रह जाएगी.
देश के सबसे महत्वाकांक्षी सड़क प्रोजेक्ट्स में शामिल दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे अब अपनी तय समयसीमा की ओर बढ़ता दिख रहा है. राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने साफ संकेत दिए हैं कि नेशनल एक्सप्रेसवे 5 यानी NE5 को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. पिछले साल सुरक्षा परिस्थितियों और उत्तर भारत में भारी बारिश के कारण निर्माण की रफ्तार भले धीमी पड़ी, लेकिन अब काम फिर तेजी पकड़ चुका है.
दिल्ली-कटरा दूरी में बड़ी कटौती, समय की भी बचत
एक्सप्रेसवे के पूरा होने के बाद दिल्ली से कटरा की दूरी 727 किलोमीटर से घटकर करीब 588 किलोमीटर रह जाएगी. सबसे बड़ा बदलाव यात्रा समय में देखने को मिलेगा. मौजूदा समय में जहां दिल्ली से कटरा पहुंचने में लगभग 14 घंटे लगते हैं, वहीं NE5 के तैयार होने पर यह सफर करीब 6 घंटे में पूरा किया जा सकेगा. यह बदलाव सिर्फ सुविधा तक सीमित नहीं रहेगा. बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से व्यापार, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन पर भी सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है.
निर्माण में आई चुनौतियां, फिर भी प्रोजेक्ट ट्रैक पर
NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर राजीव कुमार के मुताबिक, एक्सप्रेसवे का काम पिछले साल कई वजहों से प्रभावित हुआ. सुरक्षा से जुड़ी परिस्थितियों के चलते मजदूरों को साइट पर बनाए रखना बड़ी चुनौती बन गया था. कई श्रमिकों ने सुरक्षा चिंताओं के कारण काम छोड़ दिया, जिन्हें बाद में वापस लाना पड़ा. इसके अलावा भारी बारिश और बाढ़ ने भी निर्माण कार्य को झटका दिया. दो पुलों का बह जाना सप्लाई चेन के लिए गंभीर समस्या बन गया.
इन अड़चनों के बावजूद, अब परियोजना पर काम ने फिर गति पकड़ ली है. अधिकारियों का कहना है कि देरी की भरपाई के लिए निर्माण गतिविधियां तेज कर दी गई हैं.
धार्मिक कॉरिडोर के रूप में विकसित हो रहा एक्सप्रेसवे
नेशनल एक्सप्रेसवे 5 को एक धार्मिक कॉरिडोर के तौर पर अवधारणा दी गई है. यह एक्सप्रेसवे सीधे तौर पर Sri Harmandir Sahib और Mata Vaishno Devi Shrine जैसे देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों को जोड़ेगा. हर साल लाखों श्रद्धालु कटरा पहुंचते हैं, जो फिलहाल रेल और हवाई सेवाओं पर निर्भर रहते हैं. एक्सप्रेसवे के बनने से सड़क मार्ग एक तेज और सुविधाजनक तीसरा विकल्प बन जाएगा. इससे धार्मिक पर्यटन को भी नया बल मिलने की संभावना है.
सामरिक नजरिये से भी अहम है NE5
जम्मू-कश्मीर के संदर्भ में इस एक्सप्रेसवे की सामरिक अहमियत भी कम नहीं है. यह कॉरिडोर संवेदनशील सीमावर्ती इलाकों के समानांतर गुजरता है. अधिकारियों का मानना है कि इससे रक्षा बलों की तेज तैनाती और लॉजिस्टिक मूवमेंट में सहूलियत मिलेगी.
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