दिल्ली- NCR से नेपाल का सफर होगा आसान, शामली- गोरखपुर एक्सप्रेसवे से आधा होगा यात्रा का समय, जानें डिटेल
Delhi NCR से Nepal तक सड़क यात्रा आने वाले समय में काफी आसान हो सकती है. 40000 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा Shamli Gorakhpur Expressway यात्रा का समय 16 घंटे से घटाकर करीब 8 घंटे कर सकता है. करीब 742 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे Shamli से Kushinagar तक जाएगा.

Shamli Gorakhpur Expressway: दिल्ली- NCR से नेपाल तक सड़क के रास्ते सफर करने वालों के लिए आने वाले समय में यात्रा काफी आसान हो सकती है. 40000 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा शामली- गोरखपुर एक्सप्रेसवे इस सफर को तेज और आरामदायक बना सकता है. अभी दिल्ली से नेपाल सड़क के रास्ते पहुंचने में करीब 16 घंटे लगते हैं. लेकिन इस एक्सप्रेसवे के बनने के बाद यह समय घटकर करीब 8 घंटे रह सकता है. इससे न सिर्फ यात्रियों को राहत मिलेगी बल्कि व्यापार और माल ढुलाई को भी बड़ा फायदा हो सकता है.
दिल्ली से नेपाल पहुंचना होगा आसान
अभी दिल्ली NCR से नेपाल सड़क मार्ग से जाना लंबा और थकाने वाला सफर माना जाता है. रास्ते में कई शहरों से होकर गुजरना पड़ता है और कई जगह ट्रैफिक जाम का सामना भी करना पड़ता है. शामली- गोरखपुर एक्सप्रेसवे बनने के बाद यह सफर काफी तेज हो सकता है. अनुमान है कि लोग दिल्ली NCR से नेपाल तक करीब 8 घंटे में पहुंच सकेंगे. इससे रोड ट्रिप करने वाले यात्रियों के लिए यात्रा पहले के मुकाबले काफी आसान हो जाएगी.
उत्तर प्रदेश के ट्रैफिक से मिल सकती है राहत
इस एक्सप्रेसवे का एक बड़ा फायदा यह होगा कि यात्रियों को उत्तर प्रदेश की व्यस्त सड़कों पर कम समय बिताना पडे़गा. नया हाई स्पीड कॉरिडोर शहरों के भीड़भाड़ वाले हिस्सों से बचाते हुए तेज आवाजाही का रास्ता देगा. इससे लंबी दूरी तय करने वाले वाहन चालकों को बार- बार जाम में फंसना नहीं पड़ेगा. खासकर छुट्टियों में नेपाल जाने वाले लोग और ट्रक ड्राइवरों के लिए यह मार्ग काफी उपयोगी साबित हो सकता है.
कितना लंबा होगा एक्सप्रेसवे
प्रोजेक्ट के तहत बनने वाला यह पूरा राजमार्ग करीब 742 किलोमीटर लंबा होगा. यह मार्ग Shamli से शुरू होकर Kushinagar तक जाएगा. यह कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ेगा. इसका फायदा नेपाल सीमा तक पहुंचने वाले यात्रियों को मिलेगा. इस प्रोजेक्ट को उत्तर भारत की सबसे अहम सड़क प्रोजेक्ट में गिना जा रहा है.
40000 करोड़ रुपये का निवेश
इस प्रोजेक्ट पर केंद्र सरकार करीब 40000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है. इसका उद्देश्य सिर्फ यात्रा का समय कम करना नहीं बल्कि बेहतर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी तैयार करना भी है. एक्सप्रेसवे बनने से पर्यटन, व्यापार, माल ढुलाई और रोजगार को भी गति मिलने की उम्मीद है. नेपाल से जुड़े व्यापार मार्ग के लिहाज से भी यह प्रोजेक्ट काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
जमीन अधिग्रहण और निर्माण का काम जारी
इस समय प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण और सर्वे का काम तेजी से चल रहा है. निर्माण कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए इसे अलग- अलग हिस्सों में बांटा गया है. रिपोर्ट के मुताबिक एक टीम पश्चिमी हिस्से के करीब 348 किलोमीटर की देखरेख कर रही है, जबकि दूसरी टीम पूर्वी हिस्से के निर्माण पर काम कर रही है. इससे प्रोजेक्ट को तय समय पर पूरा करने में मदद मिल सकती है.
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2030 तक पूरा होने की उम्मीद
रिपोर्ट्स के मुताबिक शामली- गोरखपुर एक्सप्रेसवे को 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके पूरा होने के बाद दिल्ली NCR से नेपाल की सड़क यात्रा की तस्वीर बदल सकती है. यात्रा का समय कम होगा, जाम से राहत मिलेगी और रास्ता ज्यादा आरामदायक हो सकता है. इससे प्राइवेट वाहन चालकों के साथ -साथ ट्रांसपोर्ट सेक्टर को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है.