भारत का शिपबिल्डिंग सेक्टर पकड़ेगा रफ्तार! इन 4 कंपनियों में दिख रहा दम; मजबूत है ऑर्डर बुक

भारत का शिपबिल्डिंग सेक्टर तेजी से ग्रोथ की ओर बढ़ रहा है, जहां डिफेंस निवेश और सरकारी योजनाएं बड़ा रोल निभा रही हैं. गार्डन रीच शिपबिल्डर्स, कोचीन शिपयार्ड और स्वान डिफेंस जैसी कंपनियों के मजबूत ऑर्डर बुक निवेशकों का ध्यान खींच रहे हैं. आने वाले वर्षों में शिपबिल्डिंग और शिप रिपेयर मार्केट में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद है.

शिपबिल्डिंग स्टॉक Image Credit: TV9 Bharatvarsh

Defence Shipbuilding Stocks: भारत का शिपबिल्डिंग सेक्टर अभी भले ही वैश्विक स्तर पर छोटा हो, लेकिन आने वाले वर्षों में इसमें जबरदस्त ग्रोथ की संभावना दिखाई दे रही है. देश का ग्लोबल शिप प्रोडक्शन में हिस्सा फिलहाल 1 फीसदी से भी कम है, लेकिन 2033 तक कमर्शियल शिपबिल्डिंग मार्केट करीब 8,100 मिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है. इसी तरह शिप रिपेयर मार्केट भी 1,700 मिलियन डॉलर तक बढ़ने का अनुमान है. सरकार की मैरीटाइम इंडिया विजन और मैरीटाइम अमृत काल विजन जैसी योजनाएं इस सेक्टर को नई ऊंचाई देने में अहम भूमिका निभा रही हैं. इन योजनाओं के तहत बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है, जिससे भारत को 2030 तक टॉप 10 शिपबिल्डिंग नेशंस और 2047 तक टॉप 5 देशों में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है.

डिफेंस निवेश से मिल रहा बड़ा सपोर्ट

शिपबिल्डिंग सेक्टर की ग्रोथ में डिफेंस कैपेक्स सबसे बड़ा ड्राइवर बनकर उभर रहा है. भारतीय नौसेना के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर एफवाई18 के 116 बिलियन रुपये से बढ़कर एफवाई25 में 310 बिलियन रुपये तक पहुंच गया है. साथ ही 2037 तक नेवल वेसल्स की संख्या 230 तक पहुंचने का अनुमान है. इसका सीधा फायदा शिपबिल्डिंग कंपनियों को मिल रहा है, जिनके ऑर्डर बुक तेजी से मजबूत हो रहे हैं.

Garden Reach Shipbuilders & Engineers

गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड भारतीय नौसेना के लिए वॉरशिप्स बनाने वाली प्रमुख कंपनी है. इक्विटीमास्टर की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के पास दिसंबर 2025 तक करीब 184,820 मिलियन रुपये का ऑर्डर बुक है, जिसमें 77 फीसदी डिफेंस ऑर्डर्स शामिल हैं.

कंपनी के प्रमुख प्रोजेक्ट्स में एडवांस फ्रिगेट्स, एंटी-सबमरीन वॉरफेयर क्राफ्ट और ऑफशोर पेट्रोल वेसल्स शामिल हैं. मजबूत ऑर्डर बुक कंपनी को आने वाले वर्षों में स्थिर रेवेन्यू विजिबिलिटी देता है. गुरुवार को कंपनी का शेयर 4.62 फीसदी गिरकर 2930.80 रुपये पर पहुंच गया है.

Cochin Shipyard Limited

कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड एक सरकारी मिनीरत्न कंपनी है, जिसने भारत का पहला एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रांत तैयार किया है. अगस्त 2025 तक कंपनी का ऑर्डर बुक करीब 211,000 मिलियन रुपये का है, जिसमें डिफेंस और कमर्शियल दोनों तरह के ऑर्डर शामिल हैं. हाल ही में कंपनी को एलएनजी-फ्यूल्ड कंटेनर वेसल्स और इलेक्ट्रिक टग्स जैसे नए ऑर्डर मिले हैं, जो भविष्य की ग्रोथ को सपोर्ट करेंगे. गुरुवार को कंपनी का शेयर 2.28 फीसदी गिरकर 1733.40 रुपये पर पहुंच गया है.

Mazagon Dock Shipbuilders Limited

मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड देश की प्रमुख डिफेंस शिपबिल्डिंग कंपनियों में शामिल है. कंपनी के पास दिसंबर 2025 तक 237,580 मिलियन रुपये का मजबूत ऑर्डर बुक है. यह कंपनी स्टेल्थ फ्रिगेट्स और डेस्ट्रॉयर्स जैसे एडवांस वॉरशिप्स बनाती है और अब तक 800 से ज्यादा वेसल्स डिलीवर कर चुकी है. गुरुवार को कंपनी का शेयर 1.32 फीसदी गिरकर 2733.20 रुपये पर पहुंच गया है.

Swan Defence and Heavy Industries

स्वान डिफेंस एंड हेवी इंडस्ट्रीज भी तेजी से उभरती कंपनी है. कंपनी के पास बड़े कमर्शियल और डिफेंस ऑर्डर हैं, जिनमें 92,500 डीडब्ल्यूटी अमोनिया बल्क कैरियर्स और केमिकल टैंकर शामिल हैं. कंपनी का ऑर्डर पाइपलाइन अगले 3 से 5 वर्षों के लिए काफी मजबूत बताया जा रहा है, जिससे भविष्य में ग्रोथ की संभावना बढ़ती है. गुरुवार को कंपनी का शेयर 1.20 फीसदी गिरकर 1837.60 रुपये पर पहुंच गया है.

यह भी पढ़ें: भयंकर हीटवेव के बीच दिल्ली समेत 5 राज्यों को मिली बड़ी राहत, आंधी-बारिश ने दी दस्तक; UP का बांदा शहर बना सबसे गर्म

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.

Latest Stories