12.2 लाख करोड़ के सरकारी खर्च का दिखेगा असर, 100+ MF स्कीम में शामिल हुई ये 5 दिग्गज कंपनियां, चेक करें लिस्ट
Aditya Birla Capital, Hitachi Energy सहित 5 ऐसे शेयर सामने आए हैं जिनमें 100 से ज्यादा म्यूचुअल फंड्स की हिस्सेदारी है और ये लगातार बाजार से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं. मजबूत फंड फ्लो और बढ़ती संस्थागत दिलचस्पी इन स्टॉक्स को निवेशकों के लिए खास बना रही है.

Mutual funds favourite stocks: आज के दौर में शेयर बाजार की चाल काफी हद तक संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) के भरोसे पर टिकी होती है. अगर किसी शेयर को 100 से अधिक म्यूचुअल फंड स्कीम्स में शामिल किया गया है, तो यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि दिग्गज निवेशकों को उस कंपनी के मैनेजमेंट और कमाई की क्षमता पर पूरा भरोसा है. अप्रैल 2026 के मध्य तक बाजार के आंकड़ों को देखें तो सरकारी खर्च (Capital Expenditure) में हुई भारी बढ़ोतरी, जो लगभग 12.2 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर है, ने कुछ खास सेक्टरों को म्युचुअल फंड हाउस का पसंदीदा बना दिया है. बड़े फंड मैनेजर्स को पता है कि जब सरकार इतना पैसा खर्च करेगी, तो इससे जुड़ी कंपनियों की कमाई बढ़ेगी.
रिटेल निवेशकों के लिए इन “म्यूचुअल फंड डार्लिंग्स” पर नजर रखना फायदे का सौदा हो सकता है. आइए जानते हैं उन 5 कंपनियों के बारे में जिनमें फंड मैनेजर्स का भरोसा सबसे ज्यादा है.
Hitachi Energy India Share Price
पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र का यह दिग्गज शेयर आज अधिकांश म्युचुअल फंड्स के पोर्टफोलियो की शोभा बढ़ा रहा है. भारत में रिन्यूएबल एनर्जी की तरफ तेजी से बढ़ते कदमों के बीच हिताची एनर्जी की भूमिका अहम हो गई है. पावर ट्रांसमिशन और हाई वोल्टेज डायरेक्ट करंट (HVDC) तकनीक में कंपनी की महारत इसे बेजोड़ बनाती है.
ट्रेडब्रेन की रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रिड के आधुनिकीकरण से जुड़े लगभग सभी बड़े टेंडर इस कंपनी की झोली में गिरे हैं. यही वजह है कि फंड मैनेजर्स ने इसमें अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है, जिससे साल 2026 की शुरुआत में इसका शेयर 18,310 रुपये से उछलकर 28,000 रुपये के पार पहुंच गया. बीते पांच वर्षों में स्टॉक ने 1700 फीसदी से ज्यादा का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है.
Acutaas Chemicals Share Price
स्पेशलिटी केमिकल्स सेक्टर में यह कंपनी एक “हाई-कन्विकशन पिक” बनकर उभरी है. अक्यूटास केमिकल्स ने अपनी रणनीति बदलते हुए कम मुनाफे वाले कमोडिटी केमिकल्स के बजाय हाई मार्जिन वाले स्पेशलिटी केमिकल्स पर फोकस बढ़ाया है, इनका इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा उद्योग में होता है.
‘चीन प्लस वन’ रणनीति के तहत वैश्विक कंपनियां भारत की ओर देख रही हैं, जिसका सीधा फायदा इस कंपनी को मिल रहा है. फंड मैनेजर्स इसे एक लंबी अवधि के मजबूत निवेश के रूप में देख रहे हैं. साल की शुरुआत में 1700 के आसपास ट्रेड कर रहा स्टॉक तेज रफ्तार के साथ अब 2,291 रुपये पर पहुंच गया. पांच वर्ष में निवेशकों को इनसे 400 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया है.
L&T Finance Share Price
म्युचुअल फंड्स के बीच एलएंडटी फाइनेंस की लोकप्रियता की सबसे बड़ी वजह इसका “लक्ष्य 2026” है. कंपनी ने रिटेल लोन के हिस्से को बढ़ाने और एसेट क्वालिटी को बेहतर बनाने में बड़ी सफलता हासिल की है. इसके मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और एलएंडटी समूह की विरासत ने इसे निवेशकों का पसंदीदा बना दिया है. यही कारण है कि आज कई डायवर्सिफाइड इक्विटी स्कीम्स का यह एक मुख्य हिस्सा बन चुका है.
पांच वर्षों में स्टॉक ने 200 फीसदी के करीब रिटर्न दिया है. मौजूदा वक्त में कंपनी के शेयर 281 रुपये पर ट्रेड कर रहे हैं, हालांकि वर्ष के शुरुआत में ये 300 के करीब था.
Aditya Birla Capital Share Price
यह कंपनी एक फुल-फ्लेज्ड वित्तीय समूह (Conglomerate) के रूप में काम करती है. एक ही छत के नीचे लाइफ इंश्योरेंस, एसेट मैनेजमेंट और लेंडिंग जैसे प्रोडक्ट होने के कारण फंड मैनेजर्स को एक साथ कई क्षेत्रों का एक्सपोजर मिल जाता है. कंपनी के डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार ने ग्राहक अधिग्रहण की लागत को कम किया है, जिससे इसकी प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ने की उम्मीद है.
डिजिटल दौर में इसके बढ़ते कदमों ने संस्थागत निवेशकों को काफी प्रभावित किया है. वर्ष की शुरुआत कंपनी ने 361 रुपये से की थी, बीते चार महीने में ये लुढ़ककर 343 रुपये के करीब आ गया है. पांच वर्ष में निवेशकों ने 188 फीसदी से ज्यादा कमाई की है.
Muthoot Finance Share Price
महंगाई के खिलाफ सुरक्षा चाहने वाले संस्थानों के लिए मुथूट फाइनेंस पहली पसंद बना हुआ है. सोना अपने ऑल टाइम हाई (करीब 1.6 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम) के करीब है, जिससे कंपनी के लोन-टू-वैल्यू (LTV) अनुपात में सुधार हुआ है और मार्जिन सुरक्षित हुआ है. अपने बड़े नेटवर्क और शाखाओं के कारण, मुथूट फाइनेंस पारंपरिक होने के बावजूद इस क्षेत्र में अजय बना हुआ है.
स्टॉक की बात करें तो जनवरी में इसकी कीमत 3800 रुपये थी जो अब हल्की गिरावट के साथ 3500 रुपये के पास आ गया है. हालांकि पांच वर्ष में 210 फीसदी का बढ़त ने निवेशकों की अच्छी कमाई कराई है.
बाजार का नजरिया
इन शेयरों का भविष्य काफी उज्ज्वल दिखाई दे रहा है. हालांकि, इनके P/E मल्टीपल (वैल्यूएशन) ऊंचे हो सकते हैं, लेकिन भारी संस्थागत निवेश के कारण इन शेयरों को एक “प्राइस फ्लोर” यानी सुरक्षा कवच मिलता है. साल 2026 की बची हुई अवधि के लिए बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन कंपनियों के तिमाही नतीजे उम्मीद के मुताबिक रहे, तो ये “म्युचुअल फंड डार्लिंग्स” इंडेक्स को पीछे छोड़ने का दम रखते हैं. रिटेल निवेशकों के लिए इन शेयरों की चाल पर नजर रखना बाजार की नब्ज समझने जैसा है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.