नोट छापने की मशीन से कम नहीं ये जनरेटर कंपनी, AI डेटा सेंटर बूम से मिलेगा बूस्ट, शेयर पर रखें नजर, दिया 2635% रिटर्न
AI डेटा सेंटर और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर में दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों के भारी निवेश से जनरेटर बनाने वाली TD Power Systems के लिए बड़ा मौका बनता दिख रहा है. 2026 से 2030 के बीच करीब 100 गीगावाट नई डेटा सेंटर क्षमता जुड़ने की उम्मीद है, जिससे बैकअप पावर, गैस-डीजल जेनरेटर और कैप्टिव पावर सॉल्यूशंस की मांग तेजी से बढ़ सकती है. इसका फायदा TD Power Systems को मिल सकता है, इसलिए शेयर पर नजर रखें.
TD Power Systems share in focus: AI डेटा सेंटर और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियां काफी जोर दे रही हैं. Microsoft, Amazon से लेकर मेटा और ओरेकल जैसी कंपनियां इस साल करीब 630-700 अरब डॉलर का कैपेक्स लगाने की तैयारी में हैं. रियल एस्टेट कंसल्टेंसी JLL के मुताबिक डेटा सेंटर सेक्टर में कुल निवेश 3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है. 2026 से 2030 के बीच करीब 100 गीगावाट नई क्षमता जुड़ने की उम्मीद है. इसका मतलब है कि आने वाले कुछ सालों में वैश्विक डेटा सेंटर क्षमता लगभग दोगुनी हो सकती है. इसका फायदा जनरेटर बनाने वाली कंपनी TD Power Systems को मिलने की उम्मीद है. ऐसे में इसके शेयर रडार पर रखें, ये नोट छापने की मशीन बन सकता है.
TD Power Systems के लिए मौका
AI डेटा सेंटर के लिए सिर्फ सर्वर और चिप ही जरूरी नहीं होते. इन्हें बिजली की भी जरूरत होती है. इसलिए बैकअप पावर सिस्टम, गैस और डीजल जेनरेटर, कूलिंग सिस्टम और UPS जैसे सेक्टर में भी तेज मांग पैदा हो रही है. ऐसे माहौल में TD Power Systems जैसी कंपनियां इस ग्रोथ का बड़ा फायदा उठा सकती हैं.
कंपनी का कामकाज
TD Power Systems (TDPS) AC जेनरेटर और इलेक्ट्रिक मोटर बनाने वाली कंपनी है. कंपनी कस्टमाइज्ड पावर इक्विपमेंट डिजाइन और मैन्युफैक्चर करती है जो बिजली उत्पादन के कई क्षेत्रों में इस्तेमाल होते हैं. TDPS अब तक 110 देशों में 7,000 से ज्यादा जेनरेटर और मोटर सप्लाई कर चुकी है. कंपनी की लगभग 64% कमाई एक्सपोर्ट और डीम्ड एक्सपोर्ट से आती है जबकि 36% राजस्व घरेलू बाजार से मिलता है.
बिजली जरूरत से बढ़ेगी मांग
हर डेटा सेंटर को लगातार बिजली की जरूरत होती है और पावर कट से बचने के लिए बैकअप जेनरेशन सिस्टम जरूरी होता है. AI वर्कलोड बढ़ने के साथ एक-एक डेटा सेंटर की बिजली खपत भी तेजी से बढ़ रही है. अमेरिका और यूरोप में तेजी से बन रहे AI डेटा सेंटर गैस आधारित पावर सॉल्यूशंस की मांग बढ़ा रहे हैं. साथ ही बढ़ती बिजली कीमतों के कारण कई डेटा सेंटर कंपनियां ग्रिड पर निर्भर रहने के बजाय खुद का कैप्टिव पावर प्लांट लगाने की ओर बढ़ रही हैं.
नई कैटेगरी में एंट्री की तैयारी
TD Power Systems पहले 25 मेगावॉट तक के छोटे जेनरेटर के लिए जानी जाती थी. अब कंपनी वैल्यू चेन में ऊपर जाते हुए 40 मेगावॉट और 100 मेगावॉट कैटेगरी में एंट्री करने की रणनीति पर काम कर रही है. कंपनी 40-45 मेगावॉट के बड़े जेनरेटर विकसित कर रही है. पहला यूनिट जनवरी में डिलीवर होने की उम्मीद है जिसके बाद टेस्टिंग होगी. FY26 में शुरुआती डिलीवरी शुरू हो सकती है.
वित्तीय प्रदर्शन भी मजबूत
- कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन भी तेजी से सुधरा है.
- FY25 में रेवेन्यू 27.8% बढ़कर 12.8 अरब रुपये पहुंच गया.
- EBITDA 38.6% बढ़कर 2.5 अरब रुपये हो गया.
- EBITDA मार्जिन 19.5% रहा था.
- शुद्ध लाभ 47.5% बढ़कर 1.7 अरब रुपये हो गया.
- FY26 के पहले 9 महीनों में भी ग्रोथ मजबूत रही.
- रेवेन्यू 36% बढ़कर 12.7 अरब रुपये पहुंच गया.
शेयर ने दिया जबरदस्त रिटर्न
TD Power Systems के शेयर की वर्तमान कीमत 876 रुपये है. 6 महीने में इसके शेयर 62 फीसदी और साल भर में 170 फीसदी तक चढ़ें हैं. वहीं लॉन्ग टर्म में देखें तो इसने 5 साल में 2635 फीसदी का जबरदस्त रिटर्न दिया है. इसमें ग्रोथ की और संभावाएं नजर आ रही है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
