AI Stocks: Coforge, Persistent या Cyient, AI की दौड़ में कौन सी कंपनी है सबसे मजबूत; शेयरों पर रखें नजर

Artificial Intelligence की बढ़ती मांग के बीच Coforge, Persistent Systems और Cyient जैसी भारतीय मिड और स्मॉल कैप IT कंपनियां तेजी से AI कारोबार का विस्तार कर रही हैं. तीनों कंपनियों ने रणनीतिक एक्विजिशन के जरिए अपनी AI, क्लाउड और डाटा इंजीनियरिंग कैपेसिटी को मजबूत किया है.

तीनों कंपनियों ने AI, क्लाउड और डाटा इंजीनियरिंग में कैपेसिटी को मजबूत किया है. Image Credit: CANVA

AI अब केवल नई तकनीक नहीं रह गई है, बल्कि यह पूरी दुनिया के IT सेक्टर के लिए सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन बनती जा रही है. दुनिया भर की कंपनियां AI, क्लाउड और डाटा इंजीनियरिंग पर तेजी से निवेश बढ़ा रही हैं. इसका फायदा भारतीय IT कंपनियों को भी मिलने की उम्मीद है. खास बात यह है कि केवल बड़ी IT कंपनियां ही नहीं, बल्कि कई मिड और स्मॉल कैप कंपनियां भी AI कारोबार को तेजी से बढ़ाने में जुटी हैं. इनमें Coforge, Persistent Systems और Cyient प्रमुख नाम हैं. इन तीनों कंपनियों ने हाल के महीनों में AI से जुड़ी रणनीतिक खरीदारी की है और अपने वित्तीय प्रदर्शन से भी निवेशकों का ध्यान खींचा है.

Coforge

मिड कैप IT कंपनी Coforge ने AI सेक्टर में अपनी मौजूदगी मजबूत करने के लिए 2.35 अरब डॉलर में Encora के एक्विजिशन का प्रस्ताव दिया है. इस डील से कंपनी को FY27 तक AI बेस्ड इंजीनियरिंग, क्लाउड और डाटा सर्विसेज से करीब 2 अरब डॉलर का अतिरिक्त कारोबार मिलने की उम्मीद है.

कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो मार्च 2026 तिमाही में रेवेन्यू बढ़कर 4450 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो एक साल पहले 3422 करोड़ रुपये था. ऑपरेटिंग प्रॉफिट 527 करोड़ रुपये से बढ़कर 876 करोड़ रुपये हो गया. वहीं नेट प्रॉफिट 307 करोड़ रुपये से बढ़कर 666 करोड़ रुपये पहुंच गया. कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन भी बढ़कर 20 फीसदी हो गया. इसके अलावा चौथी तिमाही में कंपनी को 648 मिलियन डॉलर के नए ऑर्डर मिले, जो मजबूत मांग का संकेत है.

Persistent Systems

Persistent Systems लंबे समय से डिजिटल इंजीनियरिंग के सेक्टर में काम कर रही है. अब कंपनी ने एस्टोनिया की Concise Systems के AI कारोबार का एक्विजिशन कर अपनी AI कैपेसिटी को और मजबूत किया है. इससे कंपनी को AI प्रोडक्ट इंजीनियरिंग, क्लाउड नेटिव टेक्नोलॉजी और इंटेलिजेंट सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट में मजबूती मिलेगी.

मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 3242 करोड़ रुपये से बढ़कर 4056 करोड़ रुपये हो गया. ऑपरेशन कॉस्ट 768 करोड़ रुपये रहा, जबकि नेट प्रॉफिट 396 करोड़ रुपये से बढ़कर 529 करोड़ रुपये पहुंच गया. कंपनी ने 19 फीसदी का ऑपरेटिंग मार्जिन भी बनाए रखा, जो मजबूत ऑपरेशनल कैपेसिटी को दिखाती है.

Cyient

Cyient ने 218 मिलियन डॉलर में TAO Digital Solutions का एक्विजिशन कर AI और क्लाउड कारोबार में अपनी मौजूदगी मजबूत की है. इस डील से कंपनी को एयरोस्पेस, ऑटोमोबाइल, हेल्थकेयर, रेल और कम्युनिकेशन जैसे क्षेत्रों में AI बेस्ड इंजीनियरिंग सर्विस का विस्तार करने में मदद मिलेगी.

हालांकि वित्तीय प्रदर्शन के मामले में कंपनी अपने दोनों कंपटीटर से पीछे रही. मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 1927 करोड़ रुपये रहा, जो लगभग पिछले साल के बराबर था. ऑपरेशन प्रॉफिट 298 करोड़ रुपये से घटकर 222 करोड़ रुपये रह गया. वहीं नेट प्रॉफिट 186 करोड़ रुपये से घटकर 66 करोड़ रुपये पर आ गया.

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बदल रही है IT सेक्टर की तस्वीर

दुनिया भर की कंपनियां अब AI बेस्ड सॉफ्टवेयर, ऑटोमेशन, क्लाउड कंप्यूटिंग और डाटा इंजीनियरिंग पर तेजी से खर्च कर रही हैं. ट्रेडिशनल IT आउटसोर्सिंग की तुलना में AI से जुड़े प्रोजेक्ट अधिक वैल्यू वाले होते हैं और इनमें लंबे समय तक काम करने के अवसर मिलते हैं. यही वजह है कि भारतीय IT कंपनियां एक्विजिशन और नई तकनीक के जरिए अपनी AI क्षमता को तेजी से बढ़ा रही हैं.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.