एविएशन फ्यूल दोगुना महंगा, विदेशी उड़ानें हुई 5 गुना महंगी?
वैश्विक तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों के बीच एविएशन सेक्टर पर बड़ा असर देखने को मिल रहा है. खास तौर पर एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF की कीमतों में तेज उछाल ने एयरलाइंस कंपनियों की लागत को काफी बढ़ा दिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ATF की कीमतें लगभग दोगुनी हो गई हैं, जिसका सीधा असर विदेशी उड़ानों के किराए पर पड़ा है. यही वजह है कि इंटरनेशनल फ्लाइट्स के टिकट कुछ मामलों में 5 गुना तक महंगे हो गए हैं. हालांकि, घरेलू उड़ानों के किराए में इतनी तेज बढ़ोतरी नहीं देखी गई है.
इसका मुख्य कारण यह है कि घरेलू बाजार में प्रतिस्पर्धा ज्यादा है और सरकार भी किराए को नियंत्रित रखने के लिए अप्रत्यक्ष दबाव बनाए रखती है. वहीं इंटरनेशनल रूट्स पर ऑपरेशन लागत, लंबी दूरी, फ्यूल खर्च और सीमित प्रतिस्पर्धा के कारण किराए तेजी से बढ़ जाते हैं. एविएशन कंपनियों, खासकर IndiGo जैसी एयरलाइंस पर इसका मिश्रित असर पड़ सकता है. जहां एक ओर लागत बढ़ रही है, वहीं बढ़े हुए किराए से राजस्व में भी इजाफा हो सकता है.
