ऑप्शन ट्रेडर्स सावधान! BSE पर 15 मिनट में दिखा 4,000% का तूफानी उछाल
BSE के नए क्लोजिंग ऑक्शन सिस्टम में एक Bankex पुट ऑप्शन की कीमत 15 मिनट में 1.70 रुपये से बढ़कर 68.55 रुपये पहुंच गई. करीब 4,000% उछाल के बाद कीमत शून्य हो गई। जानिए इस अचानक उतार-चढ़ाव की पूरी वजह और जोखिम.
Highlights
- BSE पर Bankex पुट ऑप्शन 15 मिनट में 4,000% उछला
- ऑप्शन की कीमत 1.70 रुपये से 68.55 रुपये पहुंची
- तेज उछाल के बाद ऑप्शन की कीमत अचानक शून्य हुई
भारतीय शेयर बाजार में एक्सपायरी के दिन ट्रेडिंग का जोखिम कितना बढ़ सकता है, इसका एक बड़ा उदाहरण सामने आया है. BSE पर नए क्लोजिंग ऑक्शन सिस्टम के तहत गुरुवार को एक Bankex पुट ऑप्शन की कीमत महज 15 मिनट में करीब 4,000 फीसदी बढ़ गई. हालांकि, इसके कुछ ही समय बाद इसकी कीमत गिरकर शून्य हो गई. इस घटना ने ऑप्शन ट्रेडिंग में अचानक होने वाली तेज उठापटक को लेकर चिंता बढ़ा दी है.
1.70 रुपये से पहुंचा 68.55 रुपये
मामला BSE की पहली मंथली एक्सपायरी का है, जिसमें नए क्लोजिंग ऑक्शन सिस्टम का इस्तेमाल हुआ. बैंक इंडेक्स से जुड़े 64,000 स्ट्राइक वाले एक पुट ऑप्शन की कीमत ऑक्शन शुरू होने पर सिर्फ 1.70 रुपये थी.
कुछ ही मिनटों में इसमें जबरदस्त तेजी आई और कीमत 68.55 रुपये तक पहुंच गई. यानी करीब 4,000 फीसदी का उछाल. लेकिन यह तेजी ज्यादा देर नहीं टिक सकी और ऑप्शन की कीमत फिर गिरकर शून्य हो गई. पूरा उतार-चढ़ाव करीब 15 मिनट के अंदर हुआ.
आखिर इतनी तेजी क्यों आई?
इसका एक बड़ा कारण बाजार में कम लिक्विडिटी यानी कम खरीद-बिक्री माना जा रहा है. गुरुवार को BSE पर क्लोजिंग ऑक्शन का टर्नओवर करीब 446 करोड़ रुपये रहा, जबकि NSE पर मंगलवार के ऑक्शन में यह करीब 1,377 करोड़ रुपये था.
जब बाजार में खरीददार और बिकवाल कम होते हैं, तब बड़े ऑर्डर कीमतों में काफी तेज बदलाव कर सकते हैं. यही वजह है कि एक्सपायरी के समय बहुत कम कीमत वाले ऑप्शन में अचानक बड़ा उछाल या गिरावट देखने को मिल सकती है.
क्लोजिंग ऑक्शन सिस्टम क्या है?
क्लोजिंग ऑक्शन का मकसद शेयरों की ट्रेडिंग खत्म होने के समय उनकी ज्यादा बेहतर और निष्पक्ष क्लोजिंग कीमत तय करना है. लेकिन समस्या तब पैदा होती है जब कैश मार्केट और ऑप्शन मार्केट के बंद होने की प्रक्रिया अलग-अलग होती है.
इस सिस्टम में कुछ शेयरों की अंतिम कीमत ऑक्शन के जरिए तय होती है, जबकि उनसे जुड़े ऑप्शन उस दौरान ट्रेड होते रहते हैं. ऐसे में इंडेक्स में छोटा बदलाव भी एक्सपायरी वाले ऑप्शन की कीमत पर बहुत बड़ा असर डाल सकता है.
Sensex में भी दिखी तेज गिरावट
गुरुवार के 20 मिनट के ऑक्शन विंडो में Sensex एक समय 74,983.19 तक गिर गया. यह 3:15 बजे के 77,182.91 के स्तर से करीब 3 फीसदी नीचे था. बाद में बाजार ने कुछ नुकसान की भरपाई की और Sensex करीब 0.7 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ.
BSE Bankex भी ऑक्शन के दौरान एक समय करीब 3.3 फीसदी नीचे चला गया था, हालांकि बाद में गिरावट कम हुई और यह करीब 1.7 फीसदी नीचे बंद हुआ.
ऑप्शन ट्रेडर्स के लिए बड़ा जोखिम
इस तरह की तेज हलचल में सही समय पर ट्रेड करने वाले निवेशक को कुछ ही मिनट में कई गुना रिटर्न मिल सकता है. लेकिन दूसरी तरफ गलत समय पर एंट्री लेने पर पूरी रकम भी डूब सकती है.
यानी स्क्रीन पर दिखने वाला बड़ा मुनाफा हमेशा वास्तविक मुनाफा नहीं होता. खासकर एक्सपायरी के समय बेहद कम कीमत वाले ऑप्शन में कुछ सेकंड की देरी भी भारी नुकसान करा सकती है. यही वजह है कि विशेषज्ञ ऐसे ट्रेड में बेहद ज्यादा सावधानी बरतने की सलाह देते हैं.
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