Closing Bell: चौथे दिन भी तेजी बरकरार, सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ बंद; मेटल, PSU बैंक और कैपिटल गुड्स के शेयर चमके

Closing Bell: अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की उम्मीद और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने शेयर बाजार में तेजी का रुख बनाए रखा. भारत के बेंचमार्क इंडेक्स, सेंसेक्स और निफ्टी 50, लगातार चौथे सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए.

शेयर बाजार में तेजी. Image Credit: Tv9

Closing Bell: भारतीय बाजार में लगातार चौथे दिन तेजी बनी रही. कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट और FII की निकासी में कमी से सेंसेक्स और निफ्टी को सहारा मिला. एनालिस्ट्स तेल की कीमतों में गिरावट को एक अहम पॉजिटिव बात मान रहे हैं, जबकि मॉनसून को लेकर चिंताएं बाजार के सेंटीमेंट के लिए निकट भविष्य में एक जोखिम बना हुआ है.

17 जून को मेटल, PSU बैंक, कैपिटल गुड्स और पावर शेयरों में जबरदस्त खरीदारी के दम पर भारतीय इक्विटी बेंचमार्क लगातार चौथे सेशन में बढ़त के साथ बंद हुए.

30 शेयरों वाला सेंसेक्स 347 अंक या 0.45 फीसदी की बढ़त के साथ 77,156 पर बंद हुआ और निफ्टी 97 अंक या 0.40 फीसदी ऊपर 24,086 पर बंद हुआ.

टॉप गेनर्स और लूजर्स

निफ्टी में शामिल शेयरों में ट्रेंट, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, एटरनल और टाटा स्टील सबसे अधिक बढ़त वाले शेयर रहे. दूसरी ओर, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, सिप्ला, बजाज फिनसर्व, ONGC और एक्सिस बैंक में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई.

सेक्टोरल इंडेक्स

सेक्टर के हिसाब से देखें तो कैपिटल गुड्स ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया और इसमें 2 फीसदी की बढ़त हुई, जबकि कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मेटल्स, पावर और PSU बैंकों में से हर एक में 1 फीसदी से अधिक की बढ़त दर्ज की गई. इसके उलट, ऑटो और रियल्टी इंडेक्स में 0.5 फीसदी की गिरावट आई.

रुपये का हाल

बुधवार को भारतीय रुपया 94.56 के पिछले क्लोजिंग लेवल के मुकाबले 94.53 प्रति डॉलर पर मामूली बदलाव के साथ बंद हुआ.

मार्केट कैप 2.9 लाख करोड़ रुपये बढ़ा

मार्केट कैपिटलाइजेशन (m-cap) ₹472.24 लाख करोड़ से ₹2.92 लाख करोड़ बढ़कर ₹475.17 लाख करोड़ हो गया.

वॉर्श की पहली बैठक

निवेशक आज रात आने वाले US फेडरल रिजर्व की मॉनेटरी पॉलिसी के नतीजों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. ऐसी उम्मीदें हैं कि US का सेंट्रल बैंक एनर्जी की अधिक लागत से महंगाई बढ़ने के बावजूद ब्याज दरों को स्थिर रख सकता है, लेकिन इस पर आने वाली टिप्पणी अहम होगी क्योंकि यह नए नियुक्त प्रमुख केविन वॉर्श की पहली बैठक है.

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