करोड़पति निवेशकों की दौलत ने बनाया नया रिकॉर्ड! सिर्फ 3 महीने में ₹1.83 लाख करोड़ बढ़ी हिस्सेदारी, इन शेयरों ने बनाया मालामाल
जून तिमाही में HNI निवेशकों की NSE लिस्टेड कंपनियों में कुल हिस्सेदारी की वैल्यू बढ़कर रिकॉर्ड 9.92 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई. सिर्फ 3 महीने में उनकी हिस्सेदारी की वैल्यू 1.83 लाख करोड़ रुपये बढ़ी. HDFC Bank सबसे बड़ी होल्डिंग रहा, जबकि Infosys में सबसे ज्यादा खरीदारी हुई. दूसरी ओर, Waaree Energies में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी घटाई गई.

भारत के बड़े और अमीर निवेशकों यानी HNI की शेयर बाजार में ताकत लगातार बढ़ रही है. जून 2026 तिमाही के आखिरी तक NSE में लिस्टेड कंपनियों में उनकी कुल शेयर होल्डिंग का वैल्यू रिकॉर्ड 9.92 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो 10 लाख करोड़ रुपये के बेहद करीब है. सिर्फ 3 महीने में HNI निवेशकों की शेयर संपत्ति में करीब 1.83 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई. इस दौरान उनके पोर्टफोलियो की सबसे बड़ी होल्डिंग HDFC Bank रही, जबकि Reliance Industries और Titan Company भी टॉप 3 में शामिल हैं.
PRIME Database के आंकड़ों के मुताबिक, मार्च के आखिरी में HNI निवेशकों की NSE में लिस्टेड शेयरों में कुल होल्डिंग 8.10 लाख करोड़ रुपये थी. जून के आखिरी तक यह 22.55 फीसदी बढ़कर 9.92 लाख करोड़ रुपये हो गई. यह दिसंबर 2025 में बने 9.56 लाख करोड़ रुपये के पिछले रिकॉर्ड से भी ज्यादा है.
₹10 लाख करोड़ के करीब पहुंची HNI की शेयर वैल्यू
HNI निवेशकों की कुल शेयर वैल्यू में बढ़ोतरी सिर्फ नई खरीदारी से नहीं हुई है. शेयरों की कीमतों में तेजी और ज्यादा वाली वैल्यू कंपनियों में निवेश बढ़ने से भी पोर्टफोलियो का कुल मूल्य बढ़ा है. दिलचस्प बात यह है कि HNI की शेयरों में हिस्सेदारी का औसत प्रतिशत मार्च के 7.31% से घटकर जून में 7.19% रह गया. यानी कंपनियों में उनकी औसत हिस्सेदारी कम हुई, लेकिन शेयरों की कीमत बढ़ने और बड़े शेयरों में एक्सपोजर के कारण कुल पोर्टफोलियो की वैल्यू रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई.
NSE में लिस्टेड कंपनियों के कुल बाजार मूल्य में HNI की हिस्सेदारी जून तिमाही में बढ़कर 2.12% हो गई, जो मार्च में 1.99% थी. फ्री-फ्लोट मार्केट कैप के हिसाब से उनकी हिस्सेदारी भी बढ़कर 4.25% पहुंच गई, जो 4 साल का सबसे ऊंचा स्तर है.
HDFC Bank सबसे बड़ी HNI होल्डिंग
जून 2026 के आखिरी तक HDFC Bank HNI निवेशकों की सबसे बड़ी शेयर होल्डिंग रही. बैंक में उनकी हिस्सेदारी का बाजार मूल्य 28,972 करोड़ रुपये था.
इसके बाद Reliance Industries में 24,383 करोड़ रुपये, Titan Company में 23,744 करोड़ रुपये, Infosys में 17,251 करोड़ रुपये और Kotak Mahindra Bank में 15,512 करोड़ रुपये की HNI होल्डिंग रही.
HNI की टॉप 10 शेयर होल्डिंग
| कंपनी | HNI होल्डिंग का बाजार मूल्य |
|---|---|
| HDFC Bank | ₹28,972 करोड़ |
| Reliance Industries | ₹24,383 करोड़ |
| Titan Company | ₹23,744 करोड़ |
| Infosys | ₹17,251 करोड़ |
| Kotak Mahindra Bank | ₹15,512 करोड़ |
| BSE | ₹13,737 करोड़ |
| JSW Steel | ₹11,140 करोड़ |
| Suzlon Energy | ₹11,109 करोड़ |
| Bajaj Finance | ₹10,931 करोड़ |
| Vodafone Idea | ₹10,894 करोड़ |
इन 10 शेयरों में HNI निवेशकों की कुल होल्डिंग का वैल्यू करीब 1.68 लाख करोड़ रुपये है, जो उनके कुल इक्विटी पोर्टफोलियो का लगभग 16.9% है.
Infosys में सबसे ज्यादा खरीदारी
जून तिमाही में HNI निवेशकों ने Infosys के शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी की. उन्होंने करीब ₹2,859 करोड़ के Infosys शेयर खरीदे और उनकी हिस्सेदारी 2.44 करोड़ से ज्यादा शेयर बढ़ गई.
हालांकि, तिमाही के दौरान Infosys का शेयर करीब 20% गिर गया. इस वजह से खरीदारी के बावजूद HNI की Infosys होल्डिंग का बाजार मूल्य ₹1,262 करोड़ घटकर ₹17,251 करोड़ रह गया.
Godrej Consumer Products HNI की दूसरी सबसे बड़ी खरीदारी रही, जहां उन्होंने करीब ₹1,611 करोड़ का निवेश बढ़ाया. इसके बाद Torrent Pharmaceuticals में ₹1,370 करोड़ और AU Small Finance Bank में ₹1,298 करोड़ की अनुमानित खरीदारी हुई.
Suzlon Energy में भी HNI ने करीब ₹977 करोड़ के शेयर खरीदे. तिमाही में शेयर 49% चढ़ा, जिससे उनकी Suzlon होल्डिंग का मूल्य ₹4,364 करोड़ बढ़कर ₹11,109 करोड़ पहुंच गया.
Swiggy में भी लगाया दांव
Swiggy में HNI निवेशकों ने करीब ₹825 करोड़ की खरीदारी की, जबकि तिमाही के दौरान शेयर करीब 8% गिर गया. Infosys और Swiggy को मिलाकर HNI निवेशकों ने इन दोनों गिरते शेयरों में करीब ₹3,684 करोड़ की खरीदारी की.
इससे साफ है कि बड़े निवेशकों ने सिर्फ तेजी वाले शेयरों का पीछा नहीं किया, बल्कि गिरावट वाले कुछ बड़े शेयरों में भी खरीदारी का मौका देखा.
Waaree Energies में सबसे ज्यादा बिकवाली
Waaree Energies में HNI निवेशकों ने सबसे ज्यादा हिस्सेदारी घटाई. अनुमानित तौर पर उन्होंने करीब ₹2,031 करोड़ के शेयर बेचे और उनकी हिस्सेदारी 63.82 लाख शेयर कम हुई. तिमाही के दौरान Waaree Energies का शेयर 5.24% गिरा.
SG Mart में HNI की दूसरी सबसे बड़ी बिकवाली रही, जहां करीब ₹1,284 करोड़ की हिस्सेदारी घटी. इसके बाद Wipro में करीब ₹568 करोड़ और BSE में ₹567 करोड़ की अनुमानित बिकवाली हुई.
तेजी वाले शेयरों में भी HNI ने घटाई हिस्सेदारी
कई शेयरों में HNI निवेशकों ने तेजी के दौरान मुनाफावसूली की. BSE जून तिमाही में 44.05% चढ़ा, जबकि Vodafone Idea में 69.52% की तेजी आई. Sterlite Technologies 247.75%, Cupid 128.56% और Yes Bank 40.17% चढ़ा, लेकिन इन कंपनियों में भी HNI निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी घटाई. Vodafone Idea इसका बड़ा उदाहरण है. HNI निवेशकों ने अनुमानित तौर पर ₹456 करोड़ के शेयर बेचे और कंपनी में HNI शेयरधारकों की संख्या करीब 6,000 कम हो गई. इसके बावजूद करीब 70% की तेजी के चलते उनकी होल्डिंग का बाजार मूल्य ₹4,154 करोड़ बढ़कर ₹10,894 करोड़ पहुंच गया.
करीब 98% NSE कंपनियों में HNI की मौजूदगी
HNI निवेशकों की बाजार में पहुंच भी लगातार बढ़ रही है. जून 2026 के अंत तक उनकी हिस्सेदारी 2,284 NSE लिस्टेड कंपनियों में थी, जो मार्च में 2,200 कंपनियों में थी. यह रिपोर्ट में शामिल 2,340 कंपनियों का करीब 98% है.
जून तिमाही के दौरान HNI की हिस्सेदारी 1,081 कंपनियों में बढ़ी, जबकि 892 कंपनियों में घटी. जिन कंपनियों में HNI की हिस्सेदारी बढ़ी, उनके शेयरों में औसतन 30.64% की तेजी आई. वहीं, जिन कंपनियों में हिस्सेदारी घटी, वहां औसत तेजी 30.40% रही.
इन छोटी कंपनियों में HNI की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा
प्रतिशत के हिसाब से सबसे ज्यादा HNI हिस्सेदारी वाली कंपनियों में ज्यादातर छोटी कंपनियां शामिल हैं. Gradiente Infotainment में HNI की हिस्सेदारी 63.47% रही. इसके बाद Univa Foods में 59.30% और R.M. Drip & Sprinklers Systems में 48.68% हिस्सेदारी थी.
टॉप 10 कंपनियों में HNI की हिस्सेदारी 40% से 63.47% के बीच रही. इनमें से 9 कंपनियों का मार्केट कैप ₹1,300 करोड़ से कम था. Tamilnad Mercantile Bank इस सूची में इकलौती ऐसी कंपनी रही, जिसका मार्केट कैप ₹1,300 करोड़ से ज्यादा था.
घरेलू निवेशकों की ताकत बढ़ी
भारतीय शेयर बाजार में घरेलू निवेशकों की हिस्सेदारी बढ़ती जा रही है. जून तिमाही में DII, रिटेल निवेशक और HNI की संयुक्त हिस्सेदारी रिकॉर्ड 28.66% पर पहुंच गई. वहीं, FII की हिस्सेदारी घटकर 14 साल के निचले स्तर 15.88% पर आ गई.
कुल मिलाकर, HNI निवेशकों की रिकॉर्ड 9.92 लाख करोड़ रुपये की शेयर वैल्यू भारतीय बाजार में घरेलू निवेशकों की बढ़ती ताकत को दिखाती है. हालांकि, पोर्टफोलियो की वैल्यू में बड़ी बढ़ोतरी केवल नई खरीदारी से नहीं, बल्कि शेयरों की कीमत बढ़ने और बड़े मूल्य वाले शेयरों में निवेश के कारण भी हुई है.
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