162% बढ़ा मुनाफा, ₹7189 करोड़ का बड़ा प्लान और 365% तक का रिटर्न; क्या फिर चमकेगी किस्मत?

Hindustan Copper को कॉपर की बढ़ती कीमतों और मजबूत मांग का बड़ा फायदा मिल रहा है. पिछले एक साल में शेयर करीब 132% चढ़ चुका है और जून तिमाही में कंपनी का मुनाफा 162.5% बढ़ा है. FY30 तक 7188.6 करोड़ रुपये के विस्तार प्लान से कंपनी की उत्पादन क्षमता बढ़ाने की तैयारी है. हालांकि, सरकार के OFS के बाद शेयर में मंगलवार को 7.3% की गिरावट आई. सबसे बड़ी चिंता इसका Valuation है, क्योंकि कंपनी का P/E 42.7 गुना है, जो कई बड़ी ग्लोबल कॉपर कंपनियों से ज्यादा है.

कॉपर स्टॉक Image Credit: FreePik

Highlights

  • Q1FY27 में Hindustan Copper का Net Profit 162.5% बढ़कर ₹352.6 करोड़ पहुंच गया.
  • कंपनी FY30 तक ₹7,188.6 करोड़ खर्च कर अयस्क उत्पादन 122 लाख टन तक पहुंचाने की तैयारी में है.
  • Hindustan Copper का P/E 42.7 गुना है, जो BHP, Freeport-McMoRan और Southern Copper Corporation से ज्यादा है.

कॉपर की बढ़ती कीमतों और मजबूत मांग का फायदा Hindustan Copper को लगातार मिल रहा है. जून तिमाही में कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर 162.5% बढ़ा है, जबकि कंपनी ने FY30 तक ₹7,188.6 करोड़ के बड़े विस्तार प्लान का भी ऐलान किया है. इसके बावजूद मंगलवार को सरकार के OFS के चलते शेयर में 7.3% की गिरावट देखने को मिली. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि पिछले एक साल में करीब 125% रिटर्न देने वाला यह शेयर अब भी निवेश के लिए सस्ता है या तेजी के बाद महंगा हो चुका है.

कंपनी के शेयर का हाल?

Hindustan Copper का शेयर 26 अगस्त को दोपहर करीब 12 बजे 545 रुपये पर कारोबार कर रहा था और इसमें 2.23 फीसदी की तेजी देखी गई. कंपनी का मार्केट कैप फिलहाल करीब 52712 करोड़ है. शेयर का 52 हफ्ते का हाई लेवल 760 रुपये और लो लेवल 226 रुपये रहा है, यानी पिछले एक साल में इसमें काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. FY27 की पहली तिमाही के आखिरी में केंद्र सरकार के पास हिंदुस्तान कॉपर की 66.15 फीसदी हिस्सेदारी थी.

हालांकि, पिछले एक साल में शेयर का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है. इस दौरान Hindustan Copper के शेयर ने करीब 132% रिटर्न दिया. वहीं 5 साल में 365 फीसदी का रिटर्न दिया है.

भारत के पास कॉपर के सीमित भंडार

Hindustan Copper ने FY26 की Annual Report अभी जारी नहीं की है. हालांकि, OFS से पहले जारी कंपनी की Corporate Presentation के मुताबिक FY26 में कंपनी ने 27,421 टन Metal in Concentrate का उत्पादन किया, जो सात साल का हाई लेवल है. यह सालाना आधार पर 9% की बढ़ोतरी है. कंपनी ने FY26 में 36 लाख टन कॉपर अयस्क का उत्पादन किया, जो सालाना आधार पर 6% ज्यादा है.

FY25 की Annual Report के मुताबिक भारत के पास दुनिया के कुल कॉपर अयस्क भंडार का करीब 0.2% हिस्सा है. वहीं, वैश्विक कॉपर उत्पादन में भारत की हिस्सेदारी सिर्फ 0.12% है, जबकि रिफाइंड कॉपर उत्पादन में हिस्सेदारी करीब 2% है. भारत में कॉपर की मांग बढ़ने की उम्मीद है. इसके पीछे 2032 तक 500 GW Renewable Energy का लक्ष्य, Electric Vehicles और दूसरे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स जैसे कारक हैं. इसी वजह से देश कॉपर के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है.

Hindustan Copper के पास भारत के कुल कॉपर अयस्क भंडार और संसाधनों का करीब दो-पांचवां हिस्सा है. कंपनी के अयस्क का औसत ग्रेड 0.95% है.

कॉपर की कीमत बढ़ी, मुनाफे में 162.5% की छलांग

FY27 की पहली तिमाही में LME कॉपर की औसत कीमत $13,324.3 प्रति टन रही, जो सालाना आधार पर 40% ज्यादा है. फिलहाल LME कॉपर की कीमत $14,273 प्रति टन है. कॉपर की बढ़ती कीमतों का सीधा फायदा Hindustan Copper को मिला. Q1FY27 में कंपनी का Consolidated Revenue from Operations 81.4% बढ़कर ₹936.5 करोड़ हो गया. वहीं, Net Profit 162.5% बढ़कर ₹352.6 करोड़ पहुंच गया.

FY26 में भी कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा. Consolidated Revenue 48.6% बढ़कर ₹3,077.9 करोड़ रहा, जबकि Net Profit 97% बढ़कर ₹920.6 करोड़ हो गया. कंपनी ने FY26 के लिए ₹2.86 प्रति शेयर Dividend भी घोषित किया था.

₹7,189 करोड़ के विस्तार प्लान पर काम

Hindustan Copper ने अप्रैल 2026 में Vision 2030 के तहत FY30 तक ₹7,188.6 करोड़ के Capital Expenditure का ऐलान किया था. कंपनी का लक्ष्य FY30 तक अयस्क उत्पादन बढ़ाकर 122 लाख टन करना है. वहीं, Net Profit FY26 के ₹920.7 करोड़ से बढ़ाकर FY30 तक ₹1,568 करोड़ करने का लक्ष्य रखा गया है.

अगर कंपनी FY30 के इन लक्ष्यों को हासिल करती है और Equity Capital में कोई Dilution नहीं होता है, तो मौजूदा शेयर भाव के हिसाब से FY30 की अनुमानित कमाई पर शेयर का P/E करीब 32 गुना होगा.

AI Data Centres और Clean Energy से कॉपर की मांग

कॉपर की वैश्विक मांग को Clean Energy, Digital Infrastructure, Electric Mobility, AI Data Centres और Advanced Manufacturing जैसे सेक्टरों से समर्थन मिल रहा है.

हालांकि, कॉपर की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव भी देखने को मिलता है. जनवरी 2026 के पहले हफ्ते में LME कॉपर की कीमत करीब 13300 डॉलर प्रति टन थी. मार्च 2026 के आखिर तक यह घटकर 12140 डॉलर प्रति टन रह गई. इसके बाद कीमत दोबारा बढ़कर 14273 डॉलर प्रति टन तक पहुंच गई.

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