Deepseek ने भारत की इन AI कंपनियों को दिया झटका, गिर गए 40 फीसदी शेयर

DeepSeek के AI की चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है. जिसकी वजह से AI, चिपसेट और डेटा सेंटर से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई है. इसके कारण, सोमवार को दुनिया के AI चिपसेट लीडर Nvidia के मार्केट कैप में करीब 600 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ. यह अमेरिकी इतिहास में पहली बार है जब किसी कंपनी को एक दिन में इतना बड़ा नुकसान हुआ है.इसके अलावा, भारत में भी AI से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई है और उनकी चिंताएं बढ़ गई हैं.

एआई स्टॉक Image Credit: money9live.com

Ai Stocks: चीनी टेक स्टार्टअप DeepSeek के AI मॉडल ने हलचल मचा दी है और इसकी चर्चा हर जगह हो रही है. इस डीपसीक AI मॉडल के कारण, सोमवार को दुनिया के AI चिपसेट लीडर Nvidia के मार्केट कैप में करीब 600 बिलियन डॉलर की गिरावट आई है. यह अमेरिकी इतिहास में किसी भी कंपनी के लिए एक दिन में होने वाली सबसे बड़ी गिरावट है.
एनवीडिया पर पड़ा असर दुनिया भर के शेयर बाजारों पर देखा जा रहा है, और भारतीय बाजार भी इससे अछूता नहीं है.

वैल्यू रिसर्च के मुताबिक Netweb Technologies और Anant Raj जैसी कंपनियों ने, पिछले एक साल में 100 से 300 फीसदी तक का रिटर्न दिया था, अब बड़ा झटका लगा है. एआई और डेटा सेंटर की बढ़ती मांग के कारण ये कंपनियां मार्केट की पसंद बनी थीं, लेकिन सिर्फ दो दिनों में इनके शेयर 40 फीसदी तक गिर चुके हैं.

क्यों घबराए हुए हैं निवेशक

भारत और विदेशों में बिकवाली का प्रमुख कारण डीपसीक का एडवांस AI मॉडल है. यह मॉडल अमेरिकी प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में बहुत सस्ता और उतना ही प्रभावी है. इससे एनवीडिया और अन्य हार्डवेयर निर्माताओं के बनाए एआई कंप्यूटिंग हार्डवेयर की मांग घटने का खतरा बढ़ गया है. साथ ही, इसे डेवलप करने में बहुत कम खर्च आया है.

जिसे अब तक का सबसे किफायती बड़ा लैंग्वेज मॉडल माना जा रहा है, इसकी लागत सिर्फ 5.6 मिलियन डॉलर बताई जा रही है, जबकि GPT-4 की लागत 100 मिलियन डॉलर थी. इतना ही नहीं, डीपसीक के मॉडल अधिक कुशल हैं और इन्हें चलाने के लिए कम कम्प्यूटेशनल पावर और विशेष चिपसेट की जरूरत होती है. बाजार अब इस संभावना पर विचार कर रहा है कि AI निवेश की लागत पहले की अपेक्षा काफी कम हो सकती है.

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भारतीय कंपनियों के लिए कैसे खतरा है डीपसीक

नेटवेब टेक्नोलॉजीज डेटा सेंटर के लिए कंप्यूटिंग हार्डवेयर का निर्माण करती है. इसे एनवीडिया के टियर-1 पार्टनर के रूप में AI बूम से फायदा मिला था. हालांकि, डीपसीक के अधिक प्रभावी मॉडल एनवीडिया के हार्डवेयर और नेटवेब द्वारा इंटीग्रेट किए गए GPU-हेवी सिस्टम पर निर्भरता को कम कर सकते हैं.

डेटा सेंटर सेक्टर से जुड़ी रियल एस्टेट कंपनी अनंत राज भी इसी स्थिति में है. दिल्ली-एनसीआर में 4 मिलियन वर्ग फीट का डेटा सेंटर विकसित करने की इसकी योजना थी, जिससे पांच साल में 3,300 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने का अनुमान था. यही वजह थी कि कंपनी के शेयर में तेजी आई थी.

हालांकि, डीपसीक के कारण निवेशक ऑन-प्रिमाइसेस डेटा सेंटर से क्लाउड-आधारित सिस्टम की ओर रुझान दिखा रहे हैं. इससे फिजिकल डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग घट सकती है.

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