PM किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त से पहले बड़ी छंटनी! ऐसे चेक करें आपका नाम लिस्ट में है या नहीं
PM Kisan की 22वीं किस्त का इंतजार कर रहे किसानों के लिए यह अहम समय है. पेमेंट से पहले सरकार ने लिस्ट की सख्त जांच की है. इसलिए किसान तुरंत अपना स्टेटस जांच लें और सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर लें, ताकि 2,000 रुपये की अगली किस्त बिना रुकावट खाते में पहुंचे.
PM Kisan की 22वीं किस्त आने से पहले सरकार ने लाभार्थियों की लिस्ट में बड़ी सफाई अभियान शुरू किया है. हाल की जांच में लाखों किसानों के नाम हटाए गए हैं, ताकि सिर्फ पात्र लोगों को ही 2,000 रुपये की अगली किस्त मिल सके. ऐसे में अगर आप भी इस योजना के लाभार्थी हैं, तो यह मानकर न चलें कि पैसा अपने आप आ जाएगा. पहले यह जरूर चेक कर लें कि आपका नाम नई लिस्ट में बना हुआ है या कट गया है.
पिछले सात सालों के ट्रेंड को देखें तो दिसंबर–मार्च चक्र की पहली किस्त आमतौर पर जनवरी या फरवरी में जारी की गई है.
- 2019 – 24 फरवरी 2019.
- 2020 (Dec–Mar cycle) – 2 जनवरी 2020.
- 2021 (Dec–Mar cycle) – 25 दिसंबर 2020.
- 2022 (Dec–Mar cycle) – 1 जनवरी 2022.
- 2023 (Dec–Mar cycle) – 27 फरवरी 2023.
- 2025 (Dec–Mar cycle) – 24 फरवरी 2025.
इस पैटर्न से साफ है कि सरकार आमतौर पर जनवरी या फरवरी में पेमेंट करती रही है. इस बार थोड़ी देरी दिख रही है, इसलिए अनुमान है कि 22वीं किस्त मार्च 2026 के पहले या दूसरे सप्ताह में आ सकती है.
इस बार देरी क्यों?
मुख्य वजह बड़े स्तर पर वेरिफिकेशन ड्राइव बताई जा रही है. सरकार लाभार्थियों की सूची को साफ कर रही है ताकि केवल पात्र किसानों को ही पैसा मिले. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल के सत्यापन में लाखों नाम हटाए गए हैं. केवल 21वीं किस्त के दौरान ही करीब 70 लाख नाम हटाए गए थे.
नाम हटने के प्रमुख कारण?
- e-KYC अधूरा होना.
- भूमि रिकॉर्ड लिंक न होना या मिलान में गड़बड़ी.
- आधार बैंक खाते से लिंक न होना.
- आयकरदाता द्वारा गलत तरीके से लाभ लेना.
- एक ही परिवार में डुप्लिकेट एंट्री.
- सरकार का मकसद पारदर्शिता बढ़ाना और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग को रोकना है.
22वीं किस्त से पहले जांच
2,000 रुपये की अगली किस्त पाने के लिए किसानों को यह सुनिश्चित करना होगा:
- e-KYC अनिवार्य.
- यह सभी पंजीकृत किसानों के लिए जरूरी है.
- PM-Kisan पोर्टल पर OTP के जरिए.
- PM-Kisan मोबाइल ऐप पर फेस ऑथेंटिकेशन से.
- CSC सेंटर पर बायोमेट्रिक के माध्यम से.
- Land Seeding और रिकॉर्ड मिलान.
- भूमि स्वामित्व का रिकॉर्ड राज्य सरकार द्वारा सत्यापित होना चाहिए.
यदि Land Seeding में “No” दिखे तो खसरा या खतौनी लेकर स्थानीय तहसील या ब्लॉक कृषि कार्यालय जाएं.
1 फरवरी 2019 के बाद जमीन खरीदने वाले किसानों की विशेष जांच हो रही है.
Farmer ID जरूरी
उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और बिहार समेत 14 राज्यों में नई रजिस्ट्रेशन के लिए यूनिक Farmer ID अनिवार्य है.
आधार–बैंक लिंकिंग. DBT के लिए बैंक खाता आधार से लिंक और एक्टिव होना जरूरी है.
अपना नाम कैसे चेक करें?
- आधिकारिक PM-Kisan वेबसाइट पर जाएं.
- Farmers Corner में “Know Your Status” पर क्लिक करें.
- रजिस्ट्रेशन नंबर और कैप्चा डालें.
- यह जांच लें कि:
- e-KYC “Yes” हो.
- Land Seeding “Yes” हो.
- Aadhaar Bank Seeding “Yes” हो.
- अगर कहीं “No” दिखे तो तुरंत सुधार कराएं.
अगर पिछली किस्त छूट गई हो तो?
अगर पहले वेरिफिकेशन अधूरा होने के कारण नाम हट गया था और अब आपने e-KYC या भूमि/आधार विवरण ठीक करा लिया है, तो दोबारा पात्र बन सकते हैं. सत्यापन के बाद भविष्य की किस्तें फिर शुरू हो सकती हैं. कुछ मामलों में बकाया किस्त भी स्वीकृति के बाद मिल सकती है.
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