डिविडेंड देने के मामले में राजा हैं ये 4 स्टॉक, लिस्ट में Power Grid, NTPC शामिल; गिरते बाजार में भी निवेशकों पर बरसाया पैसा
वोलटाइल शेयर बाजार में डिविडेंड देने वाले स्टॉक्स निवेशकों के लिए स्थिरता का मजबूत विकल्प बनकर उभरते हैं. जब कैपिटल अप्रिसिएशन सीमित हो जाता है और वोलैटिलिटी बढ़ती है, तब नियमित डिविडेंड इनकम निवेशकों को बेहतर रिटर्न का सहारा देती है. Power Grid Corporation of India और Indian Oil Corporation जैसी कंपनियां मजबूत बिजनेस मॉडल और डिविडेंड पॉलिसी के कारण भरोसेमंद मानी जाती हैं.
Dividend paying stocks: अधिकांश मार्केट साइकिल में डिविडेंड निवेशकों की पहली चर्चा का हिस्सा नहीं होते. जब बाजार में तेजी होती है, तब निवेशकों का ध्यान कैपिटल अप्रिसिएशन, ग्रोथ स्टोरी और भविष्य की संभावनाओं वाले शेयरों पर रहता है. लेकिन जैसे ही बाजार की रफ्तार धीमी होती है, रिटर्न्स सीमित होने लगते हैं और वोलैटिलिटी बढ़ती है, वैसे ही डिविडेंड का महत्व तेजी से बढ़ जाता है. मौजूदा समय में भारतीय शेयर बाजार भी कुछ हद तक इसी दौर से गुजर रहा है. ऐसे माहौल में क्वार्टरली डिविडेंड पेयिंग स्टॉक्स निवेशकों के लिए एक स्थिर विकल्प बनकर उभरते हैं.
ये आमतौर पर ऐसी कंपनियां होती हैं जिनका बिजनेस मॉडल मजबूत होता है, कम कैपिटल एक्सपेंशन की जरूरत होती है और कमाई अपेक्षाकृत अधिक रहती है. ये कंपनियां तेज ग्रोथ से चौंकाती नहीं हैं, बल्कि समय-समय पर मुनाफा शेयरहोल्डर्स के साथ साझा करती हैं. तो चलिए आपको बताते हैं उन कंपनियों के बारे में, जिन्होंने निवेशकों को बेहतर रिटर्न दिया है.
Power Grid Corporation of India
Equitymaster की रिपोर्ट के मुताबिक, इस लिस्ट में सबसे पहला नाम Power Grid Corporation of India का है. यह कंपनी भारत में इंटर-स्टेट पावर ट्रांसमिशन नेटवर्क का संचालन करती है और देश की लगभग 50 फीसदी बिजली अपने नेटवर्क के जरिए ट्रांसमिट करती है. यह PSU अपने सेक्टर में लगभग मोनोपॉली की स्थिति में है. रेवेन्यू रेगुलेटेड स्ट्रक्चर और एसेट-लिंक्ड इनकम मॉडल की वजह से कंपनी की अर्निंग्स में हाई विजिबिलिटी रहती है.
पिछले 5 वर्षों में कंपनी की सेल्स और नेट प्रॉफिट क्रमशः 4 फीसदी और 7 फीसदी CAGR से बढ़े हैं. मजबूत कैश फ्लो के दम पर कंपनी ने नियमित डिविडेंड पॉलिसी बनाए रखी है. बीते 5 वर्षों में औसतन 12 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड दिया गया है और मौजूदा डिविडेंड यील्ड करीब 3.4 फीसदी है.
NTPC
दूसरे नंबर पर NTPC का नाम आता है. यह भारत की सबसे बड़ी एनर्जी कंपनी है, जिसकी इंस्टॉल्ड कैपेसिटी 75 गीगावाट से ज्यादा है. लॉन्ग-टर्म पावर परचेज एग्रीमेंट्स के चलते इसकी इनकम स्टेबल बनी रहती है. पिछले 5 वर्षों में कंपनी का रेवेन्यू 11.5 फीसदी CAGR और नेट प्रॉफिट 15 फीसदी CAGR से बढ़ा है. NTPC रिन्यूएबल और न्यूक्लियर एनर्जी में निवेश करते हुए भी शेयरहोल्डर्स को नियमित डिविडेंड देती रही है. FY25 में कंपनी ने 8.4 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड दिया, जबकि औसत डिविडेंड यील्ड 2.6 फीसदी रही.
Hindustan Zinc
Hindustan Zinc मेटल और माइनिंग सेक्टर की एक मजबूत कंपनी है. लो-कॉस्ट प्रोडक्शन इसकी सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है. बीते 5 वर्षों में कंपनी ने औसतन 31 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड दिया है और मौजूदा डिविडेंड यील्ड करीब 4.8 फीसदी है.
Indian Oil Corporation
लिस्ट में आखिरी नाम Indian Oil Corporation का है. रिफाइनिंग से लेकर मार्केटिंग तक फैले बिजनेस मॉडल के बावजूद कंपनी ने हर परिस्थिति में डिविडेंड भुगतान बनाए रखा है. बीते 5 वर्षों में कंपनी ने औसतन 8 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड दिया है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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