FMCG Stocks: 38% तक सस्ते मिल रहे ये शेयर, कर्ज लगभग जीरो, फॉर्च्यून बनाने वाली कंपनी भी लिस्ट में शामिल
शेयर बाजार में जारी गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है और कई मजबूत कंपनियों के शेयर 52-वीक लो के करीब पहुंच गए हैं. हालांकि, FMCG सेक्टर में ग्रामीण मांग, घटती महंगाई और बढ़ती आय के चलते लंबी अवधि में बेहतर ग्रोथ की उम्मीद है, जिससे मौजूदा गिरावट निवेश के आकर्षक अवसर दे सकती है.
FMCG Stocks: शेयर बाजार की हालिया गिरावट ने निवेशकों की कमर तोड़ दी है. पिछले पांच कारोबारी दिवस से बाजार लाल निशान में बंद हो रहे हैं, जिसमें अमेरिकी टैरिफ की आशंकाओं, वैश्विक व्यापार तनाव और विदेशी फंड आउटफ्लो जैसे कारणों से बाजार पर दबाव बना हुआ है. कई कंपनियों ने या तो अपने 52-वीक लो को टच किया है या उसके बहुत करीब कारोबार कर रही हैं.
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती मांग, महंगाई में गिरावट और बढ़ती डिस्पोजेबल आय के कारण FMCG सेक्टर में ग्रोथ की मजबूत उम्मीद है. 2026 में सिंगल-डिजिट वॉल्यूम ग्रोथ और 2030 तक डबल-डिजिट CAGR की संभावना बनी हुई है. ऐसे में बाजार की यह गिरावट लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए आकर्षक खरीदारी के अवसर पैदा कर सकती है, खासकर मजबूत फंडामेंटल्स वाली कंपनियों में. यहां तीन ऐसी FMCG कंपनियां हैं जो हाल के दिनों में नए 52-वीक लो के करीब या नीचे पहुंची हैं.
Jyothy Labs
ज्योति लैब्स एक प्रमुख FMCG कंपनी है जो घरेलू और पर्सनल केयर उत्पादों में विशेषज्ञता रखती है. कंपनी के प्रमुख ब्रांड्स में उजाला, हेंको और एक्सो डिटर्जेंट, प्रिल डिशवॉश, मार्गो साबुन और मैक्सो इंसेक्टिसाइड शामिल हैं. कंपनी के पूरे भारत में 23 मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं और यह लगभग 2.8 मिलियन आउटलेट्स तक पहुंच रखती है.
ज्योति लैब्स के शेयर 52-वीक हाई से 38% तक गिर चुके हैं और हाल ही में नए 52-वीक लो के आसपास ट्रेड कर रहे हैं. 9 जनवरी 2026 को इस शेयर की कीमत 260.60 रुपये है, जबकि 52-वीक हाई 423 रुपये और लो 259 रुपये के आसपास रहा है. कंपनी लगभग कर्ज मुक्त है. बीते पांच साल में इसने केवल 72.6 फीसदी का रिटर्न दिया है.
सितंबर तिमाही में कंपनी ने 753 करोड़ रुपये का रेवेन्यू कमाया है, जो जून तिमाही के 771 करोड़ रुपये से कम है. मुनाफे के मोर्चे पर भी कंपनी का प्रदर्शन कमजोर है. जहां जून में कंपनी ने 96.79 करोड़ रुपये का प्रॉफिट दर्ज किया था, वहीं सितंबर में यह गिरकर 87.76 करोड़ रह गया.
Tasty Bite Eatables
टेस्टी बाइट ईटेबल्स रेडी-टू-ईट फूड्स बनाने में फोकस करती है, जिसमें नैचुरल, ऑर्गेनिक और प्रिजर्वेटिव-फ्री वेजिटेरियन प्रोडक्ट्स शामिल हैं. यह अमेरिका, कनाडा, यूके, ऑस्ट्रेलिया आदि देशों में एक्सपोर्ट करती है और कंज्यूमर रिटेल, फूड सर्विस में एक्टिव है.
9 जनवरी को इस शेयर में 1 फीसदी से अधिक की गिरावट आई है. शेयर 52-वीक हाई से करीब 34% गिर चुका है और हाल के महीनों में नए निचले स्तरों पर ट्रेड कर रहा है. हालिया गिरावट के बाद यह 7618 रुपये पर पहुंच गया, जबकि हाई 11,958 रुपये और लो 7543 रुपये रहा है. कंपनी पर बहुत ही कम कर्ज है.
हालिया तिमाही में कंपनी के रेवेन्यू में मामूली तेजी आई है, लेकिन मुनाफे के मोर्चे पर कंपनी फिसल रही है. सितंबर तिमाही में रेवेन्यू 139 करोड़ रुपये रहा और मुनाफा केवल 3.62 करोड़, जो जून की तुलना में आधे से भी कम है.
AWL Agri Business
AWL एग्री बिजनेस एडिबल ऑयल्स और फूड प्रोडक्ट्स में प्रमुख एफएमसीजी कंपनी है. यह 1999 में अडानी ग्रुप और विल्मर इंटरनेशनल के जॉइंट वेंचर के रूप में शुरू हुई थी और 2025 में अडानी के एग्जिट के बाद रीब्रैंडिंग हुई. इसका फ्लैगशिप ब्रांड फॉर्च्यून है.
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शुक्रवार को शेयर में 2 फीसदी से अधिक की गिरावट आई है. शेयर 52-वीक हाई से 32% तक गिर चुका है और जनवरी 2026 में 222-228 रुपये के बीच ट्रेड कर रहा है. इसने अपना नया 52-वीक लो बनाया है, जो 222.10 है. कंपनी लगभग कर्जमुक्त है.
सितंबर तिमाही में कंपनी ने 17526 करोड़ रुपये का रेवेन्यू कमाया है, जो जून की तुलना में लगभग 300 करोड़ रुपये अधिक है. हालांकि कंपनी का मुनाफा 232 करोड़ रुपये से घटकर 228 करोड़ रुपये रह गया है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.