IRFC में 2% हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, OFS से जुटा सकती है 2,300 करोड़ रुपये, रडार पर रखें शेयर

91 रुपये के फ्लोर प्राइस के आधार पर सरकार को इस हिस्सेदारी बिक्री से 2,300 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मिलने का अनुमान है. OFS में एक बेस ऑफर के साथ ग्रीनशू विकल्प भी शामिल है. यदि निवेशकों की ओर से मजबूत डिमांड सामने आती है तो सरकार अतिरिक्त हिस्सेदारी भी बेच सकती है.

IRFC Image Credit: Canva, tv9

IRFC Share Price : केंद्र सरकार ने Indian Railway Finance Corporation (IRFC) में अपनी हिस्सेदारी बेचने का ऐलान किया है. सरकार ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए कंपनी में 2 फीसदी तक हिस्सेदारी बेचने जा रही है. यह कदम सरकार के विनिवेश (Disinvestment) कार्यक्रम का हिस्सा है. इस संबंध में Department of Investment and Public Asset Management (DIPAM) ने मंगलवार को जानकारी दी. मंगलवार के कारोबार में इसके शेयरों में गिरावट देखने को मिली.

क्या है OFS का पूरा प्लान?

सरकार IRFC में 2 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के लिए OFS ला रही है. इसके लिए फ्लोर प्राइस 91 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है. यह OFS दो दिनों तक खुला रहेगा. पहले दिन गैर-रिटेल निवेशक बोली लगा सकेंगे, जबकि दूसरे दिन रिटेल निवेशकों के लिए इश्यू खुला रहेगा. सरकार कुल 26.13 करोड़ इक्विटी शेयर बेचने की योजना बना रही है.

सरकार को कितना मिलेगा?

91 रुपये के फ्लोर प्राइस के आधार पर सरकार को इस हिस्सेदारी बिक्री से 2,300 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मिलने का अनुमान है. OFS में एक बेस ऑफर के साथ ग्रीनशू विकल्प भी शामिल है. यदि निवेशकों की ओर से मजबूत डिमांड सामने आती है तो सरकार अतिरिक्त हिस्सेदारी भी बेच सकती है.

विनिवेश रणनीति का हिस्सा

सरकार लगातार पब्लिक सेक्टर की कंपनियों में सार्वजनिक हिस्सेदारी बढ़ाने और संसाधन जुटाने के लिए विनिवेश कार्यक्रम चला रही है. IRFC में हिस्सेदारी बिक्री भी इसी रणनीति का हिस्सा है.

क्या करती है IRFC?

IRFC रेलवे मंत्रालय के तहत आने वाली एक नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी है. यह भारतीय रेलवे की एक यूनिट के रूप में काम करती है और रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर, रोलिंग स्टॉक खरीद और नेटवर्क विस्तार प्रोजेक्ट के लिए धन जुटाने का काम करती है. कंपनी की स्थापना 1986 में हुई थी. IRFC घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से पूंजी जुटाकर भारतीय रेलवे की वित्तीय जरूरतों को पूरा करती है.

हाल में हुआ था GIC का OFS

IRFC का OFS ऐसे समय आ रहा है जब हाल ही में सरकार ने General Insurance Corporation of India (GIC) में 5 फीसदी हिस्सेदारी बिक्री पूरी की थी.

इस साल कितना जुटा चुकी है सरकार?

वर्तमान वित्त वर्ष में सरकार अब तक पांच PSU बैंकों और बीमा कंपनियों में थोड़ी हिस्सेदारी बेच चुकी है. इन डील्स से अब तक करीब 16,480 करोड़ रुपये की राशि जुटाई जा चुकी है. सरकार का लक्ष्य वित्त वर्ष 2026-27 में हिस्सेदारी बिक्री और एसेट मोनेटाइजेशन के जरिए 80,000 करोड़ रुपये से अधिक जुटाने का है.

शेयर का प्रदर्शन कैसा रहा?

OFS की घोषणा से पहले मंगलवार को IRFC के शेयर में कमजोरी देखने को मिली. BSE पर शेयर 2.53 फीसदी गिरकर 98.37 रुपये पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान शेयर करीब 2.21 फीसदी की गिरावट के साथ 98.67 रुपये पर ट्रेड करता दिखा.

  • पिछले 1 सप्ताह में शेयर 1.64 फीसदी चढ़ा है.
  • पिछले 3 महीनों में 4.2 फीसदी की बढ़त दर्ज की है.
  • जबकि पिछले 1 साल में शेयर 26.48 फीसदी कमजोर हुआ है.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.