GRSE vs Mazagon Dock: किस शिपबिल्डिंग शेयर में ज्यादा दम, 5 साल में दिया 2283 फीसदी तक का रिटर्न
नेवी के modernization, ग्रीन एनर्जी और बढ़ते समुद्री व्यापार के कारण इस सेक्टर में बड़ा मौका बन रहा है. भारत भी इस रेस में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना चाहता है. अभी भारत का हिस्सा 1 प्रतिशत से भी कम है, लेकिन सरकार का टारगेट 2047 तक इसे दुनिया के टॉप देशों में शामिल करना है.

GRSE vs Mazagon Dock: दुनिया भर में शिपबिल्डिंग सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है. नेवी के modernization, ग्रीन एनर्जी और बढ़ते समुद्री व्यापार के कारण इस सेक्टर में बड़ा मौका बन रहा है. भारत भी इस रेस में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना चाहता है. अभी भारत का हिस्सा 1 प्रतिशत से भी कम है, लेकिन सरकार का टारगेट 2047 तक इसे दुनिया के टॉप देशों में शामिल करना है.
भारत के लिए यह सेक्टर बहुत जरूरी है, क्योंकि देश का करीब 90 प्रतिशत व्यापार समुद्री रास्तों से होता है. ऐसे में निवेशकों की नजर अब शिपबिल्डिंग कंपनियों पर है. खासकर Mazagon Dock Shipbuilders और Garden Reach Shipbuilders & Engineers जैसे शेयर चर्चा में हैं. अब सवाल है कि इन दोनों में कौन बेहतर है.
Mazagon Dock
Mazagon Dock Shipbuilders बड़े और हाई-टेक जहाज बनाती है. यह भारत की एकमात्र कंपनी है जो पनडुब्बी और डेस्ट्रॉयर जैसे जटिल प्लेटफॉर्म बनाती है. कंपनी का ज्यादा रेवेन्यू डिफेंस सेक्टर से आता है. इसके पास बड़े ऑर्डर हैं, जिससे आने वाले कई सालों तक कमाई की उम्मीद बनी रहती है. कंपनी नए प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर रही है, जिससे भविष्य में ऑर्डर बुक और बढ़ सकती है.
GRSE का बिजनेस मॉडल
Garden Reach Shipbuilders & Engineers छोटे और Medium size के जहाज बनाती है. इसका फोकस ज्यादा मात्रा में प्रोडक्शन पर है. GRSE सिर्फ डिफेंस ही नहीं, बल्कि कमर्शियल और अन्य बिजनेस में भी काम करती है. यह ब्रिज, इंजन और अन्य उपकरण भी बनाती है. कंपनी ने ग्रीन शिपिंग में भी कदम रखा है.
ग्रोथ और ऑर्डर बुक
Mazagon Dock की ग्रोथ स्थिर है और इसके पास बड़ा ऑर्डर बुक है. वहीं GRSE की ग्रोथ तेजी से बढ़ रही है. GRSE की कमाई और मुनाफा तेजी से बढ़े हैं और कंपनी नए ऑर्डर हासिल करने की कोशिश कर रही है. दोनों कंपनियों के पास बड़े ऑर्डर के मौके हैं. नेवी अपने बेड़े को बढ़ा रही है और कई नए प्रोजेक्ट आने वाले हैं. अगर ये कंपनियां नए कॉन्ट्रैक्ट हासिल कर लेती हैं, तो इनकी ग्रोथ और तेज हो सकती है.
वैल्यूएशन और रिस्क
दोनों कंपनियों के शेयर अपने पुराने औसत से ऊपर ट्रेड कर रहे हैं. इसका मतलब है कि कीमत पहले से ही थोड़ी महंगी है.
इस सेक्टर में प्रोजेक्ट लंबे समय तक चलते हैं, इसलिए देरी और लागत बढ़ने का जोखिम भी रहता है. GRSE और Mazagon Dock दोनों ही मजबूत कंपनियां हैं. GRSE तेजी से बढ़ रही है, जबकि Mazagon Dock हाई-टेक और बड़े प्रोजेक्ट्स में मजबूत है. निवेश करने से पहले कंपनी के ऑर्डर, फंडामेंटल और रिस्क को समझना जरूरी है.
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