भारत बनाएगा 100 नए वेसल्स, शिपिंग स्टॉक्स में बढ़ी हलचल; SCI समेत इन 5 कंपनियों पर रखें नजर

भारत अगले पांच वर्षों में अपनी मर्चेंट फ्लीट में 100 नए वेसल्स जोड़ने की योजना बना रहा है. इसका उद्देश्य विदेशी शिपिंग पर निर्भरता घटाने और करीब 75 अरब डॉलर के सालाना फॉरेन फ्रेट आउटगो को कम करना है. इस योजना से शिपिंग और शिपबिल्डिंग सेक्टर की कंपनियां फोकस में आई हैं.

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Highlights

  • भारत की मर्चेंट फ्लीट में जुड़ेंगे 100 नए वेसल्स.
  • एससीआई के पास 58 वेसल्स, ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग के पास 40 शिप्स हैं.
  • कोचीन शिपयार्ड की कमर्शियल ऑर्डर बुक 5,900 करोड़ रुपये है.

Indian Shipping Stocks: भारत की मर्चेंट फ्लीट को अगले पांच वर्षों में 100 नए वेसल्स से बढ़ाने की योजना ने शिपिंग और शिपबिल्डिंग कंपनियों को एक बार फिर फोकस में ला दिया है. नेशनल शिपिंग बोर्ड (एनएसबी) के रोडमैप का उद्देश्य भारत की मर्चेंट फ्लीट का विस्तार करना और विदेशी शिपिंग पर निर्भरता कम करना है. सरकार करीब 75 अरब डॉलर के सालाना फॉरेन फ्रेट आउटगो को कम करके ग्लोबल फ्रेट ट्रांसपोर्टेशन में भारतीय कंपनियों की हिस्सेदारी बढ़ाना चाहती है. इस रोडमैप में फिस्कल रिफॉर्म्स, एश्योर्ड कार्गो सपोर्ट, कॉम्पिटिटिव फाइनेंसिंग तक पहुंच, रेगुलेटरी प्रोसेसेज को आसान बनाना और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस जैसे पांच प्रमुख क्षेत्रों पर फोकस किया गया है.

प्रस्ताव में किसी कंपनी का नाम या जहाजों का एलोकेशन नहीं किया गया है. हालांकि, शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एससीआई), ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग, कोचीन शिपयार्ड, मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स और गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) का मौजूदा कारोबार इस व्यापक अवसर से जुड़ता है.

शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के पास 58 वेसल्स

एससीआई इस योजना से सबसे सीधे जुड़ी कंपनियों में से एक है. 31 मार्च 2026 तक कंपनी के पास 58 वेसल्स का फ्लीट था, जिसकी कुल कैपेसिटी 5.261 मिलियन डेडवेट टन्स थी. इसके फ्लीट में क्रूड ऑयल टैंकर्स, प्रोडक्ट टैंकर्स, बल्क कैरियर्स, गैस कैरियर्स, कंटेनर वेसल्स और ऑफशोर वेसल्स शामिल हैं.

FY26 में एससीआई ने दो वेरी लार्ज गैस कैरियर्स, सह्याद्री और शिवालिक, खरीदे. कंपनी ने ऑयल पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और विभिन्न पोर्ट अथॉरिटीज के साथ भी वेसल्स के एक्विजिशन, ओनरशिप, लीजिंग और ऑपरेशंस से जुड़े समझौते किए हैं.

ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग का 40 शिप्स का फ्लीट

ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग के पास Q1 FY27 के अनुसार 40 शिप्स का फ्लीट था, जिसकी एवरेज फ्लीट एज 14.5 साल थी. जून क्वार्टर में कंपनी का रेवेन्यू 2,286 करोड़ रुपये, ईबीआईटीडीए 1,619 करोड़ रुपये और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स 1,309 करोड़ रुपये रहा. कंपनी के पास 8,056 करोड़ रुपये का नेट कैश था. हालांकि, कंपनी ने प्रस्तावित 100-वेसल प्लान से सीधे जुड़े किसी वेसल एक्विजिशन प्रोग्राम का खुलासा नहीं किया है.

कोचीन शिपयार्ड की 5,900 करोड़ रुपये की कमर्शियल ऑर्डर बुक

फाइनेंशियल एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कोचीन शिपयार्ड की कुल ऑर्डर बुक करीब 21,100 करोड़ रुपये थी, जिसमें 75 वेसल्स और शिप-रिपेयर ऑर्डर्स शामिल थे. इसमें करीब 5,900 करोड़ रुपये की कमर्शियल ऑर्डर पाइपलाइन थी. इसके अलावा करीब 2,300 करोड़ रुपये के ग्रीन-वेसल ऑर्डर्स और 3,600 करोड़ रुपये के कन्वेंशनल वेसल ऑर्डर्स शामिल थे.

मझगांव डॉक और जीआरएसई भी फोकस में

मझगांव डॉक ने मार्च 2026 में एससीआई के साथ 3,000-डेडवेट-टन मेथनॉल ड्यूल-फ्यूल प्लेटफॉर्म सप्लाई वेसल बनाने का करीब 39 मिलियन डॉलर का कॉन्ट्रैक्ट किया था. 30 जून 2026 तक कंपनी की ऑर्डर बुक करीब 18,218 करोड़ रुपये थी. जीआरएसई का संबंध मर्चेंट वेसल ऑर्डर के बजाय डोमेस्टिक शिपबिल्डिंग कैपेसिटी एक्सपैंशन से है.

सरकार ने शिपबिल्डिंग और शिप-रिपेयर कैपेसिटी बढ़ाने के लिए करीब 3,500 करोड़ रुपये के पांच ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट्स की घोषणा की है, जिनमें तीन प्रोजेक्ट्स जीआरएसई से जुड़े हैं. हालांकि, जीआरएसई के लिए 100-वेसल रोडमैप के तहत अभी किसी मर्चेंट वेसल ऑर्डर का खुलासा नहीं हुआ है.

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