Closing Bell: सेंसेक्स 130 अंक चढ़कर और निफ्टी 24050 के ऊपर बंद, अमेरिका-ईरान तनाव के बीच जारी रही उठा-पटक
Closing Bell: बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी50 में मामूली बढ़त देखी गई, जबकि अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद मिड-कैप और स्मॉल-कैप इंडेक्स में आधा प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई.

Closing Bell: बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में बढ़त देखी गई. अमेरिकी महंगाई दर में अप्रत्याशित गिरावट के कारण फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें कम हुईं, जिससे ग्लोबल मार्केट को बढ़ावा मिला और सेंसेक्स व निफ्टी में तेजी आई.15 जुलाई को भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ.
मामूली बढ़त के साथ सेंसेक्स-निफ्टी बंद
बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी50 में मामूली बढ़त देखी गई, जबकि अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद मिड-कैप और स्मॉल-कैप इंडेक्स में आधा प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई.
30 शेयरों वाला सेंसेक्स 130 अंक या 0.17% बढ़कर 77,185.43 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 26 अंक या 0.11% की बढ़त के साथ 24,078.50 पर बंद हुआ.
निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.28% ऊपर बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.67% की बढ़त हुई.
टॉप गेनर्स और लूजर्स
निफ्टी50 इंडेक्स में अल्ट्राटेक सीमेंट, एटरनल और HDFC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी सबसे अधिक बढ़त हासिल करने वाले शेयर रहे, जबकि हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया और टाटा स्टील सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयर रहे.
सेक्टोरल इंडेक्स
सेक्टरों की बात करें तो Nifty PSU Bank (0.95% ऊपर), Consumer Durables (0.73% ऊपर) और Oil and Gas (0.69% ऊपर) में अच्छी बढ़त देखी गई. Nifty Bank में 0.51% की बढ़त हुई, जबकि Financial Services इंडेक्स 0.59% ऊपर चढ़ा.
दूसरी ओर, Nifty Metal में 1.11% की गिरावट आई। IT, FMCG, Media और Realty इंडेक्स में क्रमशः 0.67%, 0.49%, 0.46% और 0.38% की गिरावट दर्ज की गई.
निवेशकों ने की 1.5 लाख करोड़ रुपये की कमाई
एक ही सेशन में निवेशकों की संपत्ति में लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई, क्योंकि BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन पिछले सेशन के 479.5 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 481 लाख करोड़ रुपये हो गया.
अमेरिका-ईरान तनाव
इस बीच, खबरों के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने मंगलवार (स्थानीय समय) को लगातार चौथे दिन ईरान पर हमले किए और देश के बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों को रोकने के लिए फिर से नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर दी.