ईरान हमले का असर, IndiGo और SpiceJet समेत एयरलाइन शेयरों में भूचाल, 14% तक गिरावट

अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद हालात तेजी से बिगड़ गए हैं. कई देशों ने अपनी हवाई सीमा बंद कर दी है, जिससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर बड़ा असर पड़ा है. इसका सबसे ज्यादा असर एयरलाइन और टूरिज्म कंपनियों के शेयरों पर पड़ा है.

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मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर अब सीधे शेयर बाजार पर दिखने लगा है. अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद हालात तेजी से बिगड़ गए हैं. कई देशों ने अपनी हवाई सीमा बंद कर दी है, जिससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर बड़ा असर पड़ा है. इसका सबसे ज्यादा असर एयरलाइन और टूरिज्म कंपनियों के शेयरों पर पड़ा है.

सोमवार को इन सेक्टर के शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली. IndiGo, SpiceJet, Ixigo और Easy Trip Planners जैसी कंपनियों के शेयर 14 प्रतिशत तक टूट गए. उड़ानों के रद्द होने और यात्रा में अनिश्चितता के कारण निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है.

एयरलाइन शेयरों में गिरावट

सोमवार को एयरलाइन कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट देखी गई. IndiGo के शेयर करीब 7.5 प्रतिशत गिरकर 4,461 रुपये तक आ गए. वहीं SpiceJet के शेयर भी 3 प्रतिशत से ज्यादा टूटकर करीब 14.91 रुपये पर पहुंच गए. ऑनलाइन ट्रैवल कंपनियों में भी बड़ी गिरावट आई. Ixigo के शेयर 13.5 प्रतिशत तक गिर गए, जबकि Easy Trip Planners के शेयर करीब 9 प्रतिशत तक टूट गए.

कंपनी का नामसेक्टरगिरावट (%)शेयर का स्तर (लगभग)
IndiGo (InterGlobe Aviation)एयरलाइन7.5% गिरावट₹4,461
SpiceJetएयरलाइन3% गिरावट₹14.91
Ixigoट्रैवल13.5% गिरावट₹147
Easy Trip Plannersट्रैवल9% गिरावट₹7.8

उड़ानों पर पड़ा असर

IndiGo ने मध्य पूर्व के लिए अपनी सभी उड़ानें रद्द कर दी हैं. कंपनी ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है. इसमें कहा गया है कि यात्री अपनी टिकट रद्द कर सकते हैं या बिना अतिरिक्त शुल्क के नई तारीख पर यात्रा कर सकते हैं. कंपनी ने 7 मार्च 2026 तक के लिए यह सुविधा दी है.

कई देशों ने बंद किया एयरस्पेस

ईरान, इजराइल, इराक, जॉर्डन, कतर, बहरीन, कुवैत और यूएई सहित कई देशों ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है. इससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर बड़ा असर पड़ा है. दुबई, अबू धाबी और दोहा जैसे बड़े एयरपोर्ट भी प्रभावित हुए हैं. कई जगह उड़ानें रद्द हुई हैं या देरी से चल रही हैं.

उड़ानों में रुकावट और रूट बदलने से एयरलाइन कंपनियों की लागत बढ़ सकती है. खासकर ईंधन और क्रू से जुड़ा खर्च बढ़ेगा. इसके अलावा यात्रा की मांग भी कम हो सकती है. लोग अनिश्चितता के कारण अपनी यात्रा टाल सकते हैं. इससे कंपनियों की कमाई पर असर पड़ सकता है.

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