13 तारीख और शुक्रवार का क्या है शेयर मार्केट कनेक्शन, निवेशकों के पैसे हो जाते हैं स्वाहा; यह है इतिहास
शुक्रवार और 13 तारीख के कॉम्बिनेशन को लंबे समय से अशुभ माना जाता है, लेकिन क्या इसका असर शेयर बाजार पर भी पड़ता है? आज शुक्रवार 13 तारीख को Sensex और Nifty में तेज गिरावट देखने को मिली, जिससे निवेशकों के बीच इस तारीख को लेकर चर्चा तेज हो गई है. हालांकि ऐतिहासिक डेटा बताता है कि हर बार ऐसा नहीं होता और कई मौकों पर बाजार में तेजी भी आई है.
Friday Stock Market: शुक्रवार और 13 तारीख का कॉम्बिनेशन पश्चिमी देशों में लंबे समय से अशुभ माना जाता है. इस दिन से जुड़ी एक खास फोबिया भी है. लेकिन क्या सच में इस तारीख का शेयर बाजार से कोई संबंध है? 2026 में दूसरी बार शुक्रवार 13 तारीख को भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली है, जिससे निवेशकों के बीच यह चर्चा फिर से शुरू हो गई है कि क्या इस तारीख का बाजार से कोई कनेक्शन है.
आज क्यों टूटा बाजार
शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत ही भारी गिरावट के साथ हुई. Sensex 1470 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि Nifty 23,400 के नीचे फिसल गया. एक्सपर्ट्स के अनुसार इस गिरावट की असली वजह पश्चिमी एशिया में बढ़ता युद्ध और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी है, जिससे निवेशकों की सेंटिमेंट कमजोर हुई है.
इतिहास क्या कहता है
डेटा पर नजर डालें तो शुक्रवार 13 तारीख का असर भारतीय बाजार में लगातार नकारात्मक नहीं रहा है. पिछले 17 ऐसे ट्रेडिंग सेशन्स में से 9 बार बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ है. यानी करीब 52.94 फीसदी मामलों में बाजार सकारात्मक रहा है. हालांकि 47.06 फीसदी मामलों में इसमें गिरावट आई है.
कई बार बाजार ने दी जोरदार तेजी
कुछ मौकों पर शुक्रवार 13 तारीख को बाजार में अच्छी तेजी भी देखने को मिली. 13 मार्च 2020 को Nifty करीब 4 फीसदी उछला था. 13 सितंबर 2019 और 13 दिसंबर 2019 को बाजार करीब 1 फीसदी चढ़ा था. 13 अगस्त 2021 और 13 दिसंबर 2024 को भी बाजार में लगभग 1 फीसदी की तेजी आई थी.
हाल की गिरावट ने बढ़ाई चिंता
हालांकि 13 फरवरी 2026 को बाजार में गिरावट देखने को मिली थी, जब Sensex और Nifty करीब 1 फीसदी टूट गए थे. उस समय IT सेक्टर में बिकवाली और AI से जुड़े डर के कारण निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ था.
तकनीकी संकेत भी कमजोर
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार फिलहाल Nifty पर दबाव बना हुआ है. 23,300 का स्तर तत्काल सपोर्ट माना जा रहा है. इसके नीचे टूटने पर Nifty 23,000 से 22,500 तक जा सकता है. वहीं 23,600 तत्काल रेसिस्टेंस है. टेक्निकल संकेतक भी कमजोरी दिखा रहे हैं. RSI ओवरसोल्ड जोन में है, जबकि MACD अभी भी निगेटिव ट्रेंड दिखा रहा है.
अंधविश्वास नहीं, असली वजह फंडामेंटल
एक्सपर्ट्स का कहना है कि शेयर बाजार अंधविश्वास से नहीं बल्कि आर्थिक और वैश्विक घटनाओं से चलता है. इसलिए शुक्रवार 13 तारीख को गिरावट का कारण आमतौर पर जियोपॉलिटिकल टेंशन, कच्चे तेल की कीमतें, ब्याज दरें और निवेशकों की सेंटिमेंट जैसे फंडामेंटल फैक्टर्स होते हैं.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
