SBI के शेयरों में भारी बिकवाली, मार्केट कैप ₹10 लाख करोड़ से नीचे फिसला; एक हफ्ते में 10% से ज्यादा गिरावट
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के शेयरों में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में तेज गिरावट देखने को मिली, जिससे बैंक का मार्केट कैप 10 लाख करोड़ रुपये से नीचे आ गया. शेयर करीब 3.52 फीसदी गिरकर 1,047 रुपये तक पहुंच गया और पिछले चार हफ्तों के निचले स्तर पर आ गया. एक सप्ताह में शेयर में 10.48 फीसदी और एक महीने में 8.62 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है.
SBI Share Fall: देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के शेयरों में शुक्रवार को तेज गिरावट देखने को मिली. लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बिकवाली के बीच SBI का शेयर करीब 3.52 फीसदी गिरकर 1,047 रुपये के स्तर तक आ गया, जो पिछले चार हफ्तों का निचला स्तर है. इस गिरावट की वजह से कंपनी का मार्केट कैप 10 लाख करोड़ रुपये से कम हो गया है. पिछले एक सप्ताह में इसमें 10.48 फीसदी की गिरावट हुई है, जबकि एक महीने में इसमें 8.62 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है.
35,511 करोड़ रुपये मार्केट वैल्यू घटी
शेयर में आई गिरावट के कारण SBI के मार्केट कैप में करीब 35,511 करोड़ रुपये की कमी आ गई. इसके बाद बैंक का कुल मार्केट कैप घटकर लगभग 966,128 करोड़ रुपये रह गया. पिछले कारोबारी सत्र में शेयर 1,085.20 रुपये पर बंद हुआ था, उस समय कंपनी का मार्केट कैप करीब 10,01,639 करोड़ रुपये था. वहीं अपने हाई लेवल पर बैंक का मार्केट कैप 11,39,628 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था.
बॉन्ड यील्ड बढ़ने से बढ़ी निवेशकों की चिंता
एक्सपर्ट के अनुसार सरकारी बॉन्ड यील्ड में तेजी आने से बैंकिंग सेक्टर के शेयरों पर दबाव बढ़ा है. सरकारी बैंकों के पास बड़ी मात्रा में सरकारी सिक्योरिटीज होती हैं, ऐसे में बॉन्ड यील्ड बढ़ने से उनके ट्रेजरी पोर्टफोलियो पर असर पड़ सकता है. जब बॉन्ड यील्ड बढ़ती है तो मार्क-टू-मार्केट दबाव बढ़ता है, जिससे बैंकों की ट्रेजरी आय में उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है.
LIC पर भी पड़ा असर
SBI के शेयरों में गिरावट का असर लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) पर भी पड़ा है. LIC के पास SBI में करीब 9.23 फीसदी हिस्सेदारी है, जिससे वह बैंक की सबसे बड़ी संस्थागत निवेशक है. LIC का शेयर आज 3.01 फीसदी गिरकर 772.70 रुपये पर पहुंच गया है.
मार्च में अब तक 9 फीसदी टूट चुका शेयर
मार्च महीने में अब तक SBI का शेयर करीब 9 फीसदी गिर चुका है. यह मार्च 2020 के बाद सबसे बड़ी मासिक गिरावट मानी जा रही है. हालांकि इससे पहले मार्च 2025 से फरवरी 2026 के बीच शेयर में जोरदार तेजी देखने को मिली थी और इस दौरान SBI के शेयर ने करीब 75 फीसदी का रिटर्न दिया था.
तेल की कीमत और वैश्विक तनाव का असर
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है. इसके अलावा भारतीय रुपये में कमजोरी और बढ़ते सरकारी उधार के कारण बॉन्ड यील्ड में भी तेजी आई है, जिसका असर बैंकिंग शेयरों पर देखने को मिल रहा है.
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