जुलाई में IT शेयरों की जोरदार वापसी, 3.82 लाख करोड़ रुपये बढ़ी वैल्यू; क्या अब भी निवेश का मौका
जुलाई में निफ्टी आईटी इंडेक्स में 15.66 फीसदी की तेजी आई और सेक्टर का मार्केट कैप करीब 3.82 लाख करोड़ रुपये बढ़ गया. टीसीएस, एचसीएल टेक और इंफोसिस ने सबसे ज्यादा योगदान दिया.

Nifty IT Index: जुलाई का महीना भारतीय IT शेयरों के लिए शानदार रहा. कई महीने की कमजोरी के बाद इस सेक्टर ने जोरदार वापसी की और निवेशकों की धारणा बदलती नजर आई. सिर्फ एक महीने में IT कंपनियों के मार्केट कैप में 3.82 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ. निफ्टी IT इंडेक्स करीब 15.66 फीसदी चढ़ गया. हालांकि जानकार मानते हैं कि इस तेजी के पीछे केवल खरीदारी नहीं बल्कि शॉर्ट कवरिंग भी एक बड़ी वजह रही है.
निफ्टी IT बना जुलाई का सबसे बेहतर सेक्टर
जुलाई एक्सपायरी के दौरान निफ्टी IT इंडेक्स 15.66 फीसदी चढ़ा. इंडेक्स के सभी 10 शेयरों में तेजी दर्ज की गई और इनमें से 7 शेयरों ने 15 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया. पर्सिस्टेंट सिस्टम्स करीब 26 फीसदी चढ़ा जबकि एचसीएल टेक और एलटीआई माइंडट्री में भी 24 से 25 फीसदी तक तेजी रही. टीसीएस, इंफोसिस, टेक महिंद्रा और कोफोर्ज ने भी मजबूत प्रदर्शन किया.
टीसीएस और एचसीएल टेक ने सबसे ज्यादा बढ़ाई वैल्यू
मार्केट कैप बढ़ाने में टीसीएस सबसे आगे रहा. कंपनी की बाजार वैल्यू में करीब 1.48 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ. एचसीएल टेक में 73 हजार करोड़ रुपये और इंफोसिस में 62 हजार करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई. इन तीन कंपनियों ने मिलकर पूरे IT सेक्टर की कुल वैल्यू बढ़ोतरी का लगभग तीन चौथाई हिस्सा दिया.
एक्सपर्ट बोले शॉर्ट कवरिंग से आई तेजी
कई इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के मुताबिक,IT शेयरों में आई तेजी का सबसे बड़ा कारण शॉर्ट कवरिंग रहा. सेक्टर के फ्यूचर्स ओपन इंटरेस्ट में करीब 22 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई. इसका मतलब है कि ट्रेडर्स ने अपने पुराने बिकवाली वाले सौदे बंद किए. एचसीएल टेक, टीसीएस, एलटीआई माइंडट्री और इंफोसिस जैसे शेयरों में तेजी के साथ ओपन इंटरेस्ट घटा जो शॉर्ट कवरिंग का संकेत देता है.
AI थी चिंता, अब बन सकती है अवसर
ग्लोबल बाजार में AI इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों को लेकर निवेशकों का उत्साह कुछ कम हुआ है. ऐसे में निवेशकों का रुख भारतीय IT सर्विस कंपनियों की ओर बढ़ा है. एक्सपर्ट का मानना है कि जैसे जैसे कंपनियां AI प्रोजेक्ट्स को बड़े स्तर पर लागू करेंगी वैसे वैसे डेटा इंजीनियरिंग, साइबर सिक्योरिटी, क्लाउड और सिस्टम इंटीग्रेशन जैसी सेवाओं की मांग बढ़ सकती है. इससे भारतीय IT कंपनियों को फायदा मिल सकता है.
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निवेशकों को क्या करनी चाहिए रणनीति
जानकारों का कहना है कि फिलहाल पूरे IT सेक्टर में एक साथ निवेश करने के बजाय मजबूत कंपनियों पर ध्यान देना चाहिए. अच्छी बैलेंस शीट, मजबूत कैश फ्लो और AI से जुड़े कारोबार में अवसर तलाश रही कंपनियां लंबी अवधि में बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं. बाजार में तेजी के बाद जल्दबाजी में खरीदारी करने के बजाय गिरावट आने पर चरणबद्ध निवेश करना ज्यादा समझदारी होगी.