KPIT Technologies: बुल्स बनाम बियर्स, शेयर पर अलग-अलग ब्रोकरेज की राय, आखिर कहां तक जाएगा स्टॉक?
Choice Broking के मुताबिक, कंपनी के पहली तिमाही के नतीजे मैनेजमेंट की शुरुआती उम्मीदों से बेहतर रहे, लेकिन फिर भी प्रदर्शन पूरी तरह मजबूत नहीं कहा जा सकता. कुछ बड़े ऑटोमोबाइल ग्राहकों की कमजोर मांग का असर कंपनी की आय और मार्जिन पर पड़ा.
Highlights
- Axis Capital ने शेयर की रेटिंग 'Reduce' से घटाकर 'Sell' कर दी है. साथ ही टारगेट प्राइस 680 रुपये से घटाकर 470 रुपये कर दिया.
- ICICI Securities ने भी टारगेट 830 रुपये से घटाकर 670 रुपये कर दिया.
- JPMorgan ने शेयर पर 'Underweight' रेटिंग बनाए रखते हुए 550 रुपये का लक्ष्य दिया है.
KPIT Technologies Share Price Target : आईटी सेक्टर की कंपनी KPIT Technologies के जून तिमाही (Q1 FY27) के नतीजों के बाद ब्रोकरेज हाउस की राय बंटी हुई नजर आ रही है. कुछ ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी दूसरी छमाही में बेहतर प्रदर्शन कर सकती है, जबकि कई जानकारों को अभी भी ऑटो सेक्टर की सुस्ती और कमजोर मांग को लेकर चिंता है. यही वजह है कि शेयर के लिए सबसे ऊंचा टारगेट 815 रुपये और सबसे कम 470 रुपये रखा गया है. गुरुवार सुबह KPIT Technologies का शेयर करीब 5.26 फीसदी टूटकर 605 रुपये पर कारोबार कर रहा था.
किस ब्रोकरेज ने क्या कहा?
बिजनेस टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक,
- Axis Capital ने शेयर की रेटिंग ‘Reduce’ से घटाकर ‘Sell’ कर दी है. साथ ही टारगेट प्राइस 680 रुपये से घटाकर 470 रुपये कर दिया.
- ICICI Securities ने भी टारगेट 830 रुपये से घटाकर 670 रुपये कर दिया.
- JPMorgan ने शेयर पर ‘Underweight’ रेटिंग बनाए रखते हुए 550 रुपये का लक्ष्य दिया है.
इसके अलावा,
- Choice Broking: 740 रुपये
- Dolat Capital: 700 रुपये
- Anand Rathi: 651 रुपये
- JM Financial: 620 रुपये
- IIFL: 470 रुपये का टारगेट दिया है.
Choice Broking की क्या राय है?
Choice Broking के मुताबिक, कंपनी के पहली तिमाही के नतीजे मैनेजमेंट की शुरुआती उम्मीदों से बेहतर रहे, लेकिन फिर भी प्रदर्शन पूरी तरह मजबूत नहीं कहा जा सकता. कुछ बड़े ऑटोमोबाइल ग्राहकों की कमजोर मांग का असर कंपनी की आय और मार्जिन पर पड़ा.
Choice Broking के अनुसार, AI आधारित मोबिलिटी, व्हीकल इंजीनियरिंग, डिजिटल कॉकपिट, ऑटोनोमस टेक्नोलॉजी और आफ्टर-सेल्स सॉल्यूशंस में अच्छी मांग देखने को मिल रही है. साथ ही 257 मिलियन डॉलर के नए ऑर्डर मिलने से दूसरी छमाही (H2 FY27) में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद बढ़ी है.
MOFSL ने क्या कहा?
Motilal Oswal Financial Services (MOFSL) का मानना है कि वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही कंपनी के लिए चुनौतीपूर्ण रह सकती है. ब्रोकरेज का अनुमान है कि कारोबार में सुधार धीरे-धीरे होगा और चौथी तिमाही से लगातार बेहतर ग्रोथ देखने को मिल सकती है.
ब्रोकरेज के मुताबिक, ग्लोबल ऑटो इंडस्ट्री इस समय कई चुनौतियों से गुजर रही है. चीन की बढ़ती प्रतिस्पर्धा, भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे माल की बढ़ी लागत के कारण खासकर यूरोप की ऑटो कंपनियां दबाव में हैं. यूरोप से KPIT की करीब 50 फीसदी आय आती है, इसलिए वहां छंटनी, मुनाफे में गिरावट और पुनर्गठन जैसी गतिविधियों का असर कंपनी पर भी पड़ सकता है.
हालांकि अब तक यूरोप में कंपनी को कोई बड़ा ऑर्डर नहीं गंवाना पड़ा है, लेकिन नए ऑर्डर मिलने और उन्हें राजस्व में बदलने की रफ्तार को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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