₹50000 करोड़ के कवच मिशन से बदलेगी रेलवे की तस्वीर! इन 3 शेयरों पर रखें नजर; ₹5000 करोड़ तक है ऑर्डर बुक
भारतीय रेलवे का 50,000 करोड़ रुपये का कवच प्रोजेक्ट अब बड़े पैमाने पर काम शुरू हो चुका है. रेलवे सुरक्षा बढ़ाने के लिए विकसित इस टेक्नोलॉजी से कर्नेक्स माइक्रोसिस्टम्स, कॉनकॉर्ड कंट्रोल सिस्टम्स और एचबीएल इंजीनियरिंग जैसी कंपनियों को बड़ा फायदा मिल सकता है. इन कंपनियों के पास हजारों करोड़ रुपये के ऑर्डर बुक हैं और कवच से जुड़ी परियोजनाओं में उनकी मजबूत मौजूदगी है.
Railway Kavach Stocks: भारतीय रेलवे सुरक्षा को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की तैयारी में है. इस बदलाव के केंद्र में ‘कवच’ सिस्टम है. यह सिस्टम ट्रेनों को सिग्नल तोड़ने, निर्धारित गति से अधिक रफ्तार से चलने या टक्कर जैसी संभावित दुर्घटनाओं से बचाने में मदद करता है. मार्च 2026 तक भारतीय रेलवे 3,103 किलोमीटर रूट पर कवच सिस्टम चालू कर चुकी है, जबकि 24,427 रूट किलोमीटर पर इसका काम जारी है. सरकार अगले दो वर्षों में 9,000 रूट किलोमीटर और जोड़ने का लक्ष्य लेकर चल रही है. इसके बाद हर साल करीब 10,000 रूट किलोमीटर पर कवच लगाने की योजना है. कॉनकॉर्ड कंट्रोल सिस्टम्स का अनुमान है कि इस पूरे कार्यक्रम का संभावित मार्केट साइज करीब 50,000 करोड़ रुपये का हो सकता है.
Kernex Microsystems
कर्नेक्स माइक्रोसिस्टम्स रेलवे सुरक्षा और सिग्नलिंग सॉल्यूशन उपलब्ध कराने वाली प्रमुख कंपनी है. कंपनी कवच 4.0 टेक्नोलॉजी के विकास और प्रोडक्शन में सक्रिय भूमिका निभा रही है. Financial Express की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्तमान में कंपनी के पास करीब 4,150 करोड़ रुपये का ऑर्डर बुक है. कंपनी की मासिक उत्पादन क्षमता 450 कवच यूनिट तक पहुंच चुकी है. वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की आय 126.7 फीसदी बढ़कर 430.2 करोड़ रुपये पर पहुंच गई. बुधवार को कंपनी का शेयर इंट्रा-डे कारोबार में 3.56 फीसदी बढ़कर 2,030 रुपये पर ट्रेड कर रहा था.
Concord Control Systems
कॉनकॉर्ड कंट्रोल सिस्टम्स अब केवल रेलवे उपकरण निर्माता नहीं रह गई है, बल्कि तकनीक आधारित रेलवे सॉल्यूशन कंपनी के रूप में उभर रही है. कंपनी को कवच 4.0 के लिए आरडीएसओ की प्रोटोटाइप मंजूरी मिल चुकी है और फील्ड ट्रायल भी शुरू हो चुके हैं. 31 मार्च 2026 तक कंपनी का कुल ऑर्डर बुक 697 करोड़ रुपये था. इसमें कवच से जुड़े 258.3 करोड़ रुपये के ऑर्डर शामिल थे. इसके बाद मई 2026 में कंपनी को 279.9 करोड़ रुपये का अतिरिक्त ऑर्डर भी मिला. कंपनी का मानना है कि इन प्रोजेक्ट्स से 25 से 30 फीसदी तक ईबिट्डा मार्जिन हासिल किया जा सकता है.
कंपनी की एक और खासियत यह है कि कवच इंस्टॉलेशन के साथ 15 वर्षों तक रखरखाव सर्विस का टेंडर भी मिलता है. वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की आय 69 फीसदी और नेट प्रॉफिट 88 फीसदी बढ़ा. बुधवार को कंपनी का शेयर इंट्रा-डे कारोबार में 0.71 फीसदी बढ़कर 2,868 रुपये पर ट्रेड कर रहा था.
HBL Engineering
एचबीएल इंजीनियरिंग को कवच टेक्नोलॉजी के शुरुआती डेवलपर्स में गिना जाता है. कंपनी ने वर्ष 2005 में इस परियोजना पर काम शुरू किया था और लगभग 20 वर्षों की मेहनत के बाद आज यह इस क्षेत्र की सबसे मजबूत कंपनियों में शामिल है. 22 जून 2026 तक कंपनी के पास 5,748 करोड़ रुपये का ऑर्डर बुक मौजूद था. कंपनी का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026, 2027 और 2028 के दौरान कवच से हर साल 1,300 से 1,500 करोड़ रुपये तक की बिक्री हो सकती है.
हालांकि, कंपनी भविष्य में केवल कवच पर निर्भर नहीं रहना चाहती. इसी वजह से वह ट्रेन मैनेजमेंट सिस्टम, सेंट्रलाइज्ड ट्रेन कंट्रोल और अन्य आधुनिक रेलवे सिग्नलिंग सॉल्यूशन पर भी निवेश कर रही है. बुधवार को कंपनी का शेयर इंट्रा-डे कारोबार में 0.27 फीसदी गिरकर 818.35 रुपये पर ट्रेड कर रहा था.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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