इस कंपनी का मुनाफा 130% उछला, डिफेंस सेक्टर में एंट्री से बढ़ी हचलच! शेयर भाव ₹100 से कम

स्टॉक 5 मई को हल्की तेजी के साथ करीब 59.54 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. पिछले एक हफ्ते में इसमें करीब 1 फीसदी की बढ़त रही है, जबकि तीन महीने में 17 फीसदी और एक साल में करीब 10 फीसदी का रिटर्न दिया है. पिछले 52 हफ्तों में स्टॉक ने 37.40 रुपये से 84.27 रुपये तक का दायरा देखा है और इसका पीई करीब 51.2 पर है.

100 रुपये से कम का शेयर Image Credit: Canva

एक समय पर हेवी इंजीनियरिंग और फैब्रिकेशन के लिए जानी जाने वाली Lloyds Engineering Works Limited अब तेजी से अपना फोकस बदलकर डिफेंस, नेवल सिस्टम और ड्रोन टेक्नोलॉजी की तरफ बढ़ रही है. कंपनी के ताजा नतीजे सिर्फ आंकड़े नहीं बल्कि इस ट्रांजिशन की कहानी भी बताते हैं, जहां पारंपरिक बिजनेस से हटकर हाई-टेक डिफेंस सेगमेंट में एंट्री ली जा रही है. कंपनी के शेयर अपने एक साल के हाई से 29 फीसदी नीचे कामकाज कर रहे हैं.

Q4 और FY26 रिजल्ट्स का हाल

कंपनी ने Q4FY26 में जबरदस्त प्रदर्शन किया है. स्टैंडअलोन आधार पर रेवेन्यू सालाना आधार पर 130.75 फीसदी बढ़कर 411.86 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में 178.49 करोड़ रुपये था. वहीं EBITDA 100 फीसदी बढ़कर 63.79 करोड़ रुपये पहुंच गया. हालांकि EBITDA मार्जिन थोड़ा घटकर 15.08 फीसदी रहा, जो पहले 17.32 फीसदी था, लेकिन कंपनी ने इसे बिजनेस मिक्स का असर बताया है. मुनाफा (PAT) भी 130.69 फीसदी बढ़कर 38.94 करोड़ रुपये हो गया. पूरे FY26 की बात करें तो कंपनी का रेवेन्यू 39.22 फीसदी बढ़कर 1,052.22 करोड़ रुपये हो गया. EBITDA 188.12 करोड़ रुपये और PAT 118.27 करोड़ रुपये रहा.

मजबूत ऑर्डर बुक से ग्रोथ का भरोसा

FY26 के अंत तक कंपनी की कुल ऑर्डर बुक 8,335 करोड़ रुपये रही. इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रिकल सेगमेंट का अच्छा योगदान है. इसके अलावा Reliance, AMNS, HPCL जैसी कंपनियों से भी लगातार ऑर्डर मिल रहे हैं. रेलवे, डिफेंस और पावर सेक्टर से नए ऑर्डर आने से आने वाले समय में ग्रोथ की मजबूत उम्मीद दिख रही है.

डिफेंस सेगमेंट: असली गेमचेंजर

कंपनी का सबसे बड़ा फोकस अब डिफेंस बिजनेस पर है. Lloyds Engineering ने ड्रोन, रडार, नेवल सिस्टम और अंडरवॉटर टेक्नोलॉजी में ग्लोबल पार्टनरशिप बनाई है. नेवल सेगमेंट में कंपनी ने इटली की Fincantieri के साथ साझेदारी की है, जिसके तहत भारतीय नौसेना और कोस्ट गार्ड के लिए कंट्रोलेबल पिच प्रोपेलर (CPP) सिस्टम और शाफ्टिंग बनाए जाएंगे. इस पार्टनरशिप से अब तक 127 करोड़ रुपये से ज्यादा के ऑर्डर मिल चुके हैं. यह सिर्फ योजना नहीं बल्कि एक एक्टिव कमर्शियल डील है, जो कंपनी को डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में मजबूत जगह दिला सकती है.

शेयर का हाल

स्टॉक 5 मई को हल्की तेजी के साथ करीब 59.54 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. पिछले एक हफ्ते में इसमें करीब 1 फीसदी की बढ़त रही है, जबकि तीन महीने में 17 फीसदी और एक साल में करीब 10 फीसदी का रिटर्न दिया है. पिछले 52 हफ्तों में स्टॉक ने 37.40 रुपये से 84.27 रुपये तक का दायरा देखा है और इसका पीई करीब 51.2 पर है.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.