क्वालिटी वॉल्स में मैग्नम ने खरीदी 61.9% हिस्सेदारी, प्रमोटर स्ट्रक्चर में भी बड़ा बदलाव; स्टॉक पर रहेगी नजर

मैग्नम आइसक्रीम नीदरलैंड्स ने क्वालिटी वॉल्स (इंडिया) में 61.9 फीसदी हिस्सेदारी खरीदकर कंपनी पर नियंत्रण हासिल कर लिया है. इस डील के बाद प्रमोटर स्ट्रक्चर बदल गया है और यूनिलीवर अब पब्लिक शेयरहोल्डर बन गया है. जानें कैसा है शेयरों का प्रदर्शन.

मैग्नम और क्वालिटी वॉल्स Image Credit: @Money9live

Magnum Acquire Quality Walls Majority Stake: देश के आइसक्रीम बाजार में एक बड़ा कॉर्पोरेट बदलाव सामने आया है, जिसने इस सेक्टर में प्रतिस्पर्धा और रणनीतिक दिशा दोनों को प्रभावित करने की संभावना पैदा कर दी है. मैग्नम आइसक्रीम नीदरलैंड्स ने क्वालिटी वॉल्स (इंडिया) लिमिटेड (KWIL) में 61.9 फीसदी की हिस्सेदारी का अधिग्रहण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है. इस डील के बाद कंपनी के स्वामित्व ढांचे में अहम बदलाव हुआ है और मैग्नम अब कंपनी का नया प्रमोटर बन गया है.

कंपनी ने क्या बताया?

कंपनी द्वारा 30 मार्च 2026 को जारी रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, यह अधिग्रहण शेयर परचेज एग्रीमेंट (SPA) और लागू कानूनी प्रावधानों के तहत पूरा किया गया. इस समझौते के तहत मैग्नम ने पुराने प्रमोटर्स- मुख्य रूप से यूनिलीवर से शेयर खरीदे. कुल 145.44 करोड़ इक्विटी शेयरों का ट्रांसफर किया गया, जो कंपनी की कुल चुकता पूंजी का 61.9 फीसदी हिस्सा है. इस हिस्सेदारी के साथ ही मैग्नम को कंपनी पर प्रभावी नियंत्रण मिल गया है और लिस्टिंग रेगुलेशन के अनुसार उसे ‘प्रमोटर’ की कैटेगरी में शामिल कर लिया गया है.

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प्रमोटर से पब्लिक शेयरहोल्डर बनी कंपनी

इस ट्रांजैक्शन का एक अहम पहलू यह भी है कि यूनिलीवर, जो अब तक कंपनी के प्रमोटर थे, उनकी स्थिति बदल गई है. उन्हें प्रमोटर कैटेगरी से हटाकर ‘पब्लिक शेयरहोल्डर’ के रूप में कैटेगराइज किया गया है. यह बदलाव न केवल स्वामित्व में बदलाव को दर्शाता है, बल्कि यह संकेत भी देता है कि कंपनी की रणनीतिक दिशा अब नए प्रमोटर के नेतृत्व में तय होगी.

कंपनी में हुए कई बदलाव

यह पूरा सौदा 25 जून 2025 को साइन किए गए SPA के तहत हुआ था, जिसमें मैग्नम आइसक्रीम कंपनी नीदरलैंड्स बीवी और यूनिलीवर पीएलसी सहित दूसरे संबंधित पक्ष शामिल थे. इस समझौते के जरिए मैग्नम ने भारतीय बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. भारत जैसे तेजी से बढ़ते कंज्यूमर मार्केट में इस तरह का निवेश कंपनी की लंबी अवधि की रणनीति को दर्शाता है.

इसके साथ ही, KWIL ने अपने टॉप मैनेजमेंट में भी बदलाव की घोषणा की है. अभिजीत भट्टाचार्य को अतिरिक्त निदेशक (नॉन-एग्जीक्यूटिव, नॉन-इंडिपेंडेंट) के रूप में नियुक्त किया गया है और उन्हें बोर्ड का चेयरमैन बनाया गया है. यह नियुक्ति कंपनी के नए नेतृत्व ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है. वहीं, रितेश तिवारी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जो इस बदलाव का हिस्सा माना जा रहा है.

शेयर का हाल?

Kwality Wall’s (India) के शेयर सोमवार, 30 मार्च को 4.79 फीसदी की गिरावट के साथ 22.47 रुपये पर बंद हुआ. पिछले कुछ समय से स्टॉक दबाव में है. पिछले महीने भर के दौरान इसमें 9 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई है. 16 फरवरी से अबतक, स्टॉक का भाव 24 फीसदी तक टूट चुका है. कंपनी का मार्केट कैप 5,324 करोड़ रुपये दर्ज किया है.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.