MCX का बड़ा फैसला! अब एक्सचेंज पर होगी रिफाइंड चांदी की डिलीवरी, घरेलू रिफाइनर्स को न्योता
देश के सबसे बड़े कमोडिटी एक्सचेंज MCX ने भारत में रिफाइंड सिल्वर की डिलीवरी को बढ़ावा देने के लिए BIS प्रमाणित घरेलू सिल्वर रिफाइनर्स से आवेदन मांगे हैं. सरकार द्वारा चांदी के आयात नियम सख्त करने और आयात घटाने की कोशिशों के बीच यह कदम घरेलू बुलियन और कमोडिटी बाजार के लिए बड़ा बदलाव माना जा रहा है.
MCX silver delivery: देश के सबसे बड़े कमोडिटी एक्सचेंज MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) ने घरेलू सर्राफा बाजार को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. MCX अब अपने प्लेटफॉर्म पर भारत में ही रिफाइंड की गई चांदी की डिलीवरी की सुविधा शुरू करने जा रहा है. इसके लिए एक्सचेंज ने BIS (भारतीय मानक ब्यूरो) प्रमाणित घरेलू सिल्वर रिफाइनर्स से आवेदन मांगे हैं. सरकार द्वारा सोने-चांदी के आयात पर सख्ती बरतने के बाद MCX के इस फैसले को बेहद अहम माना जा रहा है.
नियमों में हुआ बड़ा बदलाव
घरेलू रिफाइनर्स के लिए रास्ता साफ करने के लिए MCX ने अपने नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं. सोमवार को जारी सर्कुलर के मुताबिक:
- एक्सचेंज ने BIS-स्टैंडर्ड गोल्ड और सिल्वर के लिए ‘MCX गुड डिलीवरी नॉर्म्स’ के पात्रता मानदंडों में संशोधन किया है.
- इसके साथ ही घरेलू सिल्वर रिफाइनर्स को पैनल में शामिल करने की प्रक्रिया को भी बदला गया है.
- सोमवार को जारी एक सर्कुलर में MCX ने योग्य घरेलू सिल्वर रिफाइनर्स को इस नए पैनल का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया है.
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आयात पर सरकारी सख्ती का असर
MCX का यह फैसला सरकार के उस कदम के बाद आया है, जिसमें चालू खाता घाटे (CAD) को कम करने के लिए सोने और चांदी के आयात पर लगाम लगाई गई है.
हाल ही में केंद्र सरकार ने सोने और चांदी पर सीमा शुल्क (कस्टम ड्यूटी) में भारी बढ़ोतरी की थी. इसके ठीक बाद शनिवार को सरकार ने कीमती धातुओं के आयात नियमों को और कड़ा करते हुए चांदी के आयात को ‘मुक्त’ (Free) श्रेणी से हटाकर ‘प्रतिबंधित’ (Restricted) श्रेणी में डाल दिया. ऐसे में MCX का यह कदम घरेलू रिफाइनिंग इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा बूस्टर साबित होगा.
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