RVNL और IRCON के मर्जर का प्रस्ताव, जानें क्या है सरकार का प्लान, शेयरों पर रखें नजर
रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बड़ा बदलाव संभव है. रेलवे मंत्रालय ने IRCON International Limited और Rail Vikas Nigam Limited के विलय का प्रस्ताव रखा है. अगर यह योजना मंजूर होती है, तो दोनों सरकारी कंपनियों को मिलाकर एक मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी बनाई जा सकती है, जो देश-विदेश में बड़े प्रोजेक्ट्स लेने और तेजी से पूरा करने में सक्षम होगी. इस खबर के बाद बाजार में दोनों कंपनियों के शेयर में हलचल देखी जा सकती है.
Merger of IRCON International with RVNL: भारत के रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. रेलवे मंत्रालय ने सरकारी कंपनी IRCON International Limited को Rail Vikas Nigam Limited के साथ मर्ज करने का प्रस्ताव रखा है. अगर यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है, तो दोनों कंपनियों को मिलाकर एक बड़ी और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी बनाई जा सकती है, जो देश और विदेश में बड़े प्रोजेक्ट्स लेने में सक्षम होगी. ये दोनों नवरत्न कंपनी है.
विलय का प्रस्ताव क्या है?
सूत्रों के अनुसार, रेलवे मंत्रालय ने औपचारिक रूप से IRCON और RVNL के विलय का प्रस्ताव भेजा है. अभी यह प्रस्ताव शुरुआती चरण में है और इसे कई स्तरों पर मंजूरी मिलनी बाकी है. इसमें वित्त मंत्रालय, सार्वजनिक उद्यम विभाग और अंत में कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) की मंजूरी जरूरी होगी. चूंकि दोनों कंपनियां शेयर बाजार में लिस्टेड हैं, इसलिए शेयरधारकों, कर्जदाताओं और सेबी के नियमों का पालन भी करना होगा.
सरकार क्यों करना चाहती है विलय?
सरकार का मानना है कि दोनों कंपनियों के एक साथ आने से कई फायदे मिल सकते हैं. इससे संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और एक मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी बनेगी. इसके अलावा बड़ी और जटिल परियोजनाओं के लिए बोली लगाने की क्षमता बढ़ेगी. खर्च कम होंगे और कामकाज में बेहतर तालमेल देखने को मिल सकता है.
दोनों कंपनियों की अलग-अलग ताकत
RVNL की पहचान भारत में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के तेज और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए है. यह ट्रैक डबलिंग, गेज कन्वर्जन, इलेक्ट्रिफिकेशन और बड़े पुलों के निर्माण जैसे काम करती है. वहीं IRCON की खासियत टर्नकी प्रोजेक्ट्स और अंतरराष्ट्रीय कामकाज में है. इसने मलेशिया, बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका और अल्जीरिया जैसे देशों में भी रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पूरे किए हैं.
विलय से क्या हो सकता है असर
PSU Connect के अनुसार, दोनों कंपनियों के विलय से नई कंपनी का ऑर्डर बुक ₹1.5 लाख करोड़ से ज्यादा हो सकता है. इससे कंपनी की वित्तीय ताकत भी बढ़ेगी और हाई-स्पीड रेल जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स में भाग लेने की क्षमता मजबूत होगी. हालांकि फिलहाल यह प्रस्ताव शुरुआती चरण में है और अंतिम फैसला आने में समय लग सकता है. तब तक IRCON और RVNL दोनों कंपनियां अलग-अलग ही काम करती रहेंगी.
शेयर का हाल
RVNL का शेयर हालिया दिनों में दबाव झेल रहा है. एक सप्ताह में 11 फीसदी टूटने के बाद शेयर लगभग 280 रुपये पर कारोबार कर रहा है.
बीते एक सप्ताह में IRCON के शेयर भी 6 फीसदी से अधिक टूटे हैं. गुरुवार को बाजार बंद होने के बाद शेयर का भाव 133 रुपये के आसापास था.
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