कहलाते हैं दिग्गज, लेकिन रिटर्न के नाम पर फिसड्डी, 5 साल में डुबाया पैसा, मिला 9 फीसदी तक निगेटिव रिटर्न
वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच शेयर बाजार लगातार दबाव में है. कोविड महामारी के बाद टैरिफ विवाद और अब पश्चिम एशिया में जारी युद्ध ने बाजार की चाल को प्रभावित किया है. इस उतार-चढ़ाव के बीच कई बड़े शेयर निवेशकों को निराश कर रहे हैं. पिछले पांच वर्षों में कुछ प्रमुख कंपनियों के स्टॉक्स ने रिटर्न नहीं दिया और निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ा.
Zero and Negative Return in 5 Years: दुनिया भर के शेयर बाजार इन दिनों उतार-चढ़ाव के दौर से गुजर रहे हैं. कोविड महामारी से उबरने के बाद बाजार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ का दबाव झेलना पड़ा. टैरिफ से राहत मिली ही थी कि अब पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध का असर बाजार पर दिखने लगा है. एक संकट से उबरने से पहले ही दूसरा संकट सामने आ जाता है, जिससे कई शेयर बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. बाजार में कुछ ऐसे स्टॉक भी हैं जो महामारी और उसके बाद आए संकटों से अभी तक उबर नहीं पाए हैं.
शेयर बाजार में शुक्रवार, 13 मार्च को कारोबार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई. बीएसई सेंसेक्स करीब 590 अंक गिरकर 75,444.22 के स्तर पर खुला. वहीं, निफ्टी करीब 177 अंक टूटकर 23,462.50 के स्तर पर खुला, जबकि पिछले सत्र में यह 23,639.15 पर बंद हुआ था. इस रिपोर्ट में पांच ऐसे स्टॉक्स के बारे में बताया गया है, जिन्होंने पिछले पांच वर्षों में निवेशकों को निराश किया है. यानी इन कंपनियों के शेयरों ने बिकवाली का दबाव झेला और निवेशकों को खास रिटर्न नहीं दिया.
Vodafone Idea
टेलीकॉम सेक्टर की कंपनी वोडाफोन आइडिया (VI) के शेयरों में पिछले पांच वर्षों में भारी बिकवाली देखने को मिली है. शुक्रवार को भी इसके शेयर में करीब 2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद यह लगभग 9.37 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है. पिछले पांच साल में इसके शेयर 9 फीसदी से अधिक टूट चुके हैं. यानी इस अवधि में निवेशकों को केवल नुकसान ही झेलना पड़ा है.

Infosys
आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी इन्फोसिस के शेयरों में भी हाल के समय में भारी बिकवाली हुई है. मौजूदा समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव से आईटी सेक्टर के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं. पिछले तीन महीनों में इसके शेयर 20 फीसदी से अधिक टूट चुके हैं. शुक्रवार को भी इसमें 3 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद शेयर लगभग 1261 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है. पिछले पांच वर्षों में इसके शेयरों में 8 फीसदी से अधिक की गिरावट आई है.

Wipro
आईटी सेक्टर की एक और प्रमुख कंपनी विप्रो भी हालिया दिनों में AI के प्रभाव से दबाव में रही है. पिछले तीन महीनों में इसके शेयर 23 फीसदी से अधिक टूट चुके हैं. शुक्रवार को विप्रो का शेयर गैपडाउन के साथ खुला और 1.7 फीसदी से अधिक गिरकर लगभग 199 रुपये के आसपास कारोबार करता दिखा. पिछले पांच वर्षों में इसके शेयर ने निवेशकों को करीब -6.84 फीसदी का रिटर्न दिया है, यानी निवेशकों को नुकसान ही हुआ है.

Hindustan Unilever
FMCG सेक्टर की कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर इस सूची में चौथे स्थान पर है. जीएसटी सुधारों के बाद खपत बढ़ने से कंपनी के कारोबार में बढ़ोतरी की उम्मीद थी, लेकिन पिछले छह महीनों में इसके शेयर 15 फीसदी से अधिक टूट चुके हैं. शुक्रवार को हालांकि इसमें 1.69 फीसदी की तेजी दर्ज की गई, जिसके बाद इसके शेयर का भाव करीब 2172 रुपये के आसपास पहुंच गया. पिछले पांच वर्षों में इसके शेयर लगभग 1.51 फीसदी तक टूटे हैं.

Kotak Mahindra Bank
बैंकिंग सेक्टर की कंपनी कोटक महिंद्रा बैंक के शेयरों में भी शुक्रवार को करीब 3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. इसके बाद शेयर का भाव 364 रुपये के स्तर के आसपास पहुंच गया. वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण बैंकिंग सेक्टर के शेयरों पर दबाव साफ दिखाई दे रहा है. पिछले पांच वर्षों में इस शेयर में करीब 6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
Latest Stories
Nifty 1.93% और Sensex 1.78% टूटा, बैंकिंग-मेटल शेयरों में भारी बिकवाली, जानिए बाजार टूटने की 3 बड़ी वजह
Kaynes Technology में BofA की बड़ी एंट्री, खरीदे 42 करोड़ के शेयर, फिर भी 5% से ज्यादा लुढ़का स्टॉक
‘सिर्फ इन 2 लोगों को पता होता है मार्केट का टॉप-बॉटम’, फॉलो करें विजय केडिया के 4 अचूक मंत्र, गिरते बाजार में बनेंगे सहारा
