Nifty IT 13 महीने में 16000 प्वाइंट गिरा, 18 साल बाद भयंकर बिकवाली, फरवरी बना मनहूस महीना; क्यों मची खलबली?
इस बार गिरावट सिर्फ मैक्रो कमजोरी की वजह से नहीं है, बल्कि संभावित टेक्नोलॉजी डिसरप्शन का डर भी बड़ा कारण है. AI स्टार्टअप Anthropic ने दावा किया कि उसका Claude टूल COBOL कोड को आसान और तेज बना सकता है. इससे आईटी कंपनियों की पारंपरिक सर्विस रेवेन्यू पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है.
फरवरी में आईटी सेक्टर के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली है. Nifty IT इंडेक्स इस महीने अब तक 21.41 प्रतिशत टूट चुका है, जो 2008 के ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस के बाद सबसे खराब मंथली गिरावट मानी जा रही है. भारी भरकम शेयर जैसे Infosys, HCLTech और TCS में तेज गिरावट ने पूरे इंडेक्स को नीचे खींच लिया है. वैल्यूएशन कई साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है. 1 जनवरी को निफ्टी आईटी 46200 के करीब था, अब 30,278 पर आ गया है. यानी करीब 16000 अंक निफ्टी आईटी फिसल चुका है.
गिरावट की असली वजह क्या है
इस बार गिरावट सिर्फ मैक्रो कमजोरी की वजह से नहीं है, बल्कि संभावित टेक्नोलॉजी डिसरप्शन का डर भी बड़ा कारण है. AI स्टार्टअप Anthropic ने दावा किया कि उसका Claude टूल COBOL कोड को आसान और तेज बना सकता है. इससे आईटी कंपनियों की पारंपरिक सर्विस रेवेन्यू पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है. इस खबर का असर ग्लोबल टेक शेयरों पर भी दिखा. IBM का शेयर एक ही दिन में 13 प्रतिशत गिर गया, जो करीब 25 साल में उसकी सबसे बड़ी एक दिन की गिरावट मानी जा रही है.
मंगलवार के सत्र में Nifty IT इंडेक्स करीब 6 प्रतिशत टूट गया. Coforge, Persistent Systems और HCLTech में 7 से 8 प्रतिशत तक की गिरावट आई. Infosys, Tech Mahindra, Mphasis और TCS में 4 से 6 प्रतिशत तक की कमजोरी देखी गई.
टेक्निकल संकेत भी कमजोर
वीकली चार्ट पर हेड एंड शोल्डर पैटर्न टूट चुका है. 30918 के 10 महीने के लो के नीचे फिसलने से स्ट्रक्चरल ट्रेंड रिवर्सल की कंफर्मेशन हो गई है. 61.8 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट टूटना और डेथ क्रॉस बनना संकेत देता है कि अब बाय ऑन डिप्स की रणनीति की जगह सेल ऑन राइज की रणनीति हावी है. 29300 से 28700 तक और गिरावट संभव है, जब तक कि खासकर Nasdaq में स्थिरता जैसे मजबूत ग्लोबल संकेत नहीं मिलते.
एक बात ये रही कि इंडेक्स लोअर हाई और लोअर लो का पैटर्न बना रहा है, जो कमजोरी दर्शाता है. 29600 के आसपास तत्काल सपोर्ट है, जबकि 26300 बड़ा सपोर्ट जोन है. ऊपर की ओर 33000 से 34000 के बीच की उछाल पर फिर से बिकवाली आ सकती है.
दर्द या मौका?
आईटी सेक्टर में वैल्यूएशन का डिस्काउंट साफ नजर आ रहा है, लेकिन डर भी उतना ही गहरा है. अगर AI का असर सीमित रहता है तो यह गिरावट लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मौका बन सकती है.
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