Nifty Outlook 11 May: 24,500 पर अटका बाजार, ईरान-अमेरिका तनाव के बीच सोमवार को कैसी रहेगी चाल?

निफ्टी 24,500 के अहम रेजिस्टेंस के करीब संघर्ष कर रहा है, जबकि ईरान-अमेरिका तनाव, कच्चे तेल की कीमतें, FIIs की बिकवाली और Q4 रिजल्ट्स सोमवार के बाजार की दिशा तय कर सकते हैं. जानिए 11 मई को शेयर बाजार का मूड कैसा रह सकता है.

Nifty Outlook Image Credit: FreePik

Nifty Outlook 11 May: भारतीय शेयर बाजार के लिए पिछला कारोबारी सत्र काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा. निफ्टी 24,176 के स्तर पर बंद हुआ, जो ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली का संकेत देता है. अब निवेशकों की नजरें सोमवार, 11 मई के कारोबार पर हैं, जहां वैश्विक तनाव और घरेलू नतीजों के बीच बाजार अपनी दिशा तय करेगा.

रिकवरी के बाद मुनाफावसूली

सैमको सिक्योरिटीज के डेरिवेटिव रिसर्च एनालिस्ट धुपेश धामेजा के अनुसार, निफ्टी ने 24,250 के फाइबोनैचि स्तर (Fibonacci Retracement Levels) के नीचे फिसलकर कमजोरी दिखाई है. हालांकि, इंडेक्स अभी भी 23,800 के अहम सपोर्ट जोन के ऊपर बना हुआ है. इंडिया VIX का गिरकर 16.8 पर आना यह दिखाता है कि अस्थिरता के बावजूद बाजार में एक तरह की स्थिरता लौट रही है.

बाजार के मुख्य आंकड़े:

  • निफ्टी क्लोजिंग: 24,176.15 (-0.62%)
  • अहम सपोर्ट: 24,000 और 23,800
  • अहम रेजिस्टेंस: 24,400 – 24,500
  • PCR (Put-Call Ratio): 0.79 (सावधानी का संकेत)

अगले हफ्ते बाजार के लिए 5 बड़े ट्रिगर्स

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर का मानना है कि भारतीय बाजार पश्चिम एशिया (ईरान-अमेरिका तनाव) के घटनाक्रमों के बीच नेविगेट कर रहे हैं. आने वाले हफ्ते में ये पांच कारक बाजार की चाल तय करेंगे:

  • ईरान-अमेरिका तनाव: होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को लेकर बढ़ता संकट सबसे बड़ा रिस्क है. अमेरिका और ईरान के बीच हवाई हमलों ने अनिश्चितता बढ़ा दी है.
  • कच्चा तेल और रुपया: तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड में 3% का उछाल देखा गया, वहीं रुपया गिरकर 94.47 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है.
  • Q4 रिजल्ट्स का धमाका: अगले हफ्ते भारती एयरटेल, टाटा मोटर्स, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स (HAL), डिक्सन टेक्नोलॉजीज और केनरा बैंक जैसी 400 से अधिक कंपनियां अपने तिमाही नतीजे पेश करेंगी.
  • FII की बिकवाली: विदेशी निवेशकों (FIIs) ने इस साल अब तक ₹2.50 लाख करोड़ की भारी बिकवाली की है. हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹3.11 लाख करोड़ की खरीदारी कर बाजार को संभाला है.
  • महंगाई के आंकड़े: भारत और अमेरिका के मुद्रास्फीति (Inflation) के आंकड़े आने वाले हैं, जो आरबीआई के ब्याज दरों पर फैसले को प्रभावित करेंगे.

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सोमवार के लिए रणनीति

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक निफ्टी 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर है, तब तक स्ट्रक्चर सकारात्मक बना रहेगा. 24,500 के ऊपर निकलते ही बाजार में 24,750 से 25,000 की नई तेजी आ सकती है. लेकिन अगर यह 24,000 के नीचे फिसला, तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है. मिडकैप और स्मॉलकैप में अभी भी चुनिंदा खरीदारी के मौके बने हुए हैं. निवेशकों को अभी ‘स्टॉक-स्पेसिफिक’ अप्रोच अपनानी चाहिए.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.