घाटे से मुनाफे में लौटी MobiKwik, रेवेन्यू बढ़ा, फिर भी 8 फीसदी से ज्यादा टूटे शेयर; रडार पर रखें स्टॉक

कंपनी ने इसे लगातार दूसरी मुनाफे वाली तिमाही बताया है, जो पेमेंट्स और फाइनेंशियल सर्विसेज बिजनेस में बेहतर प्रदर्शन का संकेत माना जा रहा है. हालांकि, कंपनी के शेयरों में 8 फीसदी से ज्यादा की गिरावट के बाद 208 रुपये पर आ गए. MobiKwik का ऑपरेशंस से रेवेन्यू Q4FY26 में सालाना आधार पर 7.81 फीसदी बढ़कर 288.71 करोड़ रुपये पहुंच गया.

बड़ी बिकवाली. Image Credit: Canva

फिनटेक कंपनी One MobiKwik Systems ने Q4FY26 के नतीजों में मजबूत वापसी दर्ज की है. कंपनी ने मार्च 2026 तिमाही में 4.38 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी को 56.03 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था. कंपनी ने इसे लगातार दूसरी मुनाफे वाली तिमाही बताया है, जो पेमेंट्स और फाइनेंशियल सर्विसेज बिजनेस में बेहतर प्रदर्शन का संकेत माना जा रहा है. हालांकि, कंपनी के शेयरों में 8 फीसदी से ज्यादा की गिरावट के बाद 208 रुपये पर आ गए.

रेवेन्यू में 8 फीसदी की बढ़ोतरी

MobiKwik का ऑपरेशंस से रेवेन्यू Q4FY26 में सालाना आधार पर 7.81 फीसदी बढ़कर 288.71 करोड़ रुपये पहुंच गया. पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 267.78 करोड़ रुपये था. कंपनी के मुताबिक पेमेंट्स बिजनेस में मजबूत ग्रोथ और UPI ट्रांजैक्शन में तेजी आने से रेवेन्यू को सपोर्ट मिला.

EBITDA में बड़ा सुधार

कंपनी का EBITDA Q4FY26 में 17.4 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में EBITDA स्तर पर 45.8 करोड़ रुपये का घाटा था. यह लगातार दूसरी तिमाही रही जब कंपनी EBITDA स्तर पर मुनाफे में रही. FY26 के दौरान कंपनी का EBITDA करीब ब्रेकईवन स्तर तक पहुंच गया और पूरे साल में इसमें 74.2 करोड़ रुपये का सुधार दर्ज किया गया. इससे संकेत मिलता है कि कंपनी खर्च नियंत्रण और बिजनेस स्केलिंग के बीच बेहतर संतुलन बना रही है.

UPI बिजनेस में तेज ग्रोथ

कंपनी ने बताया कि वह भारत के UPI इकोसिस्टम में दूसरी सबसे तेजी से बढ़ने वाली TPAP यानी Third-Party Application Provider रही. Q4FY26 के दौरान कंपनी के UPI ट्रांजैक्शन में 170 फीसदी सालाना बढ़ोतरी दर्ज हुई, जो इंडस्ट्री औसत से करीब 6.5 गुना ज्यादा रही. वहीं कंपनी का Payments GMV बढ़कर 52,400 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले साल की समान तिमाही के 33,100 करोड़ रुपये के मुकाबले 58 फीसदी ज्यादा है.

अगले दो साल में किन बिजनेस पर फोकस?

मैनेजमेंट के अनुसार कंपनी अगले दो साल में अपने मुख्य बिजनेस को मजबूत करने के साथ चार नए ग्रोथ इंजन पर काम करेगी. इनमें ऑफलाइन मर्चेंट एक्वायरिंग, ऑनलाइन मर्चेंट एक्वायरिंग, NBFC के जरिए लेंडिंग बिजनेस और AI आधारित टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन शामिल हैं. कंपनी का कहना है कि उसके मुख्य बिजनेस से मिलने वाला मार्जिन इन नए बिजनेस विस्तार में निवेश के लिए इस्तेमाल होगा.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.