Closing Bell: सेंसेक्स 1500 अंक टूटकर और Nifty 23400 के नीचे बंद, निवेशकों के 10 लाख करोड़ स्वाहा, जानें- क्यों आई गिरावट
Closing Bell: लगातार चौथे सत्र में भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई. निवेशकों के लाखों करोड़ रुपये एक ही सेशन में स्वाहा हो गए. लंबे समय से चल रहे ईरान संघर्ष के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति में और अधिक रुकावट आने की आशंकाओं ने निवेशकों को सतर्क बनाए रखा.
Closing Bell: मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ खुले. सेंसेक्स और निफ्टी में और गिरावट देखने को मिली, क्योंकि रुपया अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया. वहीं, तेल की कीमतें ऊंची बनी रहीं, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ‘बेकार’ शांति प्रस्ताव को ठुकरा दिया और चेतावनी दी कि संघर्ष-विराम की स्थिति बेहद नाजुक है.
सेंसेक्स 1,456 अंक या 1.92% गिरकर 74,559.24 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 436 अंक या 1.83% गिरकर 23,379.55 पर बंद हुआ. निफ्टी मिडकैप 150 इंडेक्स 2.53% गिरा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 250 इंडेक्स 3% लुढ़क गया.
टॉप लूजर्स
Tech Mahindra, HCL Tech, TCS और Infosys जैसे IT स्टॉक्स Sensex पर सबसे अधिक गिरने वाले स्टॉक्स में शामिल थे. Adani Ports और Titan के शेयर भी लगभग 4% गिर गए.
सेक्टोरल इंडेक्स
सभी प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स भारी गिरावट के साथ बंद हुए. इनमें Nifty Realty सबसे आगे रहा, जो 4 फीसदी गिरा, इसके बाद Nifty IT और Nifty Consumer Durables रहे, जो क्रमशः 3.75% और 3.59% गिरे.
10 लाख करोड़ का नुकसान
मंगलवार को ही निवेशकों को करीब 10 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, क्योंकि 11 मई को BSE में लिस्टेड कंपनियों का m-cap 467.3 लाख करोड़ रुपये था.
शेयर बाजार में क्यों आई गिरावट?
कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी: ब्रेंट क्रूड, जो वैश्विक तेल का बेंचमार्क है, 2.45 फीसदी बढ़कर 106.75 USD प्रति बैरल हो गया. कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारत के लिए नेगेटिव मानी जाती हैं, क्योंकि भारत अपनी तेल की जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है. इन कीमतों से महंगाई का दबाव बढ़ सकता है और विकास तथा कॉरपोरेट कमाई पर असर पड़ सकता है.
US-ईरान तनाव: US-ईरान संघर्ष को लेकर नई चिंताओं के बीच निवेशकों का मूड कमजोर बना रहा. US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ईरान के साथ संघर्ष-विराम अपनी ‘सबसे कमजोर’ स्थिति में है और बड़े पैमाने पर जीवन-रक्षक सहारे (massive life support) पर टिका है.
यह बयान उन्होंने तेहरान के उस प्रस्ताव को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताकर खारिज करने के एक दिन बाद दिया, जिसमें महीनों से चल रहे युद्ध को खत्म करने की बात कही गई थी. बाजार विशेषज्ञों ने कहा कि लंबे समय से चल रहे इस संघर्ष के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति में और अधिक रुकावट आने की आशंकाओं ने निवेशकों को सतर्क बनाए रखा.
IT शेयरों में भारी बिकवाली का दबाव: मंगलवार को IT शेयरों पर भारी बिकवाली का दबाव देखा गया, जिससे Nifty IT इंडेक्स 3.7 फीसदी गिरकर मई 2023 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया. बिकवाली का यह भारी दबाव OpenAI के उस बयान के एक दिन बाद सामने आया, जिसमें उसने कहा था कि वह एक नई कंपनी शुरू कर रहा है, जिसे 4 अरब USD से अधिक का समर्थन प्राप्त है. इस कंपनी का उद्देश्य संगठनों को AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) बनाने और उसे लागू करने में मदद करना है.
रुपये में गिरावट: कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को लेकर चिंताओं के बीच रुपया 35 पैसे गिरकर US डॉलर के मुकाबले 95.63 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया. इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में, रुपया डॉलर के मुकाबले 95.57 पर खुला और बाद में और फिसलकर 95.63 पर पहुंच गया, जो उसके पिछले बंद भाव से 35 पैसे कम था.
लगातार FII बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने सोमवार को 8,437.56 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. विदेशी फंडों द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली बाजार के मूड पर असर डालती है और घरेलू शेयरों से भारी निकासी के कारण बेंचमार्क इंडेक्स पर दबाव बनाती है.
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