Nifty Outlook April 10: किस लेवल पर है इमिडिएट सपोर्ट जोन, लोअर टॉप्स और बॉटम्स क्या दे रहे संकेत?

बुधवार को जबरदस्त तेजी देखने के बाद, US और Iran के बीच हालिया सीजफायर को लेकर चिंताओं के चलते Nifty में कमजोरी आई और Nifty 222 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ. निफ्टी50 लगभग 1% फिसल गया, जिससे इसकी हाल की कुछ बढ़त चली गई. शुक्रवार को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, आइए एक्सपर्ट्स से जान लेते हैं.

निफ्टी आउटलुक Image Credit: Canva

भारतीय शेयर बाजार अपनी पिछली तेजी को बरकरार नहीं रख सका और शुक्रवार को टूट गया. पश्चिम एशिया में फिर से बढ़े तनाव ने एक नाज़ुक संघर्ष-विराम पर संदेह पैदा कर दिया. वहीं कच्चे तेल की कीमतों ने फिर से ऊपर की ओर बढ़ना शुरू कर दिया, जिसके चलते प्रमुख इंडेक्स की लगातार पांच दिनों की बढ़त का सिलसिला टूट गया. निफ्टी50 लगभग 1% फिसल गया, जिससे इसकी हाल की कुछ बढ़त चली गई. शुक्रवार को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, आइए एक्सपर्ट्स से जान लेते हैं.

सीमित दायरे में घूमता रहा इंडेक्स

HDFC Securities के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट, नागराज शेट्टी ने आज के मार्केट परफॉर्मेंस पर अपनी राय दी है. उन्होंने कहा कि बुधवार को जबरदस्त तेजी देखने के बाद, US और Iran के बीच हालिया सीजफायर को लेकर चिंताओं के चलते Nifty में कमजोरी आई और Nifty 222 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ. कमजोर शुरुआत के बाद, सेशन के शुरुआती हिस्से में मार्केट में और ज्यादा कमजोरी आई. बाद में, सेशन के बीच से लेकर आखिर तक यह एक सीमित दायरे में घूमता रहा और अपने निचले स्तरों के करीब बंद हुआ. बुधवार को खुलने के समय जो बड़ा गैप-अप (ऊपर की ओर गैप) बना था, अब वह नीचे की ओर से टूटना शुरू हो गया है और यह गैप अभी भी खुला है, लेकिन आंशिक रूप से भर गया है.

अहम ऊपरी रेजिस्टेंस

गुरुवार को डेली चार्ट पर एक छोटी सी नेगेटिव कैंडल बनी, जो बुधवार की बुल कैंडल के ठीक बगल में थी. मार्केट की यह हलचल, तेजी से ऊपर जाने के बाद मार्केट में कंसोलिडेशन (स्थिरता) आने का संकेत देती है. ‘लोअर टॉप्स और बॉटम्स’ जैसे बेयरिश चार्ट पैटर्न अब बेअसर होते दिख रहे हैं, और मौजूदा कंसोलिडेशन/कमजोरी से बुलिश पैटर्न का एक नया ‘हायर बॉटम’ बनने की उम्मीद है.

मार्केट में शॉर्ट-टर्म तेजी का रुख अभी भी बरकरार है. उम्मीद है कि अगले कुछ सेशन में Nifty को 23500 के निचले स्तरों के आसपास सपोर्ट मिलेगा, जिसके बाद यह ‘हायर लो’ से फिर से ऊपर की ओर उछलेगा. 24000 के आसपास के अहम ऊपरी रेजिस्टेंस (रुकावट) पर नजर रखने की जरूरत है.

बेयरिश कैंडल

बजाज ब्रोकिंग रिसर्च के अनुसार, इंडेक्स ने एक ‘बेयरिश कैंडल’ बनाई, जिसमें ‘लोअर हाई’ और ‘लोअर लो’ बना. यह पिछले 4 सेशन में 1800 पॉइंट की तेजी के बाद ‘प्रॉफिट बुकिंग’ का संकेत है. Q4FY26 की कमाई का सीजन शुरू होने के साथ-साथ, आने वाले सेशन में Nifty के 24,000-23,100 की रेंज में स्थिर रहने की संभावना है, जिसमें कुछ खास शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है. ऊपरी तरफ, 24,000 के लेवल से ऊपर जाने पर ही आने वाले हफ्तो में Nifty के 24,300 और 24,700 के लेवल तक पहुंचने की संभावना बनेगी.

Nifty को 23,450-23,100 के लेवल पर तुरंत सपोर्ट मिल रहा है. यह बुधवार के ‘गैप एरिया’ और 20-दिनों के EMA का कंफ्लुएंस पॉइंट है. अगर इंडेक्स इस लेवल से ऊपर बना रहता है, तो मौजूदा ‘पुलबैक ट्रेंड’ जारी रहेगा. अनिश्चित वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की मजबूत कीमतों और चल रहे भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण, निकट भविष्य में बाजार में उतार-चढ़ाव (Volatility) ज्यादा रहने की उम्मीद है. निचली तरफ, शॉर्ट टर्म सपोर्ट 22,700–22,500 की जोन में है. यह मौजूदा हफ्ते के सबसे निचले स्तर और पिछले चार सेशन के ‘पुलबैक’ के 61.8% ‘रिट्रेसमेंट’ के साथ मेल खाता है.

इमिडिएट सपोर्ट जोन

SBI सिक्योरिटीज के टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च हेड, सुदीप शाह ने कहा कि आगे चलकर, 23880–23900 का जोन इंडेक्स के लिए एक अहम रेजिस्टेंस का काम कर सकता है. 23900 के ऊपर लगातार बढ़त से पुलबैक रैली 24050 तक बढ़ सकती है, जिसके बाद कम समय में यह 24200 तक जा सकती है. दूसरी ओर, 23630–23600 का जोन इंडेक्स के लिए इमिडिएट सपोर्ट जोन का काम करेगा.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.

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