Nifty Outlook 29 April: निफ्टी 24,200 के नीचे फिसला, एक्सपायरी के दबाव ने रोकी रफ्तार, जानें ट्रेडिंग प्लान
निफ्टी 24,200 के अहम रेजिस्टेंस के नीचे दबाव में बना हुआ है और एक्सपायरी के चलते बाजार में उतार-चढ़ाव जारी है. एक्सपर्ट्स के अनुसार इंडेक्स फिलहाल एक सीमित दायरे में ट्रेड कर रहा है, जहां 23,800 सपोर्ट और 24,200 रेजिस्टेंस बना हुआ है, जिससे दिशा साफ नहीं है.

Nifty Outlook 29 April: भारतीय शेयर बाजार में हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन यानी 28 अप्रैल को सुस्ती और उतार-चढ़ाव का बोलबाला रहा. सोमवार की शानदार रिकवरी के बाद, मंगलवार को बाजार अपनी बढ़त बरकरार रखने में नाकाम रहा. मंथली एक्सपायरी के चलते बाजार में भारी उतार-चढ़ाव (Volatility) देखा गया, जिससे निफ्टी 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के ठीक नीचे बंद हुआ. अंत में निफ्टी 0.40% या 96.30 अंक गिरकर 23,995.70 के स्तर पर स्थिर हुआ.
बाजार में इस गिरावट की मुख्य वजह बैंकिंग शेयरों में बिकवाली और वैश्विक दबाव रहे. इसके अलावा, निवेशकों की नजरें अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर आने वाले फैसले पर टिकी हैं, जिससे बाजार में सतर्कता का माहौल बना हुआ है.
रेगुलेटरी सख्ती और ग्लोबल टेंशन ने बिगाड़ा सेंटिमेंट
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर के मुताबिक, घरेलू बाजार पर रेगुलेटरी सख्ती और जियोपॉलिटिकल (भू-राजनीतिक) तनाव का असर साफ दिख रहा है. बैंकिंग शेयरों में गिरावट की बड़ी वजह आरबीआई (RBI) का नया क्रेडिट लॉस फ्रेमवर्क और एसेट क्लासिफिकेशन नियम हैं, जिससे बैंकों को भविष्य में ज्यादा प्रोविजनिंग करनी पड़ सकती है.
साथ ही, जापान के केंद्रीय बैंक (BoJ) का सख्त रुख और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतों में उछाल ने भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए ‘इम्पोर्टेड इन्फ्लेशन’ का खतरा बढ़ा दिया है. विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली और रुपये की कमजोरी ने भी निवेशकों के भरोसे को कम किया है.
तकनीकी चार्ट पर क्या संकेत है?
सैमको सिक्योरिटीज के डेरिवेटिव्स रिसर्च एनालिस्ट धुपेश धामेजा ने बताया कि निफ्टी फिलहाल 24,200-24,250 के रेजिस्टेंस जोन के नीचे ट्रेड कर रहा है. यह स्तर 50-DEMA के करीब है, जो बाजार के लिए एक बड़ी बाधा बना हुआ है. डेटा के लिहाज से देखें तो पुट-कॉल रेशियो (PCR) 0.78 के स्तर पर है, जो बाजार में सावधानी बरतने का संकेत दे रहा है.
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी का मानना है कि भले ही बाजार में आज कमजोरी दिखी, लेकिन शॉर्ट-टर्म अपट्रेंड अभी भी बरकरार है. उनके अनुसार, निफ्टी ने 24 अप्रैल को 23,813 पर एक ‘हायर बॉटम’ बनाया है, जो सकारात्मक संकेत है.
कल (29 अप्रैल) कैसा रहेगा बाजार का मूड?
बुधवार के कारोबारी सत्र के लिए जानकारों ने सधी हुई रणनीति अपनाने की सलाह दी है:
- अहम रेजिस्टेंस: बाजार के लिए 24,200-24,300 का स्तर पार करना सबसे जरूरी है. जब तक निफ्टी इसके ऊपर क्लोजिंग नहीं देता, तब तक बड़ी तेजी की उम्मीद कम है.
- मजबूत सपोर्ट: नीचे की ओर 23,750-23,700 एक महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन है. अगर निफ्टी इस स्तर को तोड़ता है, तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है.
- रणनीति: एक्सपर्ट्स के मुताबिक, फिलहाल बाजार एक सीमित दायरे (Range-bound) में है. ऐसे में रेजिस्टेंस के पास ‘बिकवाली’ और सपोर्ट के पास ‘खरीदारी’ (Buy on Dips) की रणनीति सबसे बेहतर रहेगी.
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कुल मिलाकर, कल का बाजार काफी हद तक ग्लोबल संकेतों और 23,800 के सपोर्ट लेवल पर निर्भर करेगा. यदि बुल्स 24,200 के स्तर को चुनौती देने में सफल रहते हैं, तो ही बाजार में दोबारा रौनक लौटेगी.
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