इस ग्लोबल स्टैंडर्ड इंडेक्स हटेंगे वेदांता के शेयर, डीमर्जर के बाद उठाया गया कदम; शेयरहोल्डर्स के लिए क्या है मतलब?
वेदांता एल्युमीनियम के शेयर लिस्ट में एकमात्र लार्ज-कैप के तौर पर शामिल हुए हैं. अनिल अग्रवाल के ग्रुप ने अप्रैल में घोषणा की थी कि हर योग्य शेयरहोल्डर को रिकॉर्ड डेट पर उनके पास मौजूद हर वेदांता शेयर के बदले चार कंपनियों में से हर एक का एक-एक शेयर मिलेगा.
वेदांता का बड़ा डीमर्जर पूरा होने के बाद अनिल अग्रवाल की अगुवाई वाली कंपनी के शेयर 22 जून से MSCI ग्लोबल स्टैंडर्ड इंडेक्स से हटा दिए जाएंगे. MSCI ने मंगलवार को घोषणा की कि ग्रुप के डीमर्जर के बाद बची हुई वेदांता कंपनी को स्पिन-ऑफ के बाद उसके स्टैंडर्ड और लार्ज-कैप इंडेक्स से हटा दिया जाएगा.
पांच अलग-अलग कंपनियां
यह कदम मूल वेदांता (जिसे पहले MSCI ट्रैक करता था) के पांच अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों में बंटने के बाद उठाया गया है, जिससे बची हुई वेदांता का मार्केट कैपिटलाइजेशन काफी कम हो गया है. इस बड़े डीमर्जर का आखिरी चरण सोमवार को पूरा हुआ, जब चार नए बने बिजनेस – वेदांता एल्युमीनियम, वेदांता पावर, वेदांता ऑयल एंड गैस और वेदांता आयरन एंड स्टील – ने एक स्पेशल प्री-ओपन सेशन के बाद BSE और NSE पर स्टॉक मार्केट में एंट्री की.
वेदांता डीमर्जर
वेदांता एल्युमीनियम के शेयर लिस्ट में एकमात्र लार्ज-कैप के तौर पर शामिल हुए हैं. इसने BSE पर 527 रुपये प्रति शेयर के भाव से एंट्री की और इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 2.06 लाख करोड़ रुपये रहा, जो इसकी मूल कंपनी वेदांता से भी अधिक है. वेदांता पावर ने 41.30 रुपये प्रति शेयर के भाव से एंट्री की, जबकि वेदांता ऑयल एंड गैस और वेदांता आयरन एंड स्टील क्रमशः 39 रुपये और 22 रुपये प्रति शेयर के भाव पर लिस्ट हुए.
बड़ा कॉरपोरेट रीस्ट्रक्चरिंग
अनिल अग्रवाल के ग्रुप ने अप्रैल में घोषणा की थी कि हर योग्य शेयरहोल्डर को रिकॉर्ड डेट पर उनके पास मौजूद हर वेदांता शेयर के बदले चार कंपनियों में से हर एक का एक-एक शेयर मिलेगा. यह मेटल और माइनिंग सेक्टर में भारत के सबसे बड़े कॉरपोरेट रीस्ट्रक्चरिंग में से एक है.
वेदांता ने इस बहुप्रतीक्षित डीमर्जर के लिए 1 मई को रिकॉर्ड डेट तय की थी. हालांकि वेदांता के शेयर रीस्ट्रक्चरिंग के हिसाब से पहले ही एडजस्ट हो चुके थे, लेकिन निवेशक चार अलग हुई कंपनियों की लिस्टिंग का इंतजार कर रहे थे.
शेयरहोल्डर्स के लिए इसका क्या मतलब है?
ईटी ने नुवामा के एक नोट के हवाले से बताया कि वेदांता, MSCI इमर्जिंग मार्केट्स इंडेक्स का हिस्सा थी और उसका वेटेज लगभग 78 bps था, साथ ही वह FTSE इंडेक्स में भी लगभग 77 bps वेटेज के साथ शामिल थी. उसे उम्मीद थी कि वेदांता एल्युमीनियम को छोड़कर वेदांता की सभी कंपनियों को इंडेक्स से हटा दिया जाएगा या कट-ऑफ के आधार पर MSCI के स्मॉल-कैप इंडेक्स में शामिल किया जा सकता है.
ऑटो-एडजस्ट होगा वेटेज
ब्रोकरेज को उम्मीद है कि FTSE वेदांता के वेटेज को ऑटो-एडजस्ट करेगा और वेदांता तथा वेदांता एल्युमीनियम को इंडेक्स में बनाए रखेगा. इसमें कहा गया है, ‘अलग हुई दूसरी कंपनियों के साथ कैसा बर्ताव किया जाएगा, यह तय नहीं है. इंडेक्स के नियमों के आधार पर, उन्हें कम वेटेज के साथ कुछ समय के लिए बनाए रखा जा सकता है या बाद में बाहर किया जा सकता है.’
आमतौर पर इंडेक्स में इस तरह के बदलावों से शेयर की कीमत में उतार-चढ़ाव आता है. दोपहर में वेदांता के शेयरों में 2 फीसदी से अधिक की गिरावट आई और वे 296 रुपये प्रति शेयर से नीचे ट्रेड करने लगे.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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