Nifty Outlook May 6: किस लेवल पर पुट बेस सपोर्ट, कैसा है सेटअप; जानें- बुधवार को कैसी रह सकती है निफ्टी की चाल
दिन के दूसरे हिस्से में इंडेक्स में थोड़ी रिकवरी हुई, लेकिन यह अपनी बढ़त बनाए रखने में नाकाम रहा और 86.50 अंक या 0.36 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,032.80 पर बंद हुआ. बुधवार को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, ये एक्सपर्ट्स से जान लीजिए.

Nifty Outlook May 6: मंगलवार को एक उतार-चढ़ाव भरे सत्र में, इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी कमजोर वैश्विक संकेतों और बढ़ती भू-राजनीतिक चिंताओं के दबाव में नीचे बंद हुए. निफ्टी की शुरुआत धीमी रही और शुरुआती कारोबार में इसमें तेजी से गिरावट आई, और यह कुछ समय के लिए 23,900 के स्तर से नीचे भी फिसल गया. दिन के दूसरे हिस्से में इंडेक्स में थोड़ी रिकवरी हुई, लेकिन यह अपनी बढ़त बनाए रखने में नाकाम रहा और 86.50 अंक या 0.36 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,032.80 पर बंद हुआ. बुधवार को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, ये एक्सपर्ट्स से जान लीजिए.
निचले स्तर से ऊपर बंद
HDFC Securities के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी ने मार्केट परफॉर्मेंस पर अपनी राय शेयर की है. उन्होंने कहा कि मंगलवार को मार्केट में उतार-चढ़ाव जारी रहा. निफ्टी ने इंट्राडे के निचले स्तरों से फिर से रिकवरी की, लेकिन दिन के आखिर में 86 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ. नेगेटिव शुरुआत के बाद, सेशन के शुरुआती हिस्से में मार्केट में और कमजोरी देखने को मिली. सेशन के बीच में 23900 के स्तरों के आस-पास से धीरे-धीरे रिकवरी हुई, और आखिरकार निफ्टी अपने निचले स्तरों से ऊपर उठकर बंद हुआ.
बिकवाली का दबाव
SAMCO सिक्योरिटीज में डेरिवेटिव्स रिसर्च एनालिस्ट, धूपेश धमेजा ने कहा कि निफ्टी इंडेक्स में थोड़ी रिकवरी देखने को मिली और यह 24,119.30 (+0.51%) पर बंद हुआ, लेकिन इसका ओवरऑल स्ट्रक्चर अभी भी एक सीमित दायरे में रहने का संकेत दे रहा है, जहां ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव बना हुआ है.
डेली चार्ट पर, इंडेक्स 0.50 फिबोनाची जोन (24,200–24,250) के आस-पास घूम रहा है, जो 50-DEMA के साथ मेल खाता है. यह इसे एक अहम रेजिस्टेंस क्लस्टर बनाता है, जहां बार-बार रिजेक्शन मिलना इस बात का संकेत है कि आगे मजबूत खरीदारी का अभाव है.
मजबूत रुझान की कमी
उन्होंने कहा कि निचले स्तरों पर, 0.382 फिबोनाची सपोर्ट (23,770–23,750) मजबूती से बना हुआ है, जो लगातार मांग को दर्शाता है और कीमतों में बड़ी गिरावट को रोकता है. कीमतों का स्ट्रक्चर एक तय दायरे के अंदर ही ऊपर-नीचे होता रह रहा है, जिसमें न तो बुल्स (खरीदार) और न ही बेयर्स (विक्रेता) को कोई स्पष्ट बढ़त मिल पा रही है. बाजार की गति धीमी बनी हुई है, RSI लगभग 52 के आस-पास है, जो एक न्यूट्रल सेटअप और किसी भी दिशा में मजबूत रुझान की कमी को दर्शाता है.
पुट बेस सपोर्ट
धूपेश धमेजा ने आगे बताया कि डेरिवेटिव्स के नजरिए से देखें, तो 0.61 के आस-पास का PCR एक सतर्क से लेकर मंदी वाले रुझान का संकेत देता है, जबकि 24,200–24,300 के स्तर पर जोरदार कॉल राइटिंग कीमतों को ऊपर जाने से रोक रही है और 24,000–23,800 के स्तर पर पुट बेस सपोर्ट को और मजबूत कर रहा है.
इस बीच, India VIX का 18 के आस-पास बने रहना यह दर्शाता है कि बाजार में उतार-चढ़ाव (Volatility) नियंत्रित है, जो किसी एक दिशा में तेज चाल के बजाय कीमतों के एक सीमित दायरे में रहने वाले मूवमेंट को बढ़ावा देता है.
रेजिस्टेंस जोन
स्ट्रक्चर के लिहाज से, जब तक इंडेक्स 24,300 के रेजिस्टेंस जोन को निर्णायक रूप से तोड़कर ऊपर नहीं निकल जाता, तब तक तेजी आने पर बिकवाली का दबाव बने रहने की संभावना है, जिससे ‘Sell-on-Rise’ (तेजी आने पर बेचने) की रणनीति ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकती है. इस दायरे के किसी भी तरफ होने वाला ब्रेकआउट ही बाजार की अगली दिशा तय करने के लिए अहम साबित होगा.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.